Income Tax Savings Tips: हर कोई टैक्स बचाने के लिए अलग-अलग तरीके ढूंढता है। अगर आप भी कोई ऐसा तरीका ढूंढ रहे हैं जिससे आप बेहद आसानी से टैक्स बचा पाएं तो ऐसे कई सारे टूल्स हैं जिनकी आप मदद ले सकते हैं।
टैक्स बचाने में प्लानिंग का ही सारा रोल है। सही प्लानिंग आपकी सैलरी पर लगने वाले टैक्स को कम कर सकती या शून्य भी कर सकती है।

इन्वेस्टमेंट टूल्स का उठाएं फायदा
इसके लिए आपको अपना सैलरी स्ट्रक्चर भी ऐसा रखना होगा, जिसमें टैक्स का दायरा ज्यादा ना हो। इसके अलावा आप रीइम्बर्समेंट का ज्यादा फायदा उठा पाएं।
अगर आपकी सैलरी 12 लाख रुपए है और आप रिइम्बर्समेंट और इन्वेस्टमेंट टूल्स का पूरा फायदा लेते हैं तो आपकी सैलरी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
सैलरी स्ट्रक्चर का भी रखें ध्यान
टैक्स बचाने के लिए HRA का भी ऑप्शन होता है। इसके अलावा सैलरी स्ट्रक्चर को बदलने के लिए रिक्वेस्ट अपनी कंपनी HR से भी कर सकते हैं।
रीइम्बर्समेंट में कन्वेंस, LTA, ब्रॉडबैंड बिल, एंटरटेनमेंट, पेट्रोल बिल्स और एंटरटेनमेंट या फूड-कूपंस भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। आप इन सबकी मदद से टैक्स बचाया सकते हैं।
इसके अलावा 6 लाख रुपए की बेसिक सैलरी पर 60 हजार रुपए LTA मिलता है। यानी सालाना एवरेज देखें तो 30 हजार रुपए पर टैक्स छूट ली जा सकती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एलटीए का फायदा 4 साल में दो बार लिया जा सकता है।
आपको एचआरए का भी फायदा मिल सकता है। मेट्रो शहर में बेसिक सैलरी का 50% और नॉन मेट्रो शहर में बेसिक सैलरी का 40% तक HRA क्लेम करने की छूट होती है।
कुल रेंट में से बेसिक सैलरी का 10 फीसदी घटाने पर जो राशि बचती है, उतना HRA क्लेम किया जा सकता है। इसपर भी आपको टैक्स छूट मिलती है।
रीइम्बर्समेंट का फायदा उठाने के लिए आप कन्वेंस अलाउंस, ब्रॉडबैंड बिल, एंटरटेनमेंट अलाउंस, यूनीफॉर्म, बुक्स या पेट्रोल बिल्स का भी सहारा ले सकते हैं।
इनकम टैक्स एक्ट में कुछ डिडक्शन मिलते हैं, जो टैक्सेबल सैलरी को कम करने में मदद करते हैं। जैसे बेसिक इनकम छूट, स्टैंडर्ड डिडक्शन, सेक्शन 80C जिसके अनुसार, 1.50 लाख रुपए तक के निवेश पर टैक्स छूट पा हासिल कर सकते हैं।
इसमें EPF, PPF, सुकन्या समृद्धि योजना, NPS, बच्चे की ट्यूशन फीस, LIC, होम लोन प्रिंसिपल जैसे टूल्स आते हैं।
इसके अलावा सेक्शन 80CCD(1B) में NPS में अतिरिक्त 50 हजार रुपए के निवेश का फायदा मिलता है।
वहीं, सेक्शन 80D में हेल्थ इंश्योरेंस लेकर 25 हजार रुपए तक टैक्स बचा सकते हैं। इसके अलावा पैरेंट्स के हेल्थ इंश्योरेंस पर भी 25 हजार रुपए तक टैक्स छूट ले सकते हैं। इसमें कुल डिडक्शन 50 हजार रुपए तक हो सकता है।
आपको बता दें कि HRA में 1.80 लाख रुपए तक टैक्स छूट मिलेगी और सारे रीइम्बर्समेंट को जोड़कर देखें तो कुल 1.98 लाख रुपए का रीइम्बर्समेंट मिलेगा।
वहीं, डिडक्शन में कुल 3 लाख रुपए का डिडक्शन मिलेगा और लीव ट्रैवल अलाउंस (LTA) 30 हजार रुपए की टैक्स छूट मिलेगी। यानी आपकी कुल सैलरी से 7.08 लाख रुपए पर टैक्स नहीं लगेगा।
अगर आपकी कुल सालाना सैलरी 12 लाख रुपए है तो इसमें से 7.08 लाख रुपए पर टैक्स नहीं लगेगा।
वहीं, अब टैक्सेबल सैलरी बची 4.92 लाख रुपए है। अब यहां आएगा इनकम टैक्स का एक और नियम आता है।
आपको बता दें कि टैक्सेबल सैलरी 5 लाख रुपए से कम है तो सेक्शन 87A के तहत रिबेट पर मिलेगी।
2.5 लाख से 5 लाख रुपए तक की सैलरी पर 5 फीसदी टैक्स है, लेकिन अगर कुल टैक्सेबल सैलरी 5 लाख से कम है तो 2.5 लाख रुपए पर 12,500 रुपए की रिबेट मिलेगी और इसके बाद बचे हुए 2.50 लाख रुपए को बेसिक एग्जम्पशन छूट के दायरे में रखा जाएगा। इस तरह आपकी पूरी सैलरी टैक्स फ्री हो जाएगी।
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