ITR Filing: देशभर में लोग अब आईटीआर फाइल करना शुरू कर चुके हैं। इनकम टैक्स विभाग ने आईटीआर भरने की आखिरी तारीख 15 सितंबर तक बढ़ा दी है। समय पर आईटीआर फाइल करने से आप जुर्माने और दूसरी परेशानियों से बच सकते हैं। कई लोग अपना रिफंड मिलने का भी इंतजार कर रहे हैं, कुछ को जल्दी रिफंड मिल जाता है तो कुछ को इसमें थोड़ा समय लगता है।

दरअसल, टैक्सपेयर्स के लिए अपना आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करना जरूरी होता है। ITR फाइल करने के बाद इनकम टैक्स विभाग की तरफ से अप्रूवल का इंतजार करना पड़ता है। इसी से पता चलता है कि आपको टैक्स देना बाकी है या आपको रिफंड मिलेगा। जब तक अप्रूवल नहीं आता, रिफंड नहीं मिलता।
ITR फाइल करने के कब मिलता है रिफंड?
पिछले साल खुद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि टेक्नोलॉजी की मदद से अब इनकम टैक्स रिफंड जल्दी मिलने लगा है। पहले 2013-14 में रिफंड मिलने में औसतन 93 दिन लगते थे, लेकिन अब यह समय घटकर करीब 10 दिन रह गया है। हालांकि उन्होंने ये भी साफ किया था कि हर किसी को 10 दिन में रिफंड नहीं मिलता, ये सिर्फ औसत समय है, कोई गारंटी नहीं।
जानकारों के मुताबिक, आमतौर पर ITR फाइल करने के 20 दिन बाद रिफंड आना शुरू हो जाता है। लेकिन नियम के हिसाब से असेसमेंट ईयर खत्म होने के 9 महीने के भीतर कभी भी रिफंड मिल सकता है।
रिफंड न मिलने की वजह
रिफंड अटकने की कई वजह हो सकती हैं। सिर्फ इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना काफी नहीं है, आपको उसे ई-वेरिफाई भी करना जरूरी है। जब तक आप ITR को ई-वेरिफाई नहीं करेंगे, रिटर्न प्रोसेस नहीं होगा। ई-वेरिफिकेशन के बाद आमतौर पर 4-5 हफ्ते में रिफंड आ जाता है।
इसके अलावा और भी गलतियों से रिफंड अटक सकता है, जैसे- आपका PAN आधार से लिंक न होना, आयकर विभाग की तरफ से भेजे गए ईमेल या नोटिस का जवाब न देना, TDS में गड़बड़ी होना या आपका बैंक अकाउंट नंबर या IFSC कोड गलत होना। इसलिए इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।


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