अगर आपने असेसमेंट ईयर (AY) 2026–27 के लिए अपना इनकम टैक्स रिटर्न भरा है, तो आपके लिए अच्छी खबर है। कई टैक्सपेयर्स का रिफंड प्रोसेस होना शुरू हो गया है। ध्यान रखें कि सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) रिफंड तभी जारी करता है जब आपका रिटर्न ई-वेरिफाई हो जाता है और सेक्शन 143(1) के तहत उसकी प्रोसेसिंग पूरी हो जाती है। ई-वेरिफिकेशन के बाद आमतौर पर रिफंड का पैसा खाते में आने में 4 से 5 हफ्ते का समय लगता है। आप इनकम टैक्स पोर्टल पर अपने रिटर्न का स्टेटस आसानी से ट्रैक कर सकते हैं: Filed → e‑verified → processed → refund issued। इसके साथ ही पोर्टल पर जारी होने वाले किसी भी एडजस्टमेंट नोटिस पर ध्यान जरूर दें।
अपना स्टेटस और इंटीमेशन ऑर्डर देखने के लिए पोर्टल पर e‑File → Income Tax Returns → View Filed Returns पर जाएं। आप प्रोटियन एनएसडीएल (Protean NSDL) की वेबसाइट पर भी रिफंड स्टेटस चेक कर सकते हैं, जहां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के रिफंड बैंकर सिस्टम से क्रेडिट होने वाला स्टेटस दिखाई देता है। सबसे जरूरी बात, यह सुनिश्चित कर लें कि आपका पैन (PAN) एक्टिव है और आधार से लिंक है, वरना रिफंड अटक सकता है और आपको फिर से पूरी प्रक्रिया करनी पड़ सकती है।

रिफंड स्टेटस और बैंक अकाउंट का प्री-वैलिडेशन
आगे बढ़ने से पहले यह जांच लें कि आपका बैंक अकाउंट नॉमिनेटेड और प्री-वैलिडेटेड (pre-validated) है या नहीं। इसके लिए पोर्टल पर Login → My Profile → My Bank Account → Add or Re‑validate पाथ को फॉलो करें। बैंक रिकॉर्ड में नाम का मिसमैच होना, बंद पड़े खाते या गलत IFSC कोड की वजह से अक्सर रिफंड फेल हो जाता है। रिफंड रीइश्यू (Refund Reissue) की रिक्वेस्ट डालते समय सिर्फ वैलिडेटेड अकाउंट ही नजर आते हैं, इसलिए पहले वैलिडेशन एरर को ठीक करें और फिर क्रेडिट के लिए दोबारा ट्राई करें।
AIS और 26AS का मिसमैच और बकाया टैक्स देनदारी का एडजस्टमेंट
अपने फॉर्म 26AS का मिलान एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) से जरूर करें। अगर TDS या चुकाए गए टैक्स के आंकड़ों में अंतर दिखता है, तो रिटर्न फाइल करते समय फॉर्म 26AS को ही सही मानें और AIS में अंतर को ठीक करने के लिए फीडबैक सबमिट करें। अगर पोर्टल पर कोई पुरानी टैक्स देनदारी (outstanding demand) दिख रही है, तो Services → Response to Outstanding Demand में जाकर उसका जवाब दें। आयकर विभाग सेक्शन 245 के तहत इंटीमेशन नोटिस जारी करने के बाद आपके रिफंड से पुरानी देनदारी को एडजस्ट कर सकता है।
रिफंड रीइश्यू रिक्वेस्ट और शिकायत दर्ज करने के विकल्प
अगर आपका रिफंड फेल हो गया है, तो पोर्टल पर Services → Refund Reissue पर जाएं, अपना वैलिडेटेड अकाउंट चुनें और ई-वेरिफाई करें। रीइश्यू की सफल रिक्वेस्ट के 7 से 10 दिनों के भीतर पैसा आपके बैंक अकाउंट में आ जाता है। देरी होने पर आप पोर्टल पर शिकायत (Grievance) दर्ज कर सकते हैं, AIS टिकट जेनरेट कर सकते हैं या 1800 103 0025 पर कॉल कर सकते हैं। किसी भी फर्जी रिफंड लिंक से सावधान रहें; आयकर विभाग ईमेल या मैसेज के जरिए कभी भी बैंकिंग डिटेल्स नहीं मांगता है।
आसान उदाहरण से समझें: न्यू बनाम ओल्ड टैक्स रिजीम
इसे एक उदाहरण से समझते हैं: मान लीजिए आपकी सैलरी ₹9.5 लाख है और आपका TDS ₹60,000 कटा है। AY 2026–27 के लिए डिफॉल्ट न्यू रिजीम के तहत ₹12 लाख तक की आय पर रिबेट मिलती है, जिससे आपकी नेट टैक्स देनदारी शून्य हो जाती है। ऐसे में आपका पूरा ₹60,000 का TDS रिफंड में बदल जाएगा। वहीं, ओल्ड रिजीम में डिडक्शन के बावजूद इतनी ही सैलरी पर आपकी टैक्स देनदारी TDS की रकम से ज्यादा हो सकती है।
| टैक्स रिजीम | अनुमानित टैक्सेबल इनकम | रिबेट/सेस से पहले टैक्स | रिबेट/सेस | नेट टैक्स | रिफंड (TDS ₹60,000) |
|---|---|---|---|---|---|
| न्यू | ₹9,00,000 | ₹30,000 | रिबेट ₹30,000 | ₹0 | ₹60,000 |
| ओल्ड | ₹7,50,000 | ₹62,500 | सेस ₹2,500 | ₹65,000 | ₹0; ₹5,000 देय |


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