इनकम टैक्स फाइलिंग का नया सीजन शुरू होते ही टैक्स के नियम बदल गए हैं। इस बार टैक्सपेयर्स को नए ITR फॉर्म और 'डिफ़ॉल्ट' न्यू टैक्स रिजीम के साथ तालमेल बिठाना होगा। इस बदलाव का सीधा असर करोड़ों सैलरीड क्लास की बचत और प्लानिंग पर पड़ेगा। सरकार का मकसद टैक्स सिस्टम को और भी आसान और पारदर्शी बनाना है।
सबसे बड़ा बदलाव सेक्शन 80C, ELSS और प्रोविडेंट फंड (PF) जैसे डिडक्शन को लेकर है। अगर आप न्यू टैक्स रिजीम चुनते हैं, तो इन निवेशों पर अब कोई टैक्स छूट नहीं मिलेगी। हालांकि, सैलरीड क्लास के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया गया है। यानी अब बिना किसी एक्स्ट्रा इन्वेस्टमेंट के भी आपको टैक्स में बड़ी राहत मिल सकेगी।

नए ITR फॉर्म में 80C और ELSS को लेकर क्या बदला?
| सुविधा/बेनिफिट | ओल्ड टैक्स रिजीम | न्यू टैक्स रिजीम |
|---|---|---|
| स्टैंडर्ड डिडक्शन | Rs 50,000 | Rs 75,000 |
| 80C (ELSS, PF, LIC) | उपलब्ध | उपलब्ध नहीं |
| 80D (मेडिकल) | उपलब्ध | उपलब्ध नहीं |
इस साल सही टैक्स रिजीम चुनना आपके लिए सबसे जरूरी कदम है। अगर आप 80C के तहत मिलने वाले फायदों को छोड़ना नहीं चाहते, तो आपको खुद 'ओल्ड टैक्स रिजीम' को चुनना होगा। आपकी मदद के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर अब दोनों रिजीम की तुलना (Side-by-side comparison) भी दिखाई देगी। इससे आप आसानी से तय कर पाएंगे कि इंश्योरेंस और PF में निवेश करना आपके लिए कितना फायदेमंद है।
टैक्स फाइलिंग में सटीकता बनी रहे, इसके लिए पोर्टल पर एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) की सुविधा दी गई है। इसमें आपके सभी बड़े लेन-देन का ब्योरा होता है, ताकि रिटर्न और सरकारी रिकॉर्ड में कोई अंतर न रहे। रिटर्न सबमिट करने से पहले AIS डेटा का मिलान फॉर्म 26AS से जरूर कर लें। ऐसा करने से आप भविष्य में आने वाले अनचाहे टैक्स नोटिसों से बच सकते हैं।
पोर्टल पर PF और ई-फाइलिंग से जुड़े नए अपडेट्स
ई-पे (e-pay) और नए 'फॉर्म पिकर' टूल की वजह से अब रिटर्न भरना काफी तेज हो गया है। आप आसानी से चालान जेनरेट कर सकते हैं और UPI जैसे पेमेंट मोड का इस्तेमाल कर सकते हैं। सिस्टम अब रियल-टाइम में पेमेंट स्टेटस ट्रैक करता है, जिससे प्रोसेसिंग में देरी नहीं होती। इन डिजिटल बदलावों ने टैक्स फाइलिंग के अनुभव को काफी पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली बना दिया है।
टैक्स के बदले हुए नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है ताकि आपकी फाइलिंग बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके। नए ITR फॉर्म को समझकर आप किसी भी तरह की कानूनी उलझन से बच सकते हैं। भले ही कुछ लोगों के लिए 80C का विकल्प अभी भी मौजूद है, लेकिन टैक्स का रास्ता अब बदल रहा है। अपनी तैयारी आज ही पूरी करें ताकि आपकी टैक्स फाइलिंग टेंशन-फ्री और सटीक रहे।
More From GoodReturns

स्वतंत्रता दिवस सेल: खत्म होने में 48 घंटे, HDFC-SBI कार्ड पर 10% छूट पाने का सही तरीका

15 अगस्त को बैंक बंद: UPI, IMPS और EMI का क्या होगा? जानें जरूरी बैंकिंग अपडेट

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

PMFBY खरीफ 2026: आज है रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन, बैंक बंद होने पर भी ऐसे करें आवेदन

Jio का नया 'Price Lock' फीचर: ₹300 खर्च करना समझदारी या नुकसान? जानें पूरी सच्चाई

50 साल के सरकारी बॉन्ड की नीलामी: FD या G-Sec, निवेश के लिए क्या है सही विकल्प?

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

72 घंटे का लंबा वीकेंड: पैसे को कहां रखें? ओवरनाइट फंड, FD या UPI, जानें क्या है बेहतर

मुंबई बारिश: गाड़ी डूबने पर न करें ये बड़ी गलती, वरना रिजेक्ट होगा इंश्योरेंस क्लेम

TRAI का नया फरमान: अब रिचार्ज प्लान्स में नहीं छिपेगी कोई जानकारी, Jio-Airtel को देना होगा पूरा ब्यौरा

LPG e-KYC की आज आखिरी तारीख: सब्सिडी बचाने के लिए तुरंत करें ये काम



Click it and Unblock the Notifications