शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 तक टैक्स ऑडिट की डेडलाइन बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। एसेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के लिए फॉर्म 3CA/3CB-3CD में टैक्स ऑडिट रिपोर्ट सबमिट करने की आखिरी तारीख बुधवार, 30 सितंबर 2026 ही है। इनकम टैक्स के ई-फाइलिंग पोर्टल, कैंपेन और FAQs पर भी 30 सितंबर की ही डेडलाइन दिख रही है। वहीं, जिन मामलों में ऑडिट जरूरी होता है, उनके लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तिथि फिलहाल 31 अक्टूबर 2026 बनी हुई है।
ऐसे में आखिरी समय की आपाधापी से बचने के लिए पोर्टल की प्रक्रिया तुरंत निपटा लें। ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें और Authorised Partners → My Chartered Accountant सेक्शन में जाकर अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को जोड़ें। इसके बाद फॉर्म 3CA-3CD या 3CB-3CD असाइन करके लेजर शेयर करें। आपके सीए वर्कलिस्ट के जरिए इसे स्वीकार करेंगे, JSON फाइल तैयार करेंगे या ऑनलाइन यूटिलिटी के जरिए DSC (डिजिटल सिग्नेचर) के साथ अपलोड करेंगे। इसके बाद आपको वर्कलिस्ट में जाकर इसे अप्रूव और e-Verify करना होगा। यह जरूर चेक कर लें कि एसेसमेंट ईयर 2026-27 ही सिलेक्ट हो।

टैक्स ऑडिट की जरूरी चेकलिस्ट
बिना किसी गड़बड़ी के फॉर्म 3CD फाइल करने के लिए इन मुख्य दस्तावेजों का मिलान जरूर कर लें: सेल्स, परचेज और खर्चों के लेजर, बैंक स्टेटमेंट, GSTR-1, GSTR-3B और एनुअल रिकॉन्सिलिएशन, TDS/TCS स्टेटमेंट व चालान, 26AS/AIS का मिलान, फिक्स्ड एसेट व डेप्रिसिएशन शेड्यूल, स्टॉक वैल्यूएशन का आधार और MSME बकाये की टाइमलाइन। सेक्शन 43B(h) के तहत माइक्रो या स्मॉल एंटरप्राइजेज (MSME) को 15 से 45 दिनों की तय समयसीमा के बाद किया गया भुगतान टैक्स में छूट के रूप में अमान्य (disallowed) हो सकता है। इसके अलावा, क्लॉज 44 का अपने GST बुक्स के साथ सही मिलान सुनिश्चित करें।
फॉर्म 3CA/3CB-3CD: सामान्य गलतियां, पेनल्टी और ब्याज
फॉर्म 3CD में होने वाली कुछ आम गलतियों के कारण आयकर विभाग का नोटिस आ सकता है—जैसे क्लॉज 44 में GST और बुक्स का मिसमैच, डेप्रिसिएशन की गलत दरें, TDS/TCS डेटा में अंतर और UDIN रेफरेंस का न होना। 30 सितंबर की डेडलाइन मिस करने पर सेक्शन 271B के तहत टर्नओवर का 0.5% तक जुर्माना लग सकता है, जिसकी अधिकतम सीमा 1,50,000 रुपये है। वहीं देर से ITR फाइल करने पर सेक्शन 234A के तहत 1% प्रति माह की दर से ब्याज और सेक्शन 234F के तहत 5,000 रुपये या 1,000 रुपये की लेट फीस चुकानी होगी। ध्यान रहे, पिछले सालों में मिली छूट में सिर्फ ऑडिट रिपोर्ट सबमिट करने की तारीख आगे बढ़ाई गई थी।
ट्रस्ट के नियम: फॉर्म 10B/10BB और टैक्स रिजीम का गणित
ट्रस्टों के मामले में, यदि छूट मिलने से पहले की कुल आय 5 करोड़ रुपये से अधिक है, विदेशी योगदान मिला है, या किसी आय का इस्तेमाल भारत के बाहर किया गया है, तो फॉर्म 10B भरना अनिवार्य है। अन्य मामलों में फॉर्म 10BB जमा करना होता है। ये दोनों ही फॉर्म ITR फाइल करने की तारीख से एक महीने पहले सबमिट करने होते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी सैलरीड टैक्सपेयर की 20,000 रुपये की देनदारी बनती है और वह दो महीने देर से रिटर्न दाखिल करता है, तो सेक्शन 234A के तहत उस पर 400 रुपये का अतिरिक्त ब्याज जुड़ जाएगा। टैक्स रिजीम की स्थिति नीचे टेबल में देखें:
| फीचर | ओल्ड रिजीम (AY 2026‑27) | न्यू रिजीम (AY 2026‑27) |
|---|---|---|
| बेसिक छूट सीमा | ₹2,50,000 | ₹4,00,000 |
| सेक्शन 87A के तहत रीबेट | ₹5,00,000 तक की आय पर; अधिकतम ₹12,500 | ₹12,00,000 तक की आय पर; अधिकतम ₹60,000 |
| डिडक्शन और छूट | ज्यादातर लोकप्रिय कटौतियों की अनुमति | अधिकतर कटौतियां बंद; बेहद सीमित छूट ही उपलब्ध |
| सरचार्ज की सीमा | ₹5 करोड़ से अधिक की आय पर 37% तक | अधिकतम 25% पर सीमित |
फिलहाल 30 सितंबर की डेडलाइन को ही ध्यान में रखकर काम करें। अपनी अकाउंट बुक्स फाइनल करें, रिकॉन्सिलिएशन अटैच करें और MSME क्लासिफिकेशन व पेमेंट्स के दस्तावेज संभाल कर रखें। इनकम टैक्स पोर्टल पर लगातार नजर बनाए रखें; अगर CBDT डेडलाइन बढ़ाता है तो अपना शेड्यूल उस हिसाब से रीसेट करें, लेकिन टैक्स भुगतान और TDS की देनदारियों को समय पर पूरा करें। डेटा की गलतियां सुधारने के लिए किसी नोटिफिकेशन का इंतजार न करें।


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