नयी दिल्ली। क्या आपको इनकम टैक्स बोझ लगता है? यदि हां तो यहां हम आपको 5 ऐसे तरीकों के बारे में बताएंगे जिनके जरिए आप काफी टैक्स बचा सकते हैं। आम तौर लोग टैक्स तो बचाना चाहते हैं मगर उन्हीं इसका सही तरीका नहीं पता होता। इनकम टैक्स कानून की कई धाराओं के तहत टैक्स बचाने के ढेरों विकल्प मौजूद हैं। मगर जानकारी न होने के कारण लोग उनका फायदा नहीं उठा पाते। ये ऐसे तरीके हैं, जिनसे आप टैक्स बचाने के साथ-साथ फ्यूचर के लिए पैसा भी जमा कर सकते हैं और बीमा जैसे ऑप्शन की मदद से मेडिकल इमरजेंसी के खर्चों से भी बच सकते हैं। आइए जानते हैं इनकम टैक्स बचाने के 5 आसान और बढ़िया तरीके।
ऐसे बचाएं 2 लाख रु तक टैक्स
इनकम टैक्स की धारा 80सी के तहत मिलने वाली छूट के बारे में तो आप जानते होंगे, जिससे 1.5 लाख रु तक की रकम पर टैक्स बचाया जा सकता है। इसके अलावा यदि आप नेशनल पेंशन स्कीम में निवेश करें तो आपको 80 सीसीडी (1 बी) के तहत 50 हजार रु की अतिरिक्त टैक्स छूट मिलेगी। इस तरह आप कुल 2 लाख रु की रकम पर टैक्स बचा सकते हैं। इन ऑप्शंस में निवेश के जरिए आप फ्यूचर के लिए पैसा भी बचा सकते हैं।
मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम पर बचेगा टैक्स
यदि आपने मेडिकल इंश्योरेंस लिया है तो उसके लिए दिए जाने वाले प्रीमियम पर भी आपको टैक्स छूट मिलेगी। अपने, पति या पत्नी और बच्चों के लिए मेडिकल इंश्योरेंस का प्रीमियम देने पर आपको 25,000 रु तक के टैक्स की बचत होगी। कोई 60 वर्ष से अधिक के माता-पिता के लिए प्रीमियम अदा करके 50000 रु तक की छूट का फायदा उठा सकता है। यानी आपका 75 हजार रु तक टैक्स भी बचेगा और मेडिकल खर्च से भी बचेंगे। ये छूट 80 डी के तहत मिलेगी। यदि आप और माता-पिता सभी 60 वर्ष से अधिक हैं तो टैक्स छूट 1 लाख रु तक हो सकता है।
मेडिकल बिल पर टैक्स छूट
यदि कोई परिवार के किसी अक्षम सदस्य के लिए मेडिकल खर्च उठाता है तो वे धारा 80 डीडी के तहत उस बिल पर टैक्स छूट ले सकता है। कितनी टैक्स छूट मिलेगी ये इस बात पर निर्भर है कि आप जिसके लिए मेडिकल खर्च उठा रहे हैं वो कितना अक्षम है। आश्रित व्यक्ति के 40 फीसदी विकलांग होने पर 75,000 रु और 80 फीसदी होने पर 1.25 लाख रु टैक्स छूट मिलेगी।
गंभीर बीमारी के इलाज पर टैक्स छूट
अक्षम होने के अलावा यदि परिवार के किसी सदस्य को कैंसर जैसी कोई गंभीर बीमारी हो जाए तो उस पर होने वाले खर्च पर भी टैक्स छूट मिलती है। ये छूट धारा 80 डीडीबी के तहत मिलेगी। इस नियम के तहत अधिकतम 1 लाख रु की छूट मिल सकती है।
एजुकेशन लोन के ब्याज पर छूट
यदि आपने कोई एजुकेशन लोन लिया है और आप उस पर ब्याज दे रहे हैं तो धारा 80 ई के तहत आपको उस ब्याज राशि पर टैक्स छूट मिलेगी। मगर हिंदू अविभाजित परिवार को इसका फायदा नहीं मिल सकता। यहां आप जितना भी ब्याज चुका रहे हैं उस पूरी राशि पर टैक्स छूट मिलेगी। नियम के तहत अधिकतम छूट की कोई राशि तय नहीं की गयी है।


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