डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया आज अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इस गिरावट का सीधा असर आपके विदेश घूमने और शॉपिंग के खर्च पर पड़ेगा। इस महीने क्रेडिट कार्ड बिल में आपको एक्सचेंज रेट काफी बढ़ा हुआ दिखेगा। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मजबूत होते डॉलर की वजह से यह बदलाव आया है। ऐसे उतार-चढ़ाव के समय में इन बदलावों को समझना आपके बजट के लिए बेहद जरूरी है।
विदेश में शॉपिंग करने वालों को अब हर खरीदारी पर ज्यादा फॉरेन एक्सचेंज मार्कअप देना होगा। आमतौर पर स्टैंडर्ड कार्ड्स विदेशी ट्रांजेक्शन पर 3.5 फीसदी तक चार्ज वसूलते हैं, जबकि स्पेशल ट्रैवल कार्ड्स पर यह चार्ज महज 1.5 फीसदी तक हो सकता है। लग्जरी सामानों की खरीदारी पर यह छोटा सा अंतर भी हजारों रुपये बचा सकता है। पिछले हफ्ते के मुकाबले अब विदेश में कार्ड स्वाइप करना काफी महंगा हो गया है।

क्रेडिट कार्ड बिल और EMI पर रुपये की गिरावट का असर
जब भी रुपया कमजोर होता है, इम्पोर्टेड इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों में तुरंत बदलाव दिखता है। अगर आप EMI पर नया स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो जल्द ही इसके लिए ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ सकती है। कई बैंक लग्जरी सामानों पर करेंसी कन्वर्जन चार्ज बढ़ा देते हैं। गैजेट्स खरीदने से पहले अपने कार्ड के हिडन चार्जेस जरूर चेक करें। पुराने बकाया का समय से पहले भुगतान करना आपको भविष्य में ब्याज की मार से बचा सकता है।
| चार्ज का प्रकार | स्टैंडर्ड रेट | बेहतर रेट |
|---|---|---|
| फॉरेक्स मार्कअप | 3.5% | 1.5% |
| प्रोसेसिंग फीस | 1% से 2% | 0.5% |
जो लोग अभी विदेश में हैं, उन्हें फौरन फिक्स्ड-रेट वाले प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड का इस्तेमाल शुरू कर देना चाहिए। इससे आप मौजूदा रेट को लॉक कर सकते हैं और रुपये की और गिरावट के असर से बच सकते हैं। विदेशी एटीएम (ATM) से कैश निकालने से बचें क्योंकि वहां भारी सरचार्ज लगता है। अगले 48 घंटों तक बाजार पर नजर रखना बड़े खर्चों के लिए जरूरी है। अलर्ट रहकर आप क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट आने पर लगने वाले वित्तीय झटकों से बच सकते हैं।
भारी खर्च और फॉरेक्स मार्कअप के बीच ऐसे संभालें अपना बजट
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि करेंसी मार्केट में अभी कुछ दिनों तक उतार-चढ़ाव बना रहेगा। रिजर्व बैंक की ओर से बाजार को संभालने के लिए किए जाने वाले किसी भी ऐलान पर नजर रखें। जब तक रुपया स्थिर नहीं हो जाता, तब तक गैर-जरूरी इम्पोर्टेड सामानों की खरीदारी टाल देना ही बेहतर है। कम फीस वाले पेमेंट ऑप्शन चुनना और बजट पर बारीकी से नजर रखना ही अभी सबसे सही तरीका है। साथ ही, अपने सभी इंटरनेशनल सब्सक्रिप्शन पेमेंट्स को भी एक बार जरूर रिव्यू कर लें।


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