नयी दिल्ली। लॉकडाउन में नौकरियों के नुकसान के कारण आने वाली वित्तीय कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कर बचत के लिए समय सीमा 31 मार्च 2020 से बढ़ा कर 30 जून 2020 कर दिया था। अब इस समय में सिर्फ 1 हफ्ता बाकी है। यदि आपने किसी टैक्स बचाने वाले ऑप्शन में निवेश नहीं किया है तो आपके पास सिर्फ 30 जून तक का ही मौका है। निवेश से पहले ध्यान रहें कि जहां आप निवेश करें वो ऑप्शन आपका टैक्स बचाने के साथ-साथ आपके फाइनेंशियल टार्गेट के लिए भी बेस्ट हो। यहां हम आपको ऐसे ही कुछ अच्छे निवेश ऑप्शंस के बारे में बताने जा रहे हैं।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ)
पीपीएफ एक ईईई (छूट-छूट-छूट) निवेश ऑप्शन है। यानी आपको निवेश, मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी राशि सब पर टैक्स से मुक्ति मिलती है। जोखिम से बचने वाले निवेशकों के लिए पीपीएफ बेहतर ऑप्शन है, जिसमें आपको 7.1 फीसदी ब्याज (अप्रैल-जून तिमाही के लिए) मिलेगा। ध्यान रहे कि पीपीएफ पर ब्याज दर की समीक्षा सरकार हर तिमाही में करती है।
टैक्स-सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी)
टैक्स सेवर एफडी फिक्स्ड डिपॉजिट की एक खास श्रेणी है। इसमें एफडी निवेशकों को आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत टैक्स कटौती का बेनेफिट मिलता है। कोई भी निवेशक कर बचत एफडी में निवेश करके अधिकतम 1.5 लाख रुपये की कटौती का फायदा ले सकता है। इन टैक्स सेविंग एफडी में न्यूनतम लॉक-इन अवधि पांच साल होती है। वर्तमान में आपको यहां 6.5% से 7.5% तक की ब्याज दर मिल सकती है। मगर इन एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगता है।
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी)
एनएससी एक निश्चित इनकम निवेश योजना है जिसे आप पोस्ट ऑफिस में खोल सकते हैं। यह भारत में सबसे अधिक पसंद की जाने वाली छोटी बचत योजनाओं में से एक है, क्योंकि इस पर एफडी की तुलना में अधिक ब्याज और आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कर लाभ भी मिलता है। एनएससी पर ब्याज दर हर तिमाही में तय होती है। पर एक बार तय होने पर पूरे कार्यकाल के लिए ब्याज दर एक समान रहती है। वर्तमान में यहां आपको 6.8 प्रतिशत की ब्याज दर मिलेगी। इसकी मैच्योरिटी राशि पर टैक्स लगता है।
ईएलएसएस (इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम)
ईएलएसएस फंड मुख्य रूप से लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं। ये फंड काफी डाइवर्सिफाई इक्विटी फंड होते हैं और लार्ज कैप, मिड कैप, स्मॉल कैप शेयरों में निवेश करते हैं। ये एक कर-बचत म्यूचुअल फंड है जिनमें तीन साल की लॉक-इन अवधि होती है। धारा 80 सी के प्रावधानों के तहत आपको टैक्स बेनेफिट मिलता है। टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड में किसी वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है।
नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस)
एक एनपीएस टियर I खाता धारा 80 सी के तहत टैक्स बचाने के लिए ऑनलाइन खोला जा सकता है। एनपीएस में कोई सरकारी कर्मचारी अपनी सैलेरी में से निश्चित हिस्से का योगदान करता है और उतनी ही रकम कंपनी द्वारा भी जमा की जाती है। एनपीएस में सब्सक्राइबर्स के लिए 3 फंड हैं। इनमें कॉरपोरेट फंड, इक्विटी औऱ सरकारी प्रतिभूतियां शामिल हैं। खास बात ये है कि अगर आपने धारा 80 सी के तहत पहले ही 1.5 लाख रुपये की टैक्स कटौती सीमा पूरी कर ली तो धारा 80 सीसीडी (1 बी) के तहत 50,000 रुपये तक की अतिरिक्त कटौती का दावा किया जा सकता है।
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