ITR Deadline: हाल ही में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की समय सीमा 15 सितंबर से बढ़ाकर 16 सितंबर कर दी गई थी। इस साल 7 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स ने अपना रिटर्न दाखिल किया। हालांकि, आखिरी दिनों में कई टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) ने आयकर पोर्टल पर गड़बड़ियों और धीमी गति की शिकायत की, जिससे वे समय पर अपना रिटर्न फाइल नहीं कर पाए।

अगर आप भी समय सीमा से चूक गए हैं, तो घबराएं नहीं। आप अभी भी बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
बिलेटेड रिटर्न क्या होता है?
नियत तारीख के बाद दाखिल किए गए किसी भी आयकर रिटर्न (आईटीआर) को 'विलंबित रिटर्न' (Delayed Return) कहा जाता है। आयकर विभाग के अनुसार, आयकर अधिनियम की धारा 139(4) के तहत विलंबित रिटर्न दाखिल किया जाता है। इसमें कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति धारा 139(1) के तहत तय समय सीमा के भीतर या धारा 142(1) के तहत जारी नोटिस की समय सीमा के भीतर अपना रिटर्न फाइल नहीं करता है, तो वह किसी भी वित्तीय वर्ष के लिए संबंधित कर निर्धारण वर्ष की समाप्ति से तीन महीने पहले या कर निर्धारण पूरा होने से पहले, जो भी पहले हो, विलंबित रिटर्न दाखिल कर सकता है।
बिलेटेड रिटर्न पर कितना जुर्माना लगता है?
बिलेटेड रिटर्न टैक्सपेयर्स को अपना ITR देर से दाखिल करने का अवसर देता है, लेकिन उन पर जुर्माना लग सकता है। देर से दाखिल करने पर जुर्माना आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत लगाया जाता है। इस धारा के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति धारा 139(1) के तहत तय नियत तारीख के बाद रिटर्न दाखिल करता है, तो उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि, अगर व्यक्ति की कुल आय 5 लाख रुपये से कम है, तो जुर्माना राशि घटाकर केवल 1,000 रुपये कर दी जाती है।
बिलेटेड ITR कैसे फाइल करें?
- सबसे पहले आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (incometax.gov.in) पर जाएं और अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉग इन करें।
- 'ई-फाइल' मेनू पर जाएं, 'इनकम टैक्स रिटर्न' चुनें और फिर 'इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करें' पर क्लिक करें।
- संबंधित 'आकलन वर्ष' चुनें और फाइल करने के तरीके के रूप में 'ऑनलाइन' चुनें।
- 'नई फाइलिंग शुरू करें' पर क्लिक करें और अपनी उपयुक्त स्थिति, जैसे व्यक्तिगत, एचयूएफ, आदि चुनें।
- अपने लिए उपयुक्त ITR फॉर्म चुनें।
- 'व्यक्तिगत जानकारी' अनुभाग पर क्लिक करके अपनी जानकारी वेरिफाइड करें।
- फाइलिंग सेक्शन तक नीचे स्क्रॉल करें और रिटर्न प्रकार के रूप में '139(4)- बिलेटेड रिटर्न' चुनें।
- संबंधित सेक्शन के अंतर्गत अपनी सभी आय का डिटेल्स दर्ज करें और टैक्स पेमेंट के लिए आगे बढ़ें।
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