सावधान! इस तरह के 10 ट्रांजैक्शन करते हैं तो फौरन हो जाएं अलर्ट; इनकम टैक्स की आप पर है पैनी नजर

Income Tax Department, Transaction: देश में लगातार बैंकिंग सिस्टम में लोगों की भागीदारी बढ़ती जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरु किए गए जनधन योजना के तहत गांव-देहात से लेकर बड़े शहरों में रहने वाले गरीबों के खोले गए बैंक अकाउंट के बाद बैंकिंग भागीदारी में भारी बढ़ोतरी हुई है। वहीं, इस बढ़ती भागीदारी के बीच बढ़ते डिजिटल सेवाओं के चलते बैंकों से पैसों का लेनदेन बहुत ही आसान हो गया है। आज हर दिन लाखों की संख्या में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन होते हैं।

Income Tax Department Scrutiny

लेकिन क्या आपको पता है कि आपके हर ट्रांजैक्शन पर आयकर विभाग की पैनी नज़र होती है। यदि नहीं जानते हैं और आप भी इस तरह के 10 ट्रांजैक्शन करते हैं तो फौरन सावधान और सतर्क हो जाएं, अन्यथा आपको भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन बैंकिंग के दौर में इनकम टैक्स ने नकद लेन-देन (Cash Transaction) पर सख्ती बढ़ा दी है।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने पिछले कुछ सालों में अपने डिजिटल डेटा एनालिटिक्स सिस्टम को काफी मजबूत कर लिया है। अब बैंक, म्यूचुअल फंड हाउस, पोस्ट ऑफिस और रजिस्ट्री विभाग हर साल SFT रिपोर्ट भेजते हैं, जिसमें असामान्य या बड़े लेन-देन की जानकारी होती है। इसका मकसद टैक्स चोरी और अनजान लेन-देन को पकड़ना है। तो आइए जानते हैं किस तरह के 10 बैंकिंग ट्रांजैक्शन पर इनकम टैक्स की पैनी नज़र रहती है और आपको ट्रांजैक्शन में सतर्कता बरतनी है...

बड़े क्रेडिट कार्ड बिल का पेमेंट

यदि आपकी आय कम है लेकिन आपके खर्च ज्यादा हैं यानी आप हर महीने बड़े-बड़े क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान कर रहे हैं, तो आयकर विभाग आप पर कार्रवाई कर सकता है।

बैंक में सालाना 10 लाख रुपये से ज्यादा जमा करना

यदि आप किसी एक फाइनेंशियल ईयर में 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा कैश डिपॉजिट करते हैं तो बैंक आयकर विभाग को इसकी जानकारी देता है। सालाना 10 लाख रुपये जमा करना कोई गैरकानूनी नहीं है लेकिन इसके लिए आपको आयकर विभाग को इनकम सोर्स बताना पड़ेगा। इसलिए यदि आपको पैसे गिफ्ट में मिले हैं या प्रॉपर्टी सेल या बिजनेस इनकम से जुड़ी है जो उससे जुड़ी रसीदें या पेपर्स संभाल कर रखें।

बार-बार कैश निकालना

यदि आप अपने अकाउंट से बड़ी रकम बार-बार निकालते हैं तो बैंक अलर्ट हो जाता है और इसकी जानकारी इनकम टैक्स विभाग को देता है। यदि आपका विड्रॉल आपके इनकम से मेल नहीं खाता है तो आप पर कार्रवाई हो सकती है।

अकाउंट में अचानक बड़ी लेन-देन करना

बहुत सारे लोगों के अकाउंट बहुत दिनों तक सुस्त पड़े रहते हैं यानी कोई लेनदेन नहीं होता है लेकिन अगर उस अकाउंट में अचानक बड़ी रकम जमा या ट्रांसफर होता है तो उसे आयकर विभाग संदिग्ध मानकर आपसे पूछताछ कर सकती है।

कई बैंक अकाउंट रखना और ब्याज छिपाना

कई बैंक अकाउंट रखना कोई जुर्म नहीं है, लेकिन उसपर मिलने वाले ब्याज या लेनदेन का जानकारी छिपाना गैरकानूनी है। इसके लिए आयकर विभाग आपर कार्रवाई कर सकता है।

विदेश से जुड़ी लेन-देन

यदि आप विदेश से लेनदेन करते हैं या विदेशी मुद्रा में लेनदेन करते हैं तो इसकी जानकारी आयकर विभाग के पास होती है। विदेश यात्रा, पढ़ाई या फॉरेक्स कार्ड पर दस लाख रुपये से ज्यादा खर्च करना इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की निगरानी में आता है।

किसी और के लिए ट्रांजैक्शन करना

अगर आप किसी तीसरे व्यक्ति के लिए अपने अकाउंट से लेन-देन करते हैं तो इसे बेनामी या मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधि माना जा सकता है और आयकर विभाग कार्रवाई कर सकता है।

ब्याज या डिविडेंड की जानकारी में अंतर

म्यूचुअल फंड से मिलने वाला ब्याज या डिविडेंड अगर ITR में नहीं दिखाया गया, तो विभाग इसे अपने ऑटोमैटिक मैचिंग सिस्टम से पकड़ता है और इनकम टैक्स के दायरे में आने पर आप पर जुर्माना लगाया जा सकता है।

30 लाख रुपये या उससे ज्यादा की प्रॉपर्टी डील

यदि आपने कोई प्रोपर्टी खरीदी या बेची है और उसकी वैल्यू 30 लाख रुपये से अधिक है तो रजिस्ट्रार इसकी जानकारी आयकर विभाग को दे सकता है और टैक्स डिपार्टमेंट इसके बारे में पता लगा सकता है कि यह पैसे कहां से आए। वैलिड स्रोत न होने पर आप पर कार्रवाई हो सकती है।

अनजान स्रोत से इककम

यदि आपकी इनकम अनजान स्रोत से आ रहा हो या फिर दोस्तों से उधार, घर की बचत या गिफ्ट के रूप में बड़ी रकम जमा होने पर आपके पास कोई दस्तावेज नहीं है, तो इसे अघोषित आय मानकर आप पर कार्रवाई हो सकती है।

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