नई दिल्ली, अक्टूबर 21। इस समय फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरें अब तक के सबसे निचले स्तर पर हैं। अगर हम मुद्रास्फीति यानी महंगाई पर गौर करें, तो रिटर्न निगेटिव है। यानी रिटर्न में से महंगाई दर और टैक्स घटाएं तो आप नुकसान में रहेंगे। इसलिए आपको ऐसी जगह निवेश करना होगा, जो महंगाई को पछाड़ दे। इस लिहाज से जो लोग रेगुलर इनकम चाहते हैं उनके लिए सावधि जमा (एफडी) अब अच्छा विकल्प नहीं है। भारत का प्रमुख बैंक भारतीय स्टेट बैंक वरिष्ठ नागरिकों के लिए तीन साल की अवधि के लिए 5.80 प्रतिशत की ब्याज दर ऑफर करता है। मौजूदा महंगाई दर 5.59 फीसदी के आसपास है। यदि कोई निवेशक हायर टैक्स स्लैब ब्रैकेट में है, तो उसका रिटर्न निगेटिव हो जाएगा। अहम बात यह है कि फिलहाल ब्याज दरों में वृद्धि एक दूर की कौड़ी लगती है। इसलिए आपको दूसरे विकल्पों पर गौर करना चाहिए। जानते हैं ऐसे ही 5 बेस्ट ऑप्शन, जिन पर आप दांव लगा सकते हैं।
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस)
यह योजना वरिष्ठ नागरिकों के लिए आदर्श है। इस योजना में 60 वर्ष से ऊपर का कोई भी व्यक्ति निवेश कर सकता है। वर्तमान ब्याज दर यहां पर 7.4 फीसदी है। एससीएसएस की मैच्योरिटी अवधि 5 वर्ष है। इस योजना के लिए धारा 80सी के तहत भी लाभ उपलब्ध है। हालांकि निवेश की सीमा 15 लाख रुपये है। आप 15 लाख रु से अधिक निवेश नहीं कर सकते।
प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (पीएमवीवीवाई)
इस योजना में भारत सरकार का सपोर्ट है। यानी ये एक सरकरी योजना है। यहां भी ब्याज दर 7.4 फीसदी है। हालांकि इस योजना में 10 साल की लॉक-इन अवधि होती है। ब्याज मासिक देय होता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए कि यह भारत सरकार के सपोर्ट वाली योजना है, परंपरागत निवेशकों के लिए ये एक आदर्श विकल्प है।
एनपीएस टियर II खाता
यदि किसी निवेशक के पास एनपीएस टियर I खाता है, तो वह स्वेच्छा से टीयर II खाता खोल सकता है। एनपीएस टियर II खाता योजना जी, जो सरकारी बॉन्ड और अन्य संबंधित उपकरणों में निवेश करती है, ने पिछले एक साल में दोहरे अंकों में (10 फीसदी से अधिक) रिटर्न दिया है। हालांकि प्राइवेट सेक्टर के व्यक्तियों के लिए धारा 80सी का लाभ उपलब्ध नहीं है।
कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड
कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड डेब्ट म्यूचुअल फंड योजनाएं हैं, जो कॉर्पोरेट बॉन्ड या नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचरों में निवेश करती हैं। ये फंड अपनी संपत्ति का कम से कम 80 फीसदी उच्चतम रेटेड कॉरपोरेट बॉन्ड में निवेश करते हैं, इसलिए इनमें जोखिम काफी कम होता है। इन फंड्स ने 9% तक का रिटर्न दिया है। इसलिए, वे कम जोखिम वाले रेगुलर इनकम की तलाश करने वाले किसी व्यक्ति के लिए आदर्श हैं। एक और अच्छी बात यह है कि यदि निवेशक इन फंड्स को तीन साल तक रखता है, तो उसे इंडेक्सेशन बेनेफिट मिलता है, क्योंकि कैपिटल गेन की गणना करते समय इन फंड्स को डेब्ट फंड के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
शॉर्ट ड्यूरेशन फंड
इन फंड्स को उन निवेशकों के लिए एक एंट्री पॉइंट माना जाता है, जो हाई रिटर्न के लिए थोड़ा जोखिम लेने से गुरेज नहीं करते हैं। ये फंड ब्याज आय के साथ-साथ कैपिटल गेन भी अर्जित करते हैं, इसलिए एफडी की तुलना में अधिक रिटर्न देते हैं।


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