Cash Transactions Limit: आपात स्थिति में, हममें से कई लोग किसी दोस्त से पैसे उधार लेने से पहले दो बार नहीं सोचते। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें एक व्यक्ति ने भी यही किया जब उसे पैसों की सख्त जरूरत थी, उसने अपने दोस्त से 1.2 लाख रुपये कैश उधार लिए। इसको लेकर टैक्स सलाहकार ने एक खबर साझा की।

क्या है मामला?
टैक्स सलाहकार प्लेटफॉर्म, टैक्सबडी ने हाल ही में जागरूकता बढ़ाने के लिए यह मामला साझा किया। उनकी कहानी अनोखी नहीं है। बहुत से लोग अभी भी यह नहीं समझते कि बड़ी कैश के लेन-देन, चाहे दोस्तों के बीच ही क्यों न हों, गंभीर दंड का कारण बन सकते हैं। आयकर विभाग ने उच्च-मूल्य वाले नकद लेनदेन पर अपना सख्त रुख दोहराया है और चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने पर पूरी राशि के बराबर जुर्माना लगाया जा सकता है।
कैश लेना-देना पड़ सकता है भारी
टैक्स सलाहकार प्लेटफॉर्म ने बताया कि एक व्यक्ति ने किसी आपात स्थिति के लिए अपने एक दोस्त से 1.2 लाख रुपये कैश उधार लिए थे। आयकर अधिनियम की धारा 269SS के तहत, लोन, जमा या अग्रिम के रूप में 20,000 रुपये या उससे अधिक कैश स्वीकार करना बैन है। धारा 271DA के तहत, जुर्माना प्राप्त राशि का 100% है, इस मामले में, 1.2 लाख रुपये है।
कैश लेन-देन पर टैक्स पेनल्टी क्यों लग सकती है?
आयकर विभाग बड़े नकद लेन-देन के मामले में सख्त है। चाहे वह लोन लेना हो, उसे चुकाना हो, या दान देना हो, कुछ सीमाएं हैं जिनका आपको पालन करना होगा। इन सीमाओं से आगे जाने पर, आपको पूरी राशि के बराबर जुर्माना भरना पड़ सकता है। बता दें कि धारा 269ST के तहत एक ही दिन में एक व्यक्ति से 2 लाख रुपये या उससे अधिक नकद प्राप्त करने पर, या एक लेनदेन के लिए, प्राप्त राशि के बराबर जुर्माना लगाया जाता है। वहीं, धारा 269T के तहत 20,000 रुपये या उससे अधिक के किसी भी लोन या जमा को कैश में चुकाने पर भी जुर्माना लगाया जा सकता है।
अगर आप कोई बिजनेस चला रहे हैं और एक दिन में किसी एक व्यक्ति को 10,000 रुपये से ज्यादा का कैश पेमेंट करते हैं, तो आपके मुनाफे की गणना करते समय उस राशि को खर्च के रूप में नहीं गिना जाएगा। इसका मतलब है कि आपको ज्यादा टैक्स देना पड़ सकता है।
बड़ी रकम की निकासी?
अपने बैंक खाते से बड़ी रकम निकालने पर भी टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) लग सकता है। अगर आप एक साल में 1 करोड़ रुपये से ज़्यादा निकालते हैं, तो बैंक 2% की कटौती करेंगे। और अगर आपने पिछले तीन सालों से अपना आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है और 20 लाख रुपये से ज्यादा निकालते हैं, तो टीडीएस 5% तक बढ़ जाता है।
डिजिटल लेन-देन
टैक्स विशेषज्ञ अनुपालन सुनिश्चित करने, जुर्माने से बचने और उचित दस्तावेज बनाए रखने के लिए बड़े लेनदेन के लिए बैंक ट्रांसफर, यूपीआई या चेक का यूज करने की सलाह देते हैं।


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