HRA Tax Benefits: किराए में रहने व्यक्ति के पास टैक्स बचाने का काफी अच्छा विकल्प होता है. अगर आप किराएं में रहते हैं और हर महीने मकान मालिक को किराया भुगतान करते हैं, तो आप बड़ी आसानी एचआरए की सहायता से काफी टैक्स बचा सकते हैं. तो चलिए समझते हैं एचआरए क्या है और आप इससे कितना टैक्स बचा सकते हैं.

आजकल ज्यादातर लोग नौकरी की वजह किराए के घर में रहते हैं. ये ज्यादातर बड़े शहरों में ही होता है. बड़े शहरों में लोग अपनी कमाई का मोटा हिस्सा किराए पर खर्च कर देते हैं. ऐसे में वे व्यक्ति इनकम टैक्स द्वारा दी गई एचआरए के जरिए काफी टैक्स बचा सकता है.
इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत किराए में रहने वाला व्यक्ति टैक्स बेनेफिट क्लेम कर सकता है. इस एक्ट का उद्देश्य यही है कि ऐसे लोगों से टैक्स का बोझ कम किया जा सकें, जो पहले से भारी किराया दे रहे हों.
कैसे मिलेगा एचआरए से टैक्स बेनेफिट ?
एचआरए को हाउस रेंट अलाउन्स भी कहा जाता है. इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक अगर आप नौकरीपेशा है और किराएं के मकान पर रहते हैं तो आप रेंट अमाउंट पर टैक्स बेनेफिट क्लेम कर सकते हैं. जिसका मतलब हुआ कि आप रेंट के माध्यम से टैक्स में छुट पा सकते हैं.
आपको एचआरए और सेक्शन 80 जीजी के तहत रेंट अमाउंट पर टैक्स बेनेफिट क्लेम करने का ऑप्शन मिलता है. एचआरए एक तरीके से एंप्लॉयी को सैलरी के हिस्से के रुप में दिया जाता है. इस एचआरए अमाउंट से किराएं पर होने वाला खर्च भरा जाता है.
लेकिन आपको एचआरए और सेक्शन 80जीजी का फायदा तभी मिलेगा जब आप किराएं में रहते हो और इसके साथ ही हर महीने अपना किराया देते हो.
कैसे उठाएं एचआरए का फायदा?
एचआरए का फायदा उठाने के लिए आपको अपने एंप्लॉयर या कंपनी को रेंट रिसीट देना होगा. आपको एचआरए का फायदा तभी मिल सकता है, जब आपका साल का रेंट एक लाख रुपये से ऊपर हो. इसके साथ ही आपको रेंट रिसीट के साथ अपने एंप्लॉयर को मकान मालिक की पैन डिटेल देनी होगी.
अगर आपको अपनी सैलरी में एचआरए नहीं मिलता, तो आप सेक्शन 80जीजी के तहत रेंट अमाउंट पर टैक्स बेनेफिट क्लेम कर सकते हैं. लेकिन अगर आपकी सैलरी में एचआरए कवर होता है, तो आपको सेक्शन जीजी का फायदा नहीं मिलेगा.
सेक्शन 80जीजी का फायदा वहीं उठा सकते हैं जो या तो सेल्फ-एंप्लॉयड हो या फिर उनकी सैलरी में एचआरए शामिल ना हो.
सेक्शन 80जीजी में कैसे मिलेगा टैक्स बेनेफिट?
सेक्शन 80जीजी के तहत वहीं लोग टैक्स बेनेफिट क्लेम कर सकते हैं, जिन्हें एचआरए का फायदा नहीं मिलता. इस सेक्शन के तहत टैक्स कैलकुलेशन के तीन तरीके हैं. इनमें से जिस भी तरीके से सबसे कम रेंट आएगा, वे अप्लाई किया जाता है.
पहला हर महीने 5000 रुपये किराया हो या सलाना 60,000 रुपये तो ठीक है. दूसरा जितना भी आपने किराया भुगतान किया है, उसमें से टोटल इनकम का 10 फीसदी घटाकर जो रकम आएगी, उस पर क्लेम कर सकते हैं. तीसरा टोटल इनकम का 25 फीसदी पर क्लेम कर सकते हैं.
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