सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी आज निवेशकों के बीच काफी फेमस हो चुका है. आज हर कोई अपने पोर्टफोलियो में म्यूचुअल फंड एसआईपी को शामिल करना चाहता है. हमें अकसर एसआईपी कैसे शुरू करनी है, कितने पैसे निवेश कर सकते हैं. इसके बारे में जानकारी आसानी से मिल जाती है. लेकिन कोई ये नहीं बताता की एसआईपी हमें कब रोक देना चाहिए और किस समय इसे फिर से शुरू किया जा सकता है.

क्या है सिप पॉज?
कई बार हमारी निजी जिंदगी के खर्चे इतने बढ़ जाते हैं कि हम सेविंग या निवेश जैसी चीजों में ध्यान नहीं दे पाते हैं. इसके साथ ही ना ही हम ऐसी स्थिति में होते है की निवेश प्लेटफॉर्म में योगदान कर सकें. ऐसे में म्यूचुअल फंड एसआईपी आपको पॉज का विकल्प देता है.
सिप पॉज के सहारे आप अस्थायी रूप से एसआईपी बंद कर सकते हैं. फिर जैसे ही स्थिति सामान्य होगी, आप इसे फिर से शुरू कर सकते हैं. सिप पॉज की अवधि म्यूचुअल फंड कंपनियों पर निर्भर करती है. म्यूचुअल फंड एसआईपी में मिलने वाली सिप पॉज की सुविधा कई महीनों से लेकर एक साल तक की हो सकती है.
ये सिप पॉज की सुविधा निवेशक तभी चुनता है, जब वे किसी वित्तीय संकट से जूझ रहा हो.
किन स्थिति सिप पॉज का विकल्प चुना चाहिए?
सबसे अगर आपके निजी जिंदगी में किसी भी तरह की एमरजेंसी चल रही है. जैसे मेडिकल एमरजेंसी और बेरोजगारी आती है, तो ऐसे समय में आप सिप पॉज कर सकते हैं.
इसके साथ ही अगर आप कोई नौकरी में बदलाव करते है या चेंज के लिए कोई दूसरा कोर्स चुन रहे हैं, तो ऐसी स्थिति में आप अपनी एसआईपी को कुछ समय के लिए रोक सकते हैं.
वहीं अगर आपकी शादी हो रही है या फिर घर में बच्चे का जन्म हुआ है. ऐसी स्थिति में इंसान को काफी पैसों की जरूरत पड़ती है. ऐसी स्थिति में आप एसआईपी पॉज का विकल्प चुन सकते हैं.


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