How to Get TDS Refund: अगर आपने नौकरी की है, फ्रीलांस काम किया है या आपकी कोई इनकम का सोर्स है जिससे होने वाली इनकम पर टैक्स काटा गया है, तो आपने "TDS" यानी सोर्स पर कर कटौती का नाम तो सुना ही होगा। कई बार ऐसा होता है कि आपकी आय से काटे गए कर की राशि आपकी वास्तविक कर देयता से ज्यादा होती है। ऐसे में सरकार आपको वह अतिरिक्त पैसा लौटा देती है, जिसे TDS रिफंड कहते हैं।

रिफंड पाने के लिए कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी हैं?
टीडीएस रिफंड के लिए सबसे जरूरी चीज आपका पैन कार्ड है। आपका पैन कार्ड हर उस संस्था के साथ सही ढंग से अपडेट होना चाहिए जो आपकी आय पर TDS काटती है। इसके बिना, आपका टैक्स ज्यादा रेट से काटा जा सकता है।
अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो आपको फॉर्म 16 मिलेगा और अगर किसी अन्य आय पर TDS कटा है, तो फॉर्म 16A जरूरी है। ये फॉर्म बताते हैं कि कब और कितना टैक्स कटा और कहां जमा किया गया। इन्हें आयकर विभाग की वेबसाइट पर सही तरीके से अपलोड करना होगा।
अब बैंक डिटेल्स की बात करें, तो बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड सही होना जरूरी है। और सबसे जरूरी बात, बैंक अकाउंट आपके पैन कार्ड से लिंक होना चाहिए ताकि रिफंड सीधे आपके खाते में आ सके।
आपके पास एक TDS प्रमाणपत्र होना चाहिए जिसमें टीडीएस राशि, तारीख, कंपनी या संस्थान का टैन नंबर आदि सभी जानकारी हो। इसके साथ ही, आयकर रिटर्न यानी आईटीआर फॉर्म भरना भी जरूरी है। इस फॉर्म में आप अपनी आय, कटौतियों और कितना टीडीएस कटा है, इसकी जानकारी देते हैं।
अगर आपकी आय टैक्स स्लैब से बाहर है, तो आप फॉर्म 15G या अगर आप वरिष्ठ नागरिक हैं, तो फॉर्म 15H देकर टीडीएस कटौती से बच सकते हैं। लेकिन अगर कट गया है, तो रिफंड पाने के लिए इन दस्तावेजों की जरूरत होती है।
आपको रिफंड कैसे मिलेगा?
TDS रिफंड के लिए, आपको सबसे पहले ITR रिटर्न दाखिल करना होगा। इसके लिए आप आयकर की वेबसाइट पर जाकर खुद फॉर्म भर सकते हैं या किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट की मदद ले सकते हैं।
जब आप आईटीआर दाखिल करते हैं, तो आप अपनी सारी आय, कटौतियों और TDS की जानकारी उसमें भरते हैं। आप चाहें तो इस सारे डेटा का मिलान फॉर्म 26AS से कर सकते हैं क्योंकि सरकार के पास जो जानकारी होती है, वह इसी फॉर्म में दिखाई देती है।
ITR भरने के बाद सबसे जरूरी कदम है उसे वेरिफाई करना। इसके बिना आपका फॉर्म प्रोसेस नहीं होगा और रिफंड अटक सकता है।
अगर आपने सब कुछ सही ढंग से भरा है और वेरिफाई किया है, तो आमतौर पर 30 से 45 दिनों के अंदर रिफंड आपके बैंक खाते में पहुंच जाता है। अगर कोई गलती है तो इसमें थोड़ा समय लग सकता है।
कैसे जानें कि रिफंड आया है या नहीं?
ITR भरने के बाद अगर आप जानना चाहते हैं कि रिफंड कहां तक पहुंचा है, तो आपको इनकम टैक्स की वेबसाइट पर लॉग इन करना होगा। वहां आपको "रिफंड/डिमांड स्टेटस" का विकल्प मिलेगा। वहां से आपको पता चल जाएगा कि आपका रिफंड किस स्टेज पर है।
अगर सरकार रिफंड देने में बहुत ज्यादा समय ले रही है, तो आप 6% सालाना तक ब्याज पाने के हकदार हैं। यह ब्याज टैक्स की देय डेट के अगले महीने से कैलकुलेट किया जाता है।


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