New Labour Codes 2025: लेबर कानूनों में एक बड़ा बदलाव हुआ है। PM नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने शुक्रवार को चार लेबर कोड लागू किए। इनसे बड़े सुधार हुए हैं, जिनमें गिग वर्कर्स के लिए यूनिवर्सल सोशल सिक्योरिटी कवरेज, सभी कर्मचारियों के लिए जरूरी अपॉइंटमेंट लेटर, और सभी सेक्टर्स में कानूनी मिनिमम वेज और समय पर पेमेंट शामिल हैं।

क्या है नए चार लेबर कोड?
- कोड ऑफ वेजेज (2019
- इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड (2020)
- कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी (2020)
- ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड (2020)
इनसे 29 अलग-अलग कानूनों को खत्म करके उन्हें एक नए, मॉडर्न फ्रेमवर्क के साथ सही बनाया गया है।
चार लेबर कोड के लागू होने से आखिरकार इस लंबे समय से चली आ रही ज़रूरत पूरी हो गई है। भारत के नियमों को मॉडर्न ग्लोबल ट्रेंड्स के साथ जोड़कर, ये कोड वर्कर्स और कंपनियों को मजबूत बनाते हैं, और ज्यादा सुरक्षित, प्रोडक्टिव और मजबूत वर्कफोर्स की नींव रखते हैं, जिससे एक आत्मनिर्भर देश का रास्ता बनता है।
इन लोगों के लिए हेल्थ चेक-अप जरूरी
नए लेबर कोड के तहत, सरकार ने वर्कप्लेस पर एम्प्लॉइज की हेल्थ को बढ़ावा देने के लिए सालाना हेल्थ चेक-अप से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। पहले, एम्प्लॉयर्स पर एम्प्लॉइज को सालाना फ्री हेल्थ चेक-अप देने की कोई कानूनी ज़िम्मेदारी नहीं थी, लेकिन अब सरकार ने एम्प्लॉयर्स के लिए 40 साल से ज्यादा उम्र के सभी एम्प्लॉइज को साल में एक बार फ्री हेल्थ चेक-अप देना जरूरी कर दिया है। इसका मकसद एम्प्लॉइज की बीमारियों या किसी भी हेल्थ से जुड़ी दिक्कतों का समय पर पता लगाना, एम्प्लॉइज के बीच प्रिवेंटिव हेल्थकेयर का कल्चर बढ़ाना और वर्कप्लेस पर उनकी सेफ्टी को मजबूत करना है।
इन एरिया में वर्कर्स के लिए सालाना फ्री हेल्थ चेक-अप
- कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले वर्कर्स के लिए
- माइन वर्कर के लिए
- खतरनाक इंडस्ट्री में काम करने वाले वर्कर्स के लिए
- डॉक वर्कर्स के लिएडॉक वर्कर्स के लिए एम्प्लॉयर के फंड से सालाना हेल्थ चेक-अप जरूरी है।
फ्री हेल्थ चेकअप का फायदा कैसे पाएं?
- इस फायदे के लिए कर्मचारियों को कुछ भी एक्स्ट्रा नहीं करना होगा।
- एम्प्लॉयर (कंपनी) हर साल कर्मचारियों का फ्री हेल्थ चेकअप करेगी।
- कंपनी सालाना हेल्थ चेकअप के लिए किसी डॉक्टर या क्लिनिक से टाई-अप करेगी। चेकअप सिर्फ काम के घंटों में ही किया जाएगा।
- कर्मचारियों को सिर्फ HR या एम्प्लॉयर को अपनी उम्र का प्रूफ (बर्थ सर्टिफिकेट वगैरह) देना होगा।
- हेल्थ चेकअप रिपोर्ट सीधे एम्प्लॉयर को भेजी जाएगी।
- अगर कोई एम्प्लॉयर नियम नहीं मानता है, तो कर्मचारी लेबर डिपार्टमेंट में शिकायत कर सकता है।
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