आज के दौर में आधार कार्ड हमारे सबसे जरूरी पहचान पत्रों में से एक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके आधार डेटा का कहीं गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा? अक्सर हम इस ओर ध्यान नहीं देते, जिसका फायदा जालसाज उठा सकते हैं। UIDAI आपको अपने आधार के इस्तेमाल को ट्रैक करने की सुविधा देता है, ताकि आप किसी भी तरह के वित्तीय फ्रॉड या पहचान की चोरी (Identity Theft) से बच सकें।
आप 'आधार ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री' (AAH) फीचर के जरिए आसानी से अपनी डिटेल्स मॉनिटर कर सकते हैं। इस ऑनलाइन सर्विस की मदद से आप देख सकते हैं कि कब और किस एजेंसी ने आपके बायोमेट्रिक या डेमोग्राफिक डेटा को एक्सेस किया है। इसमें आपको तारीख, समय और संबंधित एजेंसी की पूरी जानकारी मिलती है। समय-समय पर इसे चेक करते रहने से आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपकी जानकारी का कोई गलत इस्तेमाल नहीं कर रहा।

आधार हिस्ट्री के जरिए ऐसे पता लगाएं कि कहीं गलत इस्तेमाल तो नहीं हुआ
अपनी एक्टिविटी चेक करने के लिए आप UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट या mAadhaar ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपके पास रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर (RMN) होना जरूरी है, जिस पर OTP आएगा। लॉग-इन करने के बाद आप पिछले 6 महीनों के 50 ऑथेंटिकेशन रिकॉर्ड देख सकते हैं। इस डेटा की मदद से आप किसी भी अनजान बैंक या सर्विस प्रोवाइडर द्वारा की गई संदिग्ध गतिविधि को आसानी से पकड़ सकते हैं।
| ऑथेंटिकेशन का प्रकार | सामान्य उपयोग (Service Use Case) |
|---|---|
| बायोमेट्रिक | बैंकिंग ट्रांजेक्शन और ATM |
| डेमोग्राफिक | सिम कार्ड और KYC फॉर्म |
| OTP | ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप्स |
आधार को सुरक्षित रखने के खास टिप्स और फीचर्स
पहचान की चोरी से बचने के लिए 'मास्क्ड आधार' (Masked Aadhaar) एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें आपके आधार के शुरुआती 8 अंक छिपे रहते हैं। होटल बुकिंग या यात्रा के दौरान वेरिफिकेशन के लिए इसे शेयर करना ज्यादा सुरक्षित है। इससे आपकी पूरी जानकारी गलत हाथों में जाने का खतरा काफी कम हो जाता है, क्योंकि स्कैमर्स अक्सर सार्वजनिक जगहों पर शेयर किए गए पूरे आधार कार्ड को ही निशाना बनाते हैं।
अगर आपको कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत 'बायोमेट्रिक लॉकिंग सिस्टम' (BLS) का इस्तेमाल करें। यह फीचर आपके फिंगरप्रिंट और आंखों की पुतली (iris) के डेटा को तब तक लॉक कर देता है जब तक आप खुद उसे अनलॉक न करें। इससे जालसाज आपके बायोमेट्रिक्स का इस्तेमाल कर कोई अवैध बैंकिंग ट्रांजेक्शन नहीं कर पाएंगे। साथ ही, सुरक्षा अलर्ट पाने के लिए अपना मोबाइल नंबर हमेशा अपडेट रखें।
अगर आपको आधार से जुड़े किसी भी फ्रॉड का शक हो, तो बिना देर किए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1947 पर कॉल करें या सपोर्ट टीम को ईमेल करें। अपनी डिजिटल सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना ही आपकी मेहनत की कमाई और साख को बचाने का सबसे अच्छा तरीका है। नियमित रूप से मॉनिटरिंग करते रहें और किसी भी अनजान कॉल या संदिग्ध लिंक पर आने वाले OTP को कभी शेयर न करें।


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