Airfare Hike: भारत में हवाई सफर जल्द ही और महंगा हो सकता है। क्योंकि एयरलाइंस एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतों की भरपाई के लिए फ्यूल सरचार्ज लगा रही हैं। एयर इंडिया, इंडिगो और अकासा एयर जैसी एयरलाइंस ने टिकटों पर अतिरिक्त शुल्क लगाना शुरू कर दिया है। क्योंकि अमेरिका और इजरायल के ईरान पर छेड़े गए युद्ध के बीच फ्यूल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इंडस्ट्री बॉडी इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के प्रमुख विली वॉल्श ने चेतावनी दी है कि वैश्विक हवाई किराया 9% तक बढ़ सकता है, क्योंकि एयरलाइंस को फ्यूल और ऑपरेशनल लागत में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है।
आपके हवाई किराए में कितनी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है?
अकासा एयर (Akasha Air)- अकासा एयर ने शनिवार, 14 मार्च को एक बयान में कहा कि वह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूटों पर 199 रुपये से लेकर 1300 रुपये तक का फ्यूल सरचार्ज लगाएगी, "उन सभी बुकिंग पर जो 15 मार्च, 2026 को 00:01 बजे से प्रभावी होंगी।" आकासा एयर ने कहा, "फ्यूल सरचार्ज हर सेक्टर पर लगेगा और फ्लाइट की अवधि के हिसाब से अलग-अलग होगा।"
एयर इंडिया (Air India)- एयर इंडिया ग्रुप ने फ्यूल सरचार्ज में स्टेपवाइज बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिसके चलते हवाई यात्रियों को 12 मार्च से ही अपने फ्लाइट टिकट की कीमतों में एक निश्चित बढ़ोतरी देखने को मिल रही होगी। 10 मार्च को जारी एयर इंडिया के एक बयान में कहा गया, "नए फ्यूल सरचार्ज तीन स्टेप में लागू किए जा रहे हैं, जिनमें सभी फ्लाइट्स की यात्रा शामिल है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने घरेलू टिकटों पर 399 रुपये का सरचार्ज लागू किया है।
इंडिगो (IndiGo)- IndiGo ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण जेट ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के चलते, वह 14 मार्च से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के टिकटों पर 425 से लेकर 2,300 रुपये तक का फ्यूल चार्ज लगाना शुरू कर कर दी।
फ्यूल सरचार्ज का क्या मतलब है?
फ्यूल सरचार्ज एक अतिरिक्त शुल्क है जो टिकटों में तब जोड़ा जाता है, जब जेट फ्यूल की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं। आमतौर पर, फ्यूल एयरलाइन के कुल ऑपरेटिंग खर्चों का लगभग एक-चौथाई हिस्सा होता है, जिससे कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी को एयरलाइनों के लिए झेलना मुश्किल हो जाता है।


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