भारत में अक्सर लोग इस उलझन में रहते हैं कि क्या एक से ज्यादा क्रेडिट कार्ड रखना फायदेमंद है? बेशक, ज्यादा कार्ड्स के साथ ढेर सारे रिवॉर्ड्स मिलते हैं, लेकिन इसका सीधा असर आपके सिबिल (CIBIL) स्कोर पर पड़ता है। अगर आप कर्ज के जाल से बचना चाहते हैं और भविष्य में लोन के लिए अपनी प्रोफाइल मजबूत रखना चाहते हैं, तो इस गणित को समझना बहुत जरूरी है।
इसमें सबसे बड़ा रोल 'क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो' (CUR) का होता है, जो यह बताता है कि आप अपनी कुल लिमिट का कितना हिस्सा इस्तेमाल कर रहे हैं। कई बार ज्यादा कार्ड होने पर हम अपनी हैसियत से ज्यादा खर्च कर बैठते हैं, जिससे अक्सर आपका CUR 30 प्रतिशत की तय सीमा को पार कर जाता है। बैंक इसे जोखिम के तौर पर देखते हैं, जिससे आपकी साख (creditworthiness) काफी कम हो सकती है।

ज्यादा क्रेडिट कार्ड और सिबिल स्कोर का कनेक्शन
कम समय में बार-बार नए कार्ड के लिए अप्लाई करना 'हार्ड इन्क्वायरी' को न्योता देता है। हर ऐसी इन्क्वायरी आपके कुल स्कोर से कुछ पॉइंट्स कम कर सकती है। बैंक इसे 'क्रेडिट हंगर' यानी कर्ज की भूख के तौर पर देखते हैं। उन्हें लगता है कि आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, जिससे बैंक भविष्य में आपके लोन रिक्वेस्ट को मंजूर करने में सावधानी बरतने लगते हैं।
क्रेडिट मैनेजमेंट की हकीकत समझने के लिए आइए कुछ आम मिथकों (Myths) पर नजर डालते हैं। इन बातों को जानकर आप अपने पैसों का बेहतर मैनेजमेंट कर पाएंगे और सही फैसले ले सकेंगे।
| कार्ड से जुड़े मिथक | स्कोर से जुड़ा सच |
|---|---|
| ज्यादा कार्ड मतलब हमेशा ज्यादा कर्ज। | सही मैनेजमेंट से असल में स्कोर बेहतर हो सकता है। |
| पुराने कार्ड बंद कर देना एक अच्छा आइडिया है। | पुराने कार्ड आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को लंबा और मजबूत बनाते हैं। |
स्टेबिलिटी के लिए कितने क्रेडिट कार्ड रखना सही है?
बैंक आपकी प्रोफाइल चेक करते समय यह भी देखते हैं कि आपके क्रेडिट अकाउंट औसतन कितने पुराने हैं। पुराने कार्ड्स को एक्टिव रखने से आपकी टेक्निकल प्रोफाइल को काफी फायदा मिलता है। अगर आप कोई पुराना कार्ड बंद करते हैं, तो आपकी क्रेडिट हिस्ट्री की औसत उम्र कम हो जाती है, जिससे आपके क्रेडिट स्कोर में अचानक गिरावट आ सकती है।
वैसे तो कार्ड्स की कोई ऐसी तय संख्या नहीं है जो सबके लिए फिट बैठे, लेकिन ज्यादातर एक्सपर्ट्स 2 या 3 कार्ड रखने की सलाह देते हैं। इससे रिवॉर्ड्स और मैनेजमेंट के बीच अच्छा तालमेल बना रहता है। अलग-अलग तरह के अकाउंट्स होने से क्रेडिट हिस्ट्री मजबूत होती है, बस शर्त यह है कि आप भारी जुर्माने से बचने के लिए पेमेंट की ड्यू डेट का खास ख्याल रखें।
स्मार्ट क्रेडिट कार्ड यूज के लिए अनुशासन और अपनी आदतों पर लगातार नजर रखना बहुत जरूरी है। कोशिश करें कि आपका कुल खर्च कम रहे और बिलों का भुगतान हमेशा समय पर हो। अपने CUR को कंट्रोल में रखकर और बार-बार एप्लीकेशन न देकर आप एक शानदार स्कोर बनाए रख सकते हैं। इससे आप किसी भी फाइनेंशियल इमरजेंसी के लिए हमेशा तैयार रहेंगे।


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