Home Loan EMI: आज के समय में अपना घर खरीदने के लिए ज्यादातर लोग होम लोन का सहारा लेते हैं। हालांकि, घर का सपना पूरा होने के बाद हर महीने चुकाई जाने वाली EMI कई सालों तक परिवार के बजट पर बड़ा असर डालती है। ऐसे में अक्सर लोगों को लगता है कि एक बार होम लोन लेने के बाद EMI कम करने का कोई तरीका नहीं होता।

लेकिन हकीकत इससे अलग है। अगर आप सही समय पर कुछ जरूरी कदम उठाते हैं और अपने लोन की नियमित समीक्षा करते हैं, तो न केवल EMI का बोझ कम कर सकते हैं, बल्कि पूरे लोन पर लाखों रुपये का ब्याज भी बचा सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे 5 आसान और असरदार तरीके।
1. ब्याज दर की समीक्षा कराएं-
अगर आपने 3-5 साल पहले होम लोन लिया था, तो संभव है कि उस समय ब्याज दर ज्यादा रही हो। ऐसे में सबसे पहले अपने बैंक से ब्याज दर कम करने (Interest Rate Revision) की मांग करें। कई बैंक मामूली प्रोसेसिंग फीस लेकर यह सुविधा देते हैं। अगर आपका बैंक बेहतर दर नहीं देता, तो दूसरे बैंक में Balance Transfer का विकल्प भी देख सकते हैं। हालांकि, इससे जुड़े सभी शुल्कों का हिसाब जरूर लगा लें।
2. अतिरिक्त रकम से प्रीपेमेंट करें-
अगर आपको बोनस, इंसेंटिव, टैक्स रिफंड या किसी निवेश से अतिरिक्त पैसा मिलता है, तो उसे खर्च करने के बजाय होम लोन के मूलधन (Principal Amount) में जमा करें। इससे लोन का मूलधन तेजी से कम होगा, ब्याज का बोझ घटेगा और आपका लोन तय समय से पहले खत्म हो सकता है।
3.लोन अवधि और EMI की सही योजना-
कम EMI के लिए लंबी अवधि का लोन लेना शुरुआत में आसान लगता है, लेकिन इससे कुल ब्याज काफी बढ़ जाता है। यदि आपकी आय पहले से बेहतर हो गई है, तो EMI थोड़ी बढ़ाकर लोन की अवधि (Loan Tenure) कम कराने पर विचार करें। इससे पूरे लोन पर ब्याज में बड़ी बचत हो सकती है।
4. अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखें-
अगर आपका CIBIL Score 750 या उससे अधिक है, तो बैंक आपको कम ब्याज दर पर लोन देने के लिए तैयार हो सकते हैं। समय पर EMI और क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान करें, जरूरत से ज्यादा कर्ज लेने से बचें और अपने Credit Utilization को सीमित रखें। अच्छा CIBIL Score भविष्य में भी बेहतर लोन शर्तें दिला सकता है।
5. हर साल अपने होम लोन की समीक्षा करें-
होम लोन लेने के बाद उसे पूरी तरह भूल जाना सही नहीं है। साल में कम से कम एक बार यह जरूर जांचें कि बाजार में ब्याज दरें क्या हैं, क्या आपका बैंक बेहतर दर दे सकता है, क्या Balance Transfer फायदेमंद रहेगा और क्या आप Prepayment कर सकते हैं। साथ ही लोन के साथ जुड़े अतिरिक्त शुल्क और बीमा जैसी सुविधाओं की भी समीक्षा करें।
होम लोन की EMI कम करने का मतलब सिर्फ हर महीने कम किस्त भरना नहीं, बल्कि पूरे लोन की लागत को कम करना है। सही समय पर Interest Rate Revision, नियमित Prepayment, अच्छा CIBIL Score और समय-समय पर लोन की समीक्षा जैसी आदतें अपनाकर आप लाखों रुपये का ब्याज बचा सकते हैं और तय समय से पहले कर्ज से मुक्त हो सकते हैं।
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