Wipro का जादू : 100 शेयर बने 2 करोड़ शेयर
History of Bonus Shares of Wipro

History of Bonus Shares of Wipro : अच्छी कंपनियां कैसे करोड़पति और अरबपति बना देती हैं, अगर यह बात जानना हो तो विप्रो के शेयर पर नजर डाली जा सकती है। अगर किसी ने शुरुआत में विप्रो के केवल 100 शेयर ही खरीदे होंगे, तो उन शेयरों की संख्या अब बढ़कर 2 करोड़ से ज्यादा हो गई है। यह चमत्कार हुआ है बोनस शेयर के कारण। विप्रो ने लगातार अपने निवेशकों को बोनस शेयर दिए हैं। अगर किसी ने शुरुआत दौर में व्रिपो का शेयर करीखा होगा तो उसे करीब 14 बार बोनस और शेयर स्प्लिट का फायदा मिल चुका होगा। आइये जानते हैं कि कैसे व्रिपो के सामान्य शेयरधारक करोड़पति ही नही अरबपति भी बन चुके हैं।

जानिए व्रिपो के मालिक के गांव के करोड़पतियों का हाल

जानिए व्रिपो के मालिक के गांव के करोड़पतियों का हाल

विप्रो आज एक बड़ी आईटी कंपनी है, लेकिन विप्रो की शुरुआत साबुन और वनस्पति तेल के कारोबार से हुई थी। विप्रो की शुरुआत 1945 में महाराष्ट्र में स्थित आलमनेर नाम के एक गांव में हुई थी। इस गांव में आज हर कोई करोड़पति है। हर परिवार के पास विप्रो के शेयर हैं। इस गांव में जैसे ही बच्चा जन्म लेता है तो उसके नाम पर गांव वाले कुछ शेयर विप्रो के खरीद लेते हैं। यही कारण है कि बड़ा होने पर गांव का बच्चा भी करोड़पति बन जाता है। यही कारण है कि इस गांव के ज्यादातर लोग आज करोड़पति हैं।

कैसे विप्रो के शेयर ने बनाया अरबपति

कैसे विप्रो के शेयर ने बनाया अरबपति

विप्रो निवेशकों को लगातार अच्छा रिटर्न देने वाली आईटी कंपनी रही है। अगर किसी व्यक्ति ने 1980 में विप्रो के 10,000 रुपये के शेयर खरीद लिए होंगे तो वह आज अरबपति हो चुका है। इस 10000 रुपये के निवेश की वैल्यू इस वक्त करीब 1100 करोड़ रुपये हो गई है। विप्रो के शेयर के इस रिटर्न में बोनस शेयर और स्प्लिट शेयर को शामिल किया गया है। हालांकि इस रिटर्न में लाभांश को शामिल नहीं किया गया है, जो लाखों रुपये का बनता है।

जानिए कैसे 100 शेयर बन गए 2 करोड़ से ज्यादा शेयर

जानिए कैसे 100 शेयर बन गए 2 करोड़ से ज्यादा शेयर

अगर आज से करीब 42 साल पहले (1980 में) में अगर किसी ने 10,000 रुपये के विप्रो के शेयर खरीदे होंगे, तो उसे उस वक्त 100 विप्रो के शेयर जारी हुुए होंगे। बाद में यह 100 शेयर बोनस शेयर और स्प्लिट शेयर मिलाकर आज 2 करोड़ से ज्यादा संख्या में शेयर हो गए हैं। वहीं इन शेयरों की वैल्यू इस वक्त करीब 1100 करोड़ रुपये है। आइये जानते हैं कि कैसे हुआ यह सब कुछ।

विप्रो के बोनस और शेयर स्प्लिट की हिस्ट्री

1980 में विप्रो के शेयर में 10,000 रुपये लगाने वाले निवेशक को विप्रो के 100 शेयर मिले। बोनस शेयर और स्पिलिट के बाद 100 शेयर बढ़कर 25536000 शेयर हो गए।

कैसे तेजी से बढ़ी विप्रो के शेयर की संख्या

  • 1980 में 100 शेयर
  • 1981 में 1:1 के बोनस से 200 शेयर हो गए
  • 1985 में 1:1 बोनस से 400 शेयर हो गए
  • 1986 में शेयर स्पिलिट हुआ फेस वैल्यू 10 रुपये होने से 4,000 शेयर हो गए
  • 1987 में 1:1 बोनस से 8,000 शेयर हो गए
  • 1989 में 1:1 बोनस से 16,000 शेयर हो गए
  • 1992 में 1:1 बोनस से 32,000 शेयर हो गए
  • 1995 में 1:1 बोनस से 64,000 शेयर हो गए
  • 1997 में 2:1 बोनस से 1,92,000 शेयर हो गए
  • 1999 में शेयर स्पिलिट हुआ फेसवैल्यू 2 होने से 9,60,000 शेयर हो गए
  • 2004 में 2:1 बोनस से 28,80,000 शेयर हो गए
  • 2005 में 1:1 बोनस से 57,60,000 शेयर हो गए
  • 2010 में 2:3 बोनस से 96,00,000 शेयर हो गए
  • 2017 में 1:1 बोनस से 1,92,00,000 शेयर हो गए
  • 2019 में 1:3 बोनस से 25536000 शेयर हो गए

नोट: यह जानकारी एनएसई और बीएसई के शेयर बाजार के जानकारों से ली गई है।

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