HDFC बैंक ने इस हफ्ते अपने क्रेडिट कार्ड नियमों में बड़े बदलाव लागू कर दिए हैं। अब बैंक रिवॉर्ड्स के पुराने सिस्टम को छोड़कर 'क्वार्टरली स्पेंडिंग' (तिमाही खर्च) मॉडल पर फोकस कर रहा है। भारत में लाखों कार्डहोल्डर्स, जो ट्रैवल और शॉपिंग के शौकीन हैं, उन पर इसका सीधा असर पड़ेगा। अगर आप अपनी लाइफस्टाइल और फायदों को बरकरार रखना चाहते हैं, तो इन नए नियमों को समझना आपके लिए बहुत जरूरी है।
सबसे बड़ा बदलाव एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस को लेकर हुआ है। अब कई पॉपुलर क्रेडिट कार्ड्स पर लाउंज एक्सेस पाने के लिए आपको एक कैलेंडर तिमाही में कम से कम 1 लाख रुपये खर्च करने होंगे। इस टारगेट को पूरा करने के बाद ही आपको अगली तिमाही के लिए लाउंज वाउचर मिलेंगे। खर्च से जुड़े इस नए नियम ने बार-बार हवाई सफर करने वालों को अपनी स्ट्रैटेजी बदलने पर मजबूर कर दिया है। अब लोग अपने बेनिफिट्स बचाए रखने के लिए नए तरीके तलाश रहे हैं।

HDFC क्रेडिट कार्ड के नए नियमों का आप पर क्या होगा असर?
ये नए नियम 15 मई से कई पॉपुलर कार्ड वेरिएंट्स पर लागू हो चुके हैं। बैंक का मकसद उन ग्राहकों को ज्यादा रिवॉर्ड देना है जो कार्ड का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। आप HDFC बैंक के मोबाइल ऐप के जरिए अपनी स्पेंडिंग लिमिट और प्रोग्रेस को ट्रैक कर सकते हैं। अपने मंथली खर्चों पर नजर रखकर आप इन शर्तों को आसानी से पूरा कर सकते हैं, जिससे आपकी ट्रैवल प्लानिंग में कोई रुकावट नहीं आएगी।
| कार्ड कैटेगरी | न्यूनतम खर्च | एंट्री बेनिफिट |
|---|---|---|
| प्रीमियम कार्ड्स | ₹1 लाख प्रति तिमाही | लाउंज एक्सेस |
| लाइफस्टाइल कार्ड्स | ₹1 लाख प्रति तिमाही | लाउंज एक्सेस |
HDFC क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव: अब क्या करें?
जो लोग 1 लाख रुपये की लिमिट पूरी नहीं कर पा रहे हैं, उनके बीच अब दूसरे बैंकों के विकल्प पॉपुलर हो रहे हैं। कई बैंक अब भी बिना किसी भारी-भरकम खर्च की शर्त के लाउंज एक्सेस की सुविधा दे रहे हैं। ऐसे बैकअप कार्ड्स का इस्तेमाल आपके समर वेकेशन के प्लान को बचा सकता है। एयरपोर्ट लाउंज में बिना किसी परेशानी के एंट्री के लिए अपने साथ एक से ज्यादा कार्ड रखना एक समझदारी भरा फैसला होगा। अगर आपका प्राइमरी कार्ड क्राइटेरिया पूरा नहीं करता, तो दूसरा कार्ड काम आ सकता है।
जुलाई तक रिवॉर्ड पॉइंट्स और एनुअल फीस में कुछ और बदलाव होने की उम्मीद है। अभी से अपना मंथली बजट रिव्यू करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा ताकि रिवॉर्ड्स का नुकसान कम से कम हो। एक्टिव रहकर ही आप अपने खर्च किए गए हर रुपये की पूरी वैल्यू वसूल पाएंगे। HDFC के ये बदलाव भारतीय बैंकिंग सेक्टर के बदलते ट्रेंड को दिखाते हैं, जहां बैंक अब कम इस्तेमाल होने वाले कार्ड्स के बजाय एक्टिव यूजर्स पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
More From GoodReturns

Navin Fluorine के शेयरों में तूफानी तेजी! Q1 Results के दौड़ा शेयर, आगे क्या होगा?

महंगाई के आंकड़े आज: क्या आपकी EMI और निवेश पर पड़ेगा असर?

Britannia से Cummins तक, आज इन 5 शेयरों में हलचल, इंट्राडे में रखें नजर!

प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन का ऑफर आया है? 'Accept' दबाने से पहले ये गणित जरूर समझें

सोने में निवेश का सही फैसला: SGB, ETF या फिजिकल गोल्ड, आपके लिए क्या है बेस्ट?

Amazon-Flipkart सेल: बैंक ऑफर्स और EMI का सही गणित, शॉपिंग से पहले ये जरूर देखें

IPO रिफंड का पैसा खाली न छोड़ें: 2-4 दिनों के लिए निवेश के ये विकल्प हैं बेस्ट

Godrej Consumer Q1 Results: आज नतीजों के साथ डिविडेंड का धमाका? निवेशकों की नजरें इन 3 ट्रिगर्स पर

Shiprocket IPO: निवेश से पहले जानें UPI-ASBA की डेडलाइन और रिस्क, क्या FD से बेहतर है रिटर्न?

Jio का ₹10,000 वाला Freedom Pack: 15 महीने की वैलिडिटी और फ्री OTT, क्या है पूरी सच्चाई?

ITR रिफंड का पैसा आना शुरू: क्या आपके खाते में आया? तुरंत चेक करें ये 3 जरूरी चीजें



Click it and Unblock the Notifications