एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने शनिवार को अपने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के नतीजे जारी किए, जिसमें मुनाफे में मामूली बढ़ोतरी और स्थिर एसेट क्वालिटी देखने को मिली। वहीं, 7 अक्टूबर को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट बढ़ाए जाने के बाद अब लोन लेने वालों और जमाकर्ताओं (Savers) के लिए अगले कुछ दिन बेहद अहम होंगे, क्योंकि बैंक अपने बेंचमार्क और ब्याज दरों की समीक्षा करने वाले हैं।
अगर आपका होम लोन रेपो रेट से जुड़ा है, तो 25 बेसिस पॉइंट (bps) की इस बढ़ोतरी का असर 8 अक्टूबर से या आपकी अगली लोन रीसेट डेट से दिखेगा। हालांकि, HDFC बैंक ने 7 अक्टूबर से सभी अवधि के लिए अपने MCLR में कटौती की है, जिससे रीसेट के समय MCLR-लिंक्ड EMI पर थोड़ा कम दबाव पड़ेगा। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने लोन का बेंचमार्क, स्प्रेड और रीसेट साइकिल जरूर जांच लें।

₹50 लाख के लोन पर EMI का असर
25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी से 20 साल की अवधि वाला फ्लोटिंग रेट 8.50 फीसदी से बढ़कर 8.75 फीसदी हो जाता है। इससे प्रति लाख रुपये पर ईएमआई करीब ₹16 बढ़ जाती है, यानी ₹50 लाख के लोन पर हर महीने लगभग ₹800 का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वहीं 30 साल की अवधि के लिए यह बढ़ोतरी करीब ₹18 प्रति लाख या कुल ₹890 प्रति माह बैठती है। अगर आपके पास विकल्प हो, तो लोन की अवधि (Tenor) बढ़ाने के बजाय थोड़ी ज्यादा ईएमआई चुकाने को प्राथमिकता दें, ताकि कुल ब्याज कम देना पड़े।
| स्थिति | दर | अवधि | प्रति ₹1 लाख EMI | ₹50 लाख पर बदलाव |
|---|---|---|---|---|
| बढ़ोतरी से पहले | 8.50% | 20 साल | ₹868 | — |
| बढ़ोतरी के बाद | 8.75% | 20 साल | ₹884 | ≈₹800 |
| बढ़ोतरी से पहले | 8.50% | 30 साल | ₹769 | — |
| बढ़ोतरी के बाद | 8.75% | 30 साल | ₹787 | ≈₹890 |
FD की दरें और सीनियर सिटीजन्स के लिए खास ऑफर्स
एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने 16 अक्टूबर की तारीख के साथ नई एफडी (FD) दरें जारी की हैं। आम ग्राहकों के लिए अधिकतम ब्याज दरें 6.50 फीसदी के आसपास हैं, जबकि वरिष्ठ नागरिकों को सामान्यतः 0.50 फीसदी अतिरिक्त ब्याज मिल रहा है। हाल ही में कुछ खास अवधि की दरों में थोड़ी बढ़ोतरी भी की गई है। इस हफ्ते 1 से 2 साल की एफडी की दरों और कॉलेबल बनाम नॉन-कॉलेबल एफडी के अंतर पर नजर रखें।
फेस्टिव ऑफर्स और क्रेडिट कार्ड का खर्च
क्रेडिट कार्ड धारक 11 नवंबर तक चुनिंदा पार्टनर ब्रांड्स पर 10 फीसदी तक के इंस्टेंट डिस्काउंट जैसे फेस्टिव ऑफर्स का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि, क्रेडिट कार्ड के बाकी बकाया पर 3.75 फीसदी प्रति माह तक का भारी फाइनेंस चार्ज लगता है। इसलिए, बड़ी खरीदारी को आसान ईएमआई (EMI) में बदल लें, बशर्ते फीस के मुकाबले बचत ज्यादा हो। उधर, सोमवार को शेयर बाजार की नजर बैंक के मार्जिन, डिपॉजिट लागत और रिटेल ब्याज दरों के नए अपडेट्स पर रहेगी।


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