नयी दिल्ली। 2020 में लगभग सभी बड़े बैंकों ने एफडी पर ब्याज दरों में कटौती की। इस लिहाज से ये माना जा सकता है कि एफडी निवेश का एक अच्छा ऑप्शन नहीं रह गया है। मगर यदि आप प्लानिंग के साथ थोड़ा दिमाग लगा कर एफडी में निवेश करें तो आराम से 1.25 लाख रु से ज्यादा का ब्याज कमा सकते हैं। यहां हम आपको देश के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक से 1.25 लाख रु से ज्यादा का ब्याज हासिल करने का तरीका बताएंगे।
एफडी निवेश के लिए सुरक्षित ऑप्शन
एफडी निवेश के लिहाज से भारत में काफी लोकप्रिय ऑप्शन रहा है। इसकी एक बड़ी वजह रही है सुरक्षा। एफडी में एक बार पैसा लगा कर आप टेंशन फ्री हो जाते हैं। इसमें शेयर बाजार की तरह रोज-रोज निवेश के ऊपर-नीचे होने की गुंजाइश नहीं होती। दूसरी बात इसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए बढ़िया माना जाता है। अधिकतर बैंक एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को थोड़ी ब्याज दर भी देते हैं।
एचडीएफसी बैंक में एफडी ब्याज दरें
एचडीएफसी बैंक में आम लोगों को 5 करोड़ रु से नीचे की राशि पर 7 से 14 दिन पर 2.50 फीसदी, 15 से 29 दिन पर 2.50 फीसदी, 30 से 45 दिन पर 3 फीसदी, 46 से 60 दिन पर 3 फीसदी, 61 से 90 दिन पर 3 फीसदी, 91 से 6 महीनों पर 3.5 फीसदी, 6 महीनों से 9 महीने तक पर 4.40 फीसदी, 1 से 2 साल पर 4.9 फीसदी, 2 से 3 साल पर 5.15 फीसदी, 3 से 5 साल पर 5.30 फीसदी और 5 से 10 साल पर 5.50 फीसदी ब्याज मिलेगा।
ऐसे मिलेगा 1.25 लाख रु से ज्यादा का ब्याज
यदि आप 5 साल के लिए 5 लाख रु की एफडी कराएं तो आपको हर साल 25000 रु से ज्यादा का ब्याज हासिल होगा। इस तरह 5 सालों में आपको मिलने वाली ब्याज राशि 1.25 लाख रु से अधिक हो जाएगी। यानी एचडीएफसी बैंक में 5 लाख रु 5 साल के लिए निवेश करने पर आप 1.25 लाख रु से अधिक का ब्याज हासिल कर सकते हैं।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दरें
एचडीएफसी बैंक में वरिष्ठ लोगों को और भी अधिक ब्याज मिलेगा। 5 करोड़ रु से नीचे की राशि पर बैंक में 7 से 14 दिन पर 3 फीसदी, 15 से 29 दिन पर 3 फीसदी, 30 से 45 दिन पर 3.50 फीसदी, 46 से 60 दिन पर 3.50 फीसदी, 61 से 90 दिन पर 3.50 फीसदी, 91 से 6 महीनों पर 4 फीसदी, 6 महीनों से 9 महीने तक पर 4.90 फीसदी, 1 से 2 साल पर 5.4 फीसदी, 2 से 3 साल पर 5.65 फीसदी, 3 से 5 साल पर 5.80 फीसदी और 5 से 10 साल पर 6.25 फीसदी ब्याज मिलेगा।
इस साल क्यों घटी ब्याज दरें
इस साल भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रेपो दर (या उस प्रमुख ब्याज दर को काफी कम किया है, जिस पर वह बैंकों को पैसा उधार देता है) को फरवरी के बाद से कुल 115 आधार अंक यानी 1.15 फीसदी कम किया है। इसके चलते बैंकों ने लोन दरें तो कम कीं, मगर इससे उन्हें अपनी एफडी दरें कम करने के लिए भी मजबूर होना पड़ा।
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