कोरोना वायरस की वजह से पूरा देश लॉकडाउन में बंद है। इसी कारण अब सब कुछ ऑनलाइन उपलब्ध हो रही है। खाने पीने के सामान से लेकर ट्रांजेक्श्न तक ऑनलाइन की जा रही है।
नई दिल्ली: कोरोना वायरस की वजह से पूरा देश लॉकडाउन में बंद है। इसी कारण अब सब कुछ ऑनलाइन उपलब्ध हो रही है। खाने पीने के सामान से लेकर ट्रांजेक्श्न तक ऑनलाइन की जा रही है। खास बात तो ये है कि इस इस दौरान हेल्थ पॉलिसी और जीवन बीमा की भी डिमांड काफी बढ गई है। आजकल इलाज का खर्च भी काफी बढ़ गया है की उसको झेलना हर किसी के बस की बात नहीं। इसी वजह से जीवन बीमा और स्वास्थ बीमा की मांग बढ़ गयी है। लोग ऑनलाइन अपना हेल्थ और जीवन बीमा कर रहा हैं, लेकिन इरडा की ओर से सावधान किया गया है कि ऐसी फ्रॉड कंपनियों से सावधान रहने की जरुरत है जो कम प्रीमियम का लालच दे रही है। इरडा के अनुसार ऐसी कंपनियां आपके साथ फ्राड कर सकती हैं। ऐसे में ऑनलाइन पॉलिसी देते समय आपको काफी सतर्क रहने की जरुरत है।
सावधान रहें फर्जी ऑनलाइन ऑफर्स से
इरडा ने आवेदकों को इंश्योरेंस के फर्जी ऑनलाइन ऑफर से बचने के लिए कहा है। कोरोना वायरस लॉकडाउन की लोग ऑनलाइन इंश्योरेंस खरीदने में लग गए हैं। लोगों में महामारी के डर से हेल्थ इंश्योरेंस की ज्यादा डिमांड कर रहे हैं। ऐसे में इरडा की ओर से कहा गया है कि मार्केट में कई फेक संस्थान डिजिटल माध्यम से बहुत कम प्रीमियम पर पॉलिसी देने का झांसा दे रहे हैं। जिससे देश के लोगों को बचने की काफी जरुरत है।
ऑनलाइन इंश्योरेंस खरीदने वक्त इन बातों का रखें ध्यान
जानकारी दें कि इरडा ने लोगों को इंश्योरेंस के फर्जी ऑनलाइन ऑफर से सावधान रहने के लिए कहा है। कोरोना से देशभर में लॉकडाउन के कारण इंश्योरेंस खरीदने के लिए इंटरनेट लोगों का पसंदीदा जरिया बन गया है। महामारी के चलते खासतौर से लोगों की हेल्थ इंश्योरेंस को खरीदने में दिलचस्पी बढ़ी है।
इन वेबसाइट से ही खरीदें इंश्योरेंस
बीमा नियामक लोगों को आगाह किया गया है कि कई फर्जी संस्थान डिजिटल माध्यम से बेहद कम प्रीमियम पर इंश्योरेंस पॉलिसी का लालच दे रहे हैं। ऐसे किसी झांसे में फंसने से उन्हें बचना चाहिए। इन संस्थानों से ही इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदनी चाहिए:
1. इरडा से पंजीकृत बीमा कंपनियां
2. इरडा से पंजीकृत इंश्योरेंस इंटरमीडिएयरी जिन्हें ऐसा कारोबार करने की इंजाजत है
3. इंश्योरेंस कंपनियों के नियुक्त बीमा एजेंट
ध्यान रखें इन बातों का
इरडा ने कहा है कि ग्राहकों को बीमा कंपनी, इंटरमीडिएरी या एजेंटों की वास्तविकता को जांच लेना चाहिए। जांच के बाद ही ऑनलाइन पेमेंट के बारे में सोचना चाहिए। नियामक ने कहा कि और अधिक जानकारी के लिए इरडा की कंज्यूमर एजुकेशन वेबसाइट http://www.policyholder.gov.in/ पर ग्राहक जा सकते हैं।


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