अगर आपका सालाना टर्नओवर ₹5 करोड़ से ज्यादा है और आप मंथली जीएसटी फाइल करते हैं, तो आज GSTR-3B दाखिल करने का आखिरी मौका है। यह रिटर्न अगस्त 2026 महीने के लिए है, जिसकी डेडलाइन आज यानी रविवार, 20 सितंबर 2026 रखी गई है। अगर आप आज चूक गए, तो कल से ही पेनल्टी (लेट फीस) और ब्याज लगना शुरू हो जाएगा। इसलिए बिना किसी आधिकारिक छूट का इंतजार किए, आज ही अपना रिटर्न फाइल कर लें।
जीएसटी नियम की धारा 50 के मुताबिक, टैक्स पेमेंट में देरी करने पर सालाना 18 फीसदी की दर से ब्याज वसूला जाता है। वहीं, नॉर्मल रिटर्न के लिए लेट फीस ₹50 रोज और निल (Nil) रिटर्न के लिए ₹20 प्रति दिन है। जून 2021 से लागू नियमों के तहत लेट फीस की एक तय सीमा (कैप) है—₹5 करोड़ से अधिक टर्नओवर वालों के लिए यह अधिकतम ₹10,000 तक हो सकती है। मान लीजिए आपका टैक्स ₹1,20,000 बनता है और आप इसे 4 दिन देरी से जमा करते हैं, तो आपको लगभग ₹237 ब्याज और ₹200 लेट फीस मिलाकर कुल ₹437 अतिरिक्त देने होंगे।

GSTR‑3B की आज आखिरी तारीख: फाइलिंग प्रोसेस और ITC का ऐसे करें सही मिलान
फाइल करने से पहले अपने परचेज रजिस्टर (खरीद के हिसाब-किताब) का मिलान GSTR-2B से जरूर कर लें और इसके बाद ही GSTR-3B के टेबल 4 को भरें। जो इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) दावा करने योग्य नहीं है, उसे अलग पहचानें और सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। पोर्टल पर भीड़ बढ़ने से पहले PMT-06 के जरिए अपना कैश लेजर रीचार्ज कर लें, फिर फॉर्म सबमिट करके फाइलिंग पूरी करें। ध्यान रहे, अगर आपने गलत तरीके से ITC क्लेम करके उसका इस्तेमाल कर लिया है, तो जब तक आप उसे रिवर्स करके भुगतान नहीं कर देते, तब तक 24 फीसदी की भारी दर से ब्याज देना पड़ेगा।
पुराने रिटर्न पर 3 साल की रोक और QRMP स्कीम वाले रखें इन बातों का ध्यान
जीएसटी के नए नियमों के तहत, ओरिजिनल डेडलाइन बीतने के 3 साल बाद आप पुराना रिटर्न दाखिल नहीं कर सकते। 1 अक्टूबर 2023 से लागू यह 3 साल की रोक धारा 37, 39, 44 और 52 पर लागू होती है। इसका मतलब यह हुआ कि अगस्त 2023 का GSTR-3B अब 20 सितंबर 2026 के बाद किसी भी हाल में फाइल नहीं किया जा सकेगा। वहीं, QRMP स्कीम चुनने वाले टैक्सपेयर्स यह पक्का कर लें कि उन्होंने जुलाई और अगस्त महीने का PMT-06 चालान 25 तारीख तक जमा कर दिया है या नहीं।
लेट फीस का नया बनाम पुराना नियम: एक नजर में समझें अंतर
| टर्नओवर / रिटर्न का प्रकार | पुरानी अधिकतम सीमा (मई 2021 तक) | मौजूदा अधिकतम सीमा (जून 2021 से) |
|---|---|---|
| निल (Nil) रिटर्न | ₹10,000 | ₹500 |
| ₹1.5 करोड़ तक | ₹10,000 | ₹2,000 |
| ₹1.5 से ₹5 करोड़ | ₹10,000 | ₹5,000 |
| ₹5 करोड़ से अधिक | ₹10,000 | ₹10,000 |
लेट फीस की लिमिट, DRC‑03 का सही इस्तेमाल और पोर्टल की समस्याओं से बचने के टिप्स
अगर आपके पास फंड की कमी है, तो भी 3B फॉर्म में टैक्स की देनदारी कम करके न दिखाएं। अपनी पूरी और सही देनदारी की ही जानकारी दें; पिछले किसी टैक्स बकाया का अपनी मर्जी से भुगतान करने के लिए केवल DRC-03 फॉर्म का ही इस्तेमाल करें। पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए ऐसे समय फाइलिंग करें जब ट्रैफिक कम हो। लॉगिन रिफ्रेश करते रहें, ब्राउजर की कैशे (Cache) क्लियर करें और अपने DSC ड्राइवर्स को अपडेट रखें। फाइलिंग पूरी होने के बाद एक्नॉलेजमेंट रेफरेंस नंबर (ARN), फाइलिंग रसीद और ईमेल या एसएमएस से मिले कन्फर्मेशन को सुरक्षित सेव कर लें।


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