अगर आपका छोटा बिजनेस क्वार्टरली रिटर्न मंथली पेमेंट (QRMP) स्कीम के तहत आता है, तो जुलाई महीने का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) जमा करने की आज आखिरी तारीख है। ₹5 करोड़ तक के कुल टर्नओवर वाले टैक्सपेयर्स को आज, मंगलवार 25 अगस्त की रात 11:59 बजे तक फॉर्म PMT-06 के जरिए टैक्स जमा करना होगा। PMT-06 जमा करने पर कोई लेट फीस नहीं लगती, लेकिन अगर पेमेंट में देरी हुई या कम टैक्स भरा गया, तो 18% सालाना की दर से ब्याज देना होगा।
बस 5 मिनट निकालिए और सीधे GST पोर्टल (gst.gov.in) पर लॉगिन कीजिए। इसके बाद Services, Payments, फिर Create Challan विकल्प पर जाएं। अब PMT-06 चुनें और अपनी सहूलियत के हिसाब से Fixed Sum या Self-Assessment मेथड सिलेक्ट करें। इसके बाद सही मेजर और माइनर हेड्स चुनकर अमाउंट दर्ज करें। अब NetBanking, NEFT, RTGS, कार्ड्स या UPI में से किसी एक तरीके से चालान जनरेट करें और पेमेंट पूरा करें। पेमेंट के बाद चालान आइडेंटिफिकेशन नंबर (CIN) नोट करना न भूलें और तिमाही फॉर्म GSTR-3B (GSTR-3B) में एडजस्टमेंट के लिए इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर क्रेडिट जरूर चेक कर लें।

GST PMT-06: पेमेंट के तरीके और पोर्टल पर आसान स्टेप्स
Fixed Sum मेथड में पिछले क्वार्टर की नेट कैश लायबिलिटी के आधार पर सिस्टम खुद ही 35 फीसदी का प्री-फिल्ड चालान जनरेट कर देता है। यह उन कारोबारियों के लिए बेहतरीन है, जिनकी बिक्री स्थिर रहती है और जिन्होंने पिछले क्वार्टर में कैश में पेमेंट किया था। वहीं Self-Assessment मेथड में इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घटाने के बाद जुलाई की वास्तविक लायबिलिटी का पता चलता है। यह तरीका घटती-बढ़ती बिक्री या ज्यादा इनपुट क्रेडिट वाले बिजनेस के लिए सही है। अगर आपकी कोई टैक्स लायबिलिटी नहीं बनती, तो भी NIL चालान जनरेट करें और उसका प्रूफ रिकॉर्ड में रखें। उदाहरण के लिए, अगर आपकी आउटपुट टैक्स लायबिलिटी ₹1,20,000 है और इनपुट क्रेडिट ₹90,000 है, तो आपको PMT-06 के जरिए ₹30,000 जमा करने होंगे।
| पैमाना | Fixed Sum मेथड | Self-Assessment मेथड |
|---|---|---|
| रेफरेंस अमाउंट | पिछले क्वार्टर की नेट कैश लायबिलिटी का 35% | जुलाई की कुल लायबिलिटी में से इनपुट क्रेडिट घटाकर |
| स्पीड | काफी तेज, सिस्टम खुद अमाउंट दिखाता है | बुक्स और इनपुट क्रेडिट की समीक्षा करनी पड़ती है |
| किसके लिए बेहतर | हर महीने स्थिर बिक्री वाले बिजनेस के लिए | घटती-बढ़ती बिक्री या ज्यादा इनपुट क्रेडिट वाले बिजनेस के लिए |
| ब्याज का जोखिम | कम, अगर कैश पेमेंट पिछले क्वार्टर जैसा ही हो | कम, अगर अनुमान वास्तविक आंकड़ों से मेल खाता हो |
GST PMT-06: ब्याज के नियम, बैंक कट-ऑफ और गलतियों से कैसे बचें
25 अगस्त के बाद टैक्स जमा करने या कम रकम जमा करने पर 18 फीसदी सालाना की दर से ब्याज लगेगा। उदाहरण के लिए, अगर आपकी कैश लायबिलिटी ₹50,000 है और आप 3 दिन देरी से पेमेंट करते हैं, तो आपको लगभग ₹74 का ब्याज देना होगा। ध्यान रखें कि नेटबैंकिंग से पेमेंट तुरंत प्रोसेस होता है, लेकिन NEFT या RTGS में क्रेडिट रिफ्लेक्ट होने में थोड़ा वक्त लग सकता है। इसलिए चालान समय रहते बनाएं, CIN की पुष्टि करें और यह सुनिश्चित करें कि रकम इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में दिख रही है। एक बार जनरेट हुआ चालान 15 दिनों तक वैलिड रहता है; म्याद खत्म होने पर नया चालान बनाएं।
पेमेंट करते समय गलत माइनर हेड चुनने से बचें, क्योंकि टैक्स, ब्याज, पेनल्टी, फीस और अन्य चार्ज के लिए अलग-अलग हेड होते हैं। कैश लेजर और इनपुट क्रेडिट को एक समझने की भूल न करें; कैश टॉप-अप से इनपुट क्रेडिट नहीं बनता। ध्यान रखें कि PMT-06 और स्वेच्छा से पेमेंट के लिए इस्तेमाल होने वाला DRC-03 अलग-अलग फॉर्म हैं। टैक्स पीरियड के रूप में July 2026 ही चुनें और अपना GSTIN व बैंक डिटेल्स अच्छी तरह जांच लें। पेमेंट के बाद रसीद वाला चालान डाउनलोड कर लें और फिर सितंबर के GSTR-3B में इसका मिलान जरूर कर लें।


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