Gratuity Calculator: नए श्रम कानूनों ने ग्रेच्युटी की एलिजिबिलिटी बदलाव किए हैं, जिससे अब कर्मचारी लगातार सेवा के केवल एक साल के बाद ही ग्रेच्युटी मिल सकता हैं। नए लेबर कोड्स के लागू होने से ग्रेच्युटी में कई बदलाव आए हैं, जिससे एक अहम सवाल खड़ा हो गया है। इसे कौन और कब पा सकता है? चाहे आप फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉई हों, बार-बार नौकरी बदलने वाले हों, या परमानेंट एम्प्लॉई हों, आपके लिए नियमों में हुए उन बदलावों के बारे में जानना बहुत जरूरी है, जो ग्रेच्युटी के लिए आपकी पात्रता पर असर डाल सकते हैं।

नए फ्रेमवर्क के तहत, परमानेंट कर्मचारियों के लिए 5 साल की पुरानी शर्त में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वालों और फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों (FTEs) को बड़ी राहत मिली है। अब वे सिर्फ़ एक साल की लगातार सर्विस के बाद ही ग्रेच्युटी के हकदार बन जाएंगे। उम्मीद है कि इस बदलाव से लाखों कर्मचारियों को फायदा होगा, जो पहले कम समय तक नौकरी करने की वजह से ग्रेच्युटी से वंचित रह जाते थे।
तो आइए, विस्तार से समझते हैं कि अगर आपकी बेसिक सैलरी 35,000 रुपये है, तो नए नियम के तहत आपको कितनी ग्रेच्युटी मिल सकती है।
1 साल के ग्रेच्युटी के लिए कौन एलिजिबल है?
'सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020' के तहत, कर्मचारियों की कुछ खास श्रेणियों के लिए ग्रेच्युटी की पात्रता के मानदंडों में बदलाव किया गया है। अब फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी (FTEs) सिर्फ एक साल की लगातार सेवा पूरी करने के बाद ही ग्रेच्युटी के पात्र हो जाएंगे। यह पहले की उस शर्त से एक अहम बदलाव है, जिसके तहत कम-से-कम पांच साल की सेवा जरूरी थी। सरकार ने ग्रेच्युटी के लिए पात्रता की इस घटी हुई एक साल की अवधि का लाभ कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी दिया है। हालांकि, यह छूट स्थायी कर्मचारियों पर लागू नहीं होती है।
नई संहिता में नियमित या स्थायी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी से जुड़े नियमों में किसी भी तरह के बदलाव का जिक्र नहीं किया गया है। उनके लिए ग्रेच्युटी पाने के लिए पांच साल की लगातार सेवा की शर्त पहले की तरह ही बनी रहेगी।
आपको 1 साल की ग्रेच्युटी कब मिलेगी?
यह सिर्फ कुछ खास हालात में ही वैलिड है, जिसमें बिना लंबे ब्रेक या लंबी छुट्टियों के लगातार पूरे एक साल काम करना शामिल है। हालांकि, अगर एम्प्लॉई ने बीच में लंबी छुट्टियां या लंबा ब्रेक लिया है, तो इससे सर्विस जारी रहने में रुकावट आ सकती है और ग्रेच्युटी की एलिजिबिलिटी और मुश्किल हो सकती है। उदाहरण के लिए, अगर कोई एम्प्लॉई इस्तीफा देता है, तो ग्रेच्युटी का कैलकुलेशन उसकी जॉइनिंग की तारीख से लेकर आखिरी वर्किंग डे तक किया जाता है।
1 साल बाद 35,000 रुपये की सैलरी पर ग्रेच्युटी कितनी होगी?
अगर आपकी बेसिक सैलरी 35,000 रुपये है, तो एक साल की सर्विस के बाद आपको मिलने वाली ग्रेच्युटी लगभग 20,192 रुपये होगी। इसका मतलब है कि अब कम समय तक काम करने वाले कर्मचारियों को भी सीधे फायदे मिलते हैं।


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