Govt Scheme: केंद्र सरकार हो या राज्य सरकारें, अपने-अपने स्तर पर आम लोगों को बेहचर हेल्थ सुविधा देने के लिए कई तरह की योजनाएं चला रही हैं। जहां एक ओर केंद्र की मोदी सरकार प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के तहत गरीब परिवार के लोगों को सालाना 5 लाख रुपये की फ्री इलाज सुविधा दे रही है। वहीं, अन्य राज्य सरकारें भी इस तरह की योजना चला रही हैं।

इसी कड़ी में राजस्थान सरकार ने गंभीर और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए 'मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना' शुरू की है। जनवरी 2025 में शुरू हुई इस योजना को लगभग 11 महीने पूरे हो चुके हैं, लेकिन अभी भी कई लोग इसकी जानकारी से अनजान हैं। यह पहल बच्चों के समुचित इलाज और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से लाई गई है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में, राजस्थान सरकार ने उन बच्चों की मदद के लिए यह योजना बनाई है जो आर्थिक अभाव के कारण अपनी दुर्लभ बीमारियों का इलाज नहीं करा पाते थे। 18 वर्ष तक के इन बच्चों को इस योजना के तहत मुफ्त उपचार और उनके परिवारों को वित्तीय सहायता मिलती है।
इस योजना के तहत, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को 50 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त, उनके परिवारों को हर महीने 5,000 रुपये की वित्तीय मदद भी दी जाती है। यह सहायता न केवल महंगे इलाज का खर्च उठाती है, बल्कि परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को भी कम करती है।
योजना का लाभ लेने के लिए कहां और कैसे करें आवेदन?
योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इच्छुक परिवार ई-मित्र केंद्र या एसएसओ आईडी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं, जिसमें बायोमेट्रिक या ओटीपी सत्यापन की आवश्यकता होती है।
आवेदन के लिए दुर्लभ बीमारी का प्रमाण पत्र अनिवार्य है, जिसे एम्स जोधपुर और जेके लोन अस्पताल, जयपुर के नोडल अधिकारी ऑनलाइन जारी करते हैं। यह प्रमाण पत्र बच्चे की पात्रता निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
योजना का लाभ लेने की क्या है पात्रता?
पात्रता मानदंडों के अनुसार, बच्चे का राजस्थान का मूल निवासी होना आवश्यक है, या परिवार कम से कम तीन वर्षों से राजस्थान में रह रहा हो। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा महंगे इलाज के कारण वंचित न रहे और किसी भी परिवार को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
योजना के क्या-क्या फायदे हैं?
यह योजना उन परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है जो लंबे समय से अपने बच्चों की स्वास्थ्य लड़ाई अकेले लड़ रहे थे। 'मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना' की कुछ खास विशेषताएं इस प्रकार हैं:
50 लाख रुपये तक का पूरी तरह मुफ्त इलाज।
परिवार को हर महीने 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता।
18 साल तक के बच्चों के लिए लागू।
56 प्रकार की बीमारियों के इलाज के लिए सहायता।
गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत।
यह योजना गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के इलाज में एक नई उम्मीद और सहारा बनकर उभरी है, जिससे उन्हें और उनके परिवारों को बेहतर भविष्य मिल सके।


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