Cashless Treatment Scheme: देशभर में रोजाना कई सारी सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। घायल लोगों की जान बचाने के लिए सरकार ने हाल ही में सड़क हादसों के शिकार लोगों के लिए एक बड़ी राहत वाली योजना शुरू की है। इसके तहत अब एक्सीडेंट के तुरंत बाद इलाज के लिए पैसे की चिंता छोड़कर लोग आसानी से अपना इलाज करवा सकेंगे। सरकार ने यह कदम सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और लोगों की जान बचाने के लिए उठाया है। समय पर इलाज मिलने से असमान्य मौतों को रोका जा सकेगा।

अनलिस्टेड अस्पताल में भर्ती कराने पर क्या होगा?
सड़क हादसों के शिकार लोगों के लिए सरकार ने कैशलेस ट्रीटमेंट योजना को नोटिफाई कर दिया है, जिसके तहत पीड़ितों को 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। सरकार द्वारा शुरू की गई सड़क हादसा पीड़ितों के लिए कैशलेस इलाज योजना में हर पहलू को स्पष्ट किया गया है। अगर मरीज को किसी अनलिस्टेड अस्पताल में भर्ती कराया गया है, तो वह अस्पताल सिर्फ प्राथमिक इलाज करने के बाद मरीज को डेजिग्नेटेड अस्पताल में रेफर करेगा।
नेशनल हेल्थ अथॉरिटी की है जिम्मेदारी
सड़क हादसों के पीड़ितों के लिए सरकार की कैशलेस इलाज योजना को सुचारु रूप से लागू करने के लिए अब डिजिटल पोर्टल की जिम्मेदारी नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) को दी गई है। अस्पतालों को पेमेंट मरीज के इलाज के 10 दिन के अंदर कर दिया जाएगा। इससे अस्पतालों को समय पर भुगतान मिलेगा और मरीजों का इलाज बिना देरी और बिना झंझट के हो सकेगा।
इस योजना से जुड़ी सारी डिजिटल प्रक्रिया को नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) संभालेगी। NHA पहले से ही आयुष्मान भारत योजना जैसे बड़े स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन कर रही है। अब इस नई योजना में भी अस्पतालों, मरीजों और सरकार के बीच डिजिटल लिंक का काम करेगी और लोगों को समय पर इलाज मिल पाएगा।


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