Home Loan: आज के समय में अपना खुद का घर होना हर किसी का सपना है, लेकिन लगातार बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों ने इस सपने को पूरा करना आसान नहीं छोड़ा है। बड़े शहरों में तो घर खरीदना आम आदमी के बजट से बाहर होता जा रहा है। ऐसे में ज्यादातर लोग बैंक से होम लोन लेकर अपने सपनों का घर खरीदने का रास्ता चुनते हैं।

अगर आप भी आने वाले समय में होम लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे जरूरी है कि आप अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों, ईएमआई और कुल खर्च की तुलना जरूर करें। थोड़ी सी ब्याज दर का फर्क लंबे समय में लाखों रुपए का अंतर बना देता है।
प्राइवेट बनाम सरकारी बैंक का मुकाबला
भारत में होम लोन के लिए प्राइवेट और सरकारी दोनों तरह के बैंक विकल्प देते हैं। प्राइवेट बैंक जहां तेज प्रोसेस और सुविधाओं के लिए जाने जाते हैं, वहीं सरकारी बैंक कम ब्याज दरों के कारण ग्राहकों को आकर्षित करते हैं। यहां हम देश के बड़े प्राइवेट बैंक HDFC और प्रमुख सरकारी बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) के होम लोन की तुलना कर रहे हैं।
HDFC बैंक की होम लोन ब्याज दर
HDFC बैंक अपने ग्राहकों को लगभग 7.90 प्रतिशत की शुरुआती ब्याज दर पर होम लोन ऑफर करता है। हालांकि, यह दर हर ग्राहक के लिए समान नहीं होती। आपकी इनकम, नौकरी की स्थिरता और क्रेडिट स्कोर के आधार पर ब्याज दर कम या ज्यादा हो सकती है। अच्छा सिबिल स्कोर होने पर कम ब्याज मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
बैंक ऑफ बड़ौदा का होम लोन कितना सस्ता?
बैंक ऑफ बड़ौदा की बात करें तो यह बैंक करीब 7.45 प्रतिशत की शुरुआती ब्याज दर से होम लोन देता है। यह दर HDFC के मुकाबले थोड़ी कम है। यहां भी ब्याज दर ग्राहक की प्रोफाइल और क्रेडिट स्कोर पर निर्भर करती है।
30 लाख के होम लोन पर EMI में कितना फर्क?
अगर कोई व्यक्ति HDFC बैंक से 30 लाख रुपए का होम लोन 15 साल के लिए लेता है और ब्याज दर 7.90 प्रतिशत रहती है, तो उसे हर महीने करीब 28,497 रुपए की EMI चुकानी होगी। इस अवधि में कुल भुगतान लगभग 51.29 लाख रुपये होगा, जिसमें करीब 21.29 लाख रुपए सिर्फ ब्याज होंगे।
वहीं, अगर यही लोन बैंक ऑफ बड़ौदा से 7.45 प्रतिशत ब्याज दर पर लिया जाए, तो मासिक EMI लगभग 27,725 रुपए बनेगी। 15 साल में कुल भुगतान करीब 49.90 लाख रुपए होगा और ब्याज लगभग 19.90 लाख रुपए देना पड़ेगा।
कौन सा बैंक आपके लिए बेहतर?
अगर केवल कम ब्याज और कम EMI की बात करें, तो बैंक ऑफ बड़ौदा का होम लोन थोड़ा सस्ता पड़ता है। हालांकि, लोन चुनते समय सिर्फ ब्याज दर नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग फीस, प्री-पेमेंट चार्ज, सर्विस और लोन अप्रूवल टाइम भी ध्यान में रखना चाहिए।
होम लोन लेने से पहले अच्छी तरह तुलना करना बेहद जरूरी है। सही बैंक चुनकर आप न सिर्फ हर महीने की EMI कम कर सकते हैं, बल्कि लंबे समय में लाखों रुपए की बचत भी कर सकते हैं। इसलिए जल्दबाजी न करें और सोच-समझकर फैसला लें।


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