Gopala Polyplast : 1 साल में 24628 फीसदी रिटर्न, 1 लाख रु हो गए 2.46 करोड़ रु

नई दिल्ली, अक्टूबर 21। पैकेजिंग उद्योग की एक स्मॉल कैप कंपनी बीते एक साल में अपने पेनी स्टॉक के स्टेटस से बाहर आ गयी है। बीते 1 साल में यह 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंची। हम बात कर रहे हैं गोपाला पॉलिप्लास्ट की। पिछले सप्ताह में गोपाला पॉलिप्लास्ट का शेयर 1286.95 रु के 52 हफ्तों के ऊपरी स्तर तक गया। शेयर ने बीते एक साल में महज 4.25 रु से स्तर से मौजूदा 1050.95 रु तक का सफर तय किया है। आज ये 1050.95 रु के स्तर पर है। आज इस शेयर में 5 फीसदी लोअर सर्किट लगा हुआ है। ये 5 फीसदी की गिरावट के साथ 1050.95 रु पर ही है।

1 लाख रु को बनाया 2.46 करोड़ रु

1 लाख रु को बनाया 2.46 करोड़ रु

4.25 रु के स्तर से 1050.95 रु तक पहुंचने में गोपाला पॉलिसीप्लास्ट ने निवेशकों को 24628 फीसदी का भारी भरकम रिटर्न दिया। इसने निवेशकों का पैसा 246 गुना से भी अधिक कर दिया। यानी अगर किसी ने 1 साल पहले इस कंपनी के शेयरों में सिर्फ 1 लाख रु का निवेश किया हो तो 24628 फीसदी रिटर्न के साथ उसकी निवेश राशि 2.46 करोड़ रु से अधिक हो गयी होगी।

37 साल पुरानी है कंपनी

37 साल पुरानी है कंपनी

सोमानी परिवार द्वारा 1984 में शुरू की गयी गोपाला पॉलीप्लास्ट कादी (गुजरात) में बुने हुए कपड़े की एक यूनिट के रूप में शुरू हुई थी। फिर 10 साल बाद, कंपनी पब्लिक हो गई और गारमेंट एक्सेसरीज़ में शामिल हो गई। उसके बाद से कंपनी की दोनों यूनिट विस्तार और आधुनिकीकरण प्लांट पर काम कर रही हैं। इसके अलावा इसने एक प्राकृतिक गैस आधारित कैप्टिव पावर प्लांट चालू किया।

क्या बनाती है गोपाला पॉलीप्लास्ट

क्या बनाती है गोपाला पॉलीप्लास्ट

कंपनी भारत में बुना लेबल और पीपी बुना बैग बनाती है। सीमेंट, उर्वरक, चीनी, रसायन, खाद्यान्न आदि जैसे उद्योगों के लिए बुने हुए बोरे सबसे अच्छे और सबसे अधिक कम लागत वाले पैकेजिंग सॉल्यूशन होते हैं। इसके अलावा जंबो बैग भी हैं जो थोक मात्रा में पैक करने के लिए उपयोग किए जाते हैं। बुना हुआ कपड़ा, जो बुने हुए बोरों का पहला फेज है, बेल लपेटने और तिरपाल के रूप में बारिश से सुरक्षा के लिए एक पसंदीदा उत्पाद है।

घाटे से आई मुनाफे में

घाटे से आई मुनाफे में

कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार हो रहा है और वित्त वर्ष 2021 में इसका शुद्ध लाभ बढ़कर 63 करोड़ रु हो गया। जबकि पिछले 2 साल से कंपनी घाटे में चल रही थी। साथ ही इसका डेट टू इक्विटी 1.44 के उच्च स्तर पर रहा है। इसी के कारोबारी वाली अन्य कंपनियों में गोपाला पॉलिप्लास्ट ही सबसे अधिक मार्केट कैपिटल वाली कंपनी है। इनमें कानपुर प्लास्ट, आरडीबी रसायन और ऋषि टेकटेक्स शामिल हैं।

क्यों आई तेजी

क्यों आई तेजी

प्लास्टीन इंडिया द्वारा प्रस्तुत गोपाला पॉलिप्लास्ट की समाधान योजना को गुजरात-एनसीएलटी बेंच ने दी है। और अब प्रमुख शेयरहोल्डिंग प्रमोटरों के हाथों में है और बहुत कम संख्या में शेयरों का दैनिक आधार पर कारोबार होता है, रिटेल निवेशक इन शेयरों को अपने पास रखने में विफल होते हैं और इसलिए स्टॉक में बड़े पैमाने पर तेजी आई है। पर एक समय कंपनी के एनपीए अकाउंट बनने तक की नौबत आ गयी थी। इसलिए निवेश से पहले सावधानी बरतें।

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