Gold Vs Mutual Fund SIP: पिछले कुछ हफ्तों से देखें तो सोने के भाव में जबरदस्त उछाल आया है। वहीं यदि पिछले एक साल की बात करें तो प्रति 10 ग्राम 50000 रुपये से अधिक बढ़े हैं। वहीं, निवेश के तमाम मौजूदा स्कीम्स या ऑप्शन में से म्यूचुअल फंड में किए गए एसआईपी में सबसे अधिक रिटर्न मिलने की संभावना होती है,लेकिन यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि चाहे गोल्ड हो या फिर म्यूचुअल फंड एसआईपी, दोनों में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना लॉन्ग टर्म में ही होती है।

हालांकि, अब यदि किसी निवेशक को सोना या एसआईपी में से किसी एक में निवेश के लिए चुनना हो तो उसके लिए कई फैक्टर डिसायसिव हो सकते हैं। मसलन इंवेस्टमेंट पीरियड, निवेश की राशि और बाज़ार की मौजूदा स्थिति और फ्यूचर के लिए एक्सपर्ट्स की राय जैसे फैक्टर पर नज़र रखने के साथ एनालिसिस के बाद ही यह पता चल पाता है कि कौन बेहतर है।
लंब अवधि के नज़रिय से बात करें तो सोना, म्यूचुअल फंड और सावधि जमा जैसे निवेश ऑप्शन सभी आय वर्ग के निवेशकों के बीच सबसे लोकप्रिय बचत विकल्पों में से कुछ हैं। तो चलिए समझने का प्रयास करते हैं कि सोना या एसआईपी में से कौन बेहतर ऑप्शन हो सकता है और 15 साल के निवेश अवधि पर हर महीने 5000 रुपये के निवेश करने से कहां सबसे ज्यादा मुनाफा होने के चांस ज्यादा हैं...
सोना या म्यूचुअल फंड में कहां निवेश करना बेहतर?
दरअसल, विभिन्न निवेश विकल्पों के अपने जोखिम और लाभ होते हैं। उनके ऐतिहासिक रिटर्न के आधार पर, उन्हें अलग-अलग निवेश अवधि के लिए भी एक्सपर्ट्स रेकेमेंड करते हैं। उदाहरण के लिए, अत्यधिक अस्थिर इक्विटी-लिंक्ड उत्पादों को आमतौर पर शॉर्ट टर्म के लिए रेकेमेंड नहीं किया जाता है। ऐसे में, कोई हाइब्रिड फंड, डेट इंस्ट्रूमेंट या सावधि जमा का विकल्प चुनना सही साबित होने की संभावना अधिक होती है।
इसी तरह, लंबी अवधि के लिए, कोई निवेशक इक्विटी या सोने पर भी विचार कर सकता है क्योंकि इनमें अधिक रिटर्न की संभावना होती है और ये लंबी निवेश अवधि में जोखिम को डायवर्सिफाइ करने के साथ कम कर सकते हैं। हालांकि सोना और इक्विटी दोनों आकर्षक लगते हैं, लेकिन इनके अपने जोखिम और लाभ भी हैं।
इक्विटी म्यूचुअल फंड में कभी-कभी असाधारण रिटर्न, कभी-कभी एफडी के दोगुने से भी अधिक मिलने की संभावना होती है। दूसरी ओर, जोखिम से बचने वाले निवेशकों के लिए सोना एक बहुत पसंदीदा असेट या ऑप्शन है। अपने स्थिर रिटर्न के कारण, सोना कई लोगों के लिए एक सुरक्षित निवेश विकल्प रही है। पिछले कुछ साल रुझानों को देखें तो निवेशक सोने में निवेश से लगभग 10-15% प्रति वर्ष रिटर्न की उम्मीद कर सकते हैं।
Gold Vs Mutual Fund SIP For 15 Years
यदि आप 15 वर्षों की निवेश अवधि की योजना बना रहे हैं, तो सोना और म्यूचुअल फंड एसआईपी दोनों उपयुक्त विकल्प हो सकते हैं। हालांकि यह आपके ऊपर निर्भर है कि आप किसमें दाव लगाना चाहते हैं, लेकिन ध्यान देने वाली बात है कि सोने में भी रिटर्न निश्चित नहीं है, फिर भी इसे म्यूचुअल फंड से ज़्यादा सुरक्षित माना जाता है।
म्यूचुअल फंड
अवधि: 15 वर्ष
एसआईपी राशि: 5,000 रुपये हर महीने
अपेक्षित रिटर्न: 12%
निवेशित राशि: 9,00,000 रुपये
अनुमानित रिटर्न: 16,22,879 रुपये
कुल वैल्यू: 25,22,879 रुपये
सोना (Gold)
अवधि: 15 वर्ष
राशि: 5,000 हर महीने
अपेक्षित रिटर्न: 10%
निवेशित राशि: 9,00,000 रुपये
अनुमानित रिटर्न: 11,89,621 रुपये
कुल वैल्यू : 20,89,621 रुपये
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]


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