Gold Rates In India Alert: जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक सितंबर के पहले हफ्ते में होने की उम्मीद है। जीएसटी परिषद की बैठक से पहले जीएसटी दरों के केवल दो स्लैब को लेकर बनी समहति के बीच तमाम तरह के वस्तुओं और सेवाओं के दरों में कटौती और उससे फायदा मिलने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 15 अगस्त को लाल किले के प्राचीर से जीएसटी मानदंडों में एक महत्वपूर्ण बदलाव के प्रस्ताव की घोषणा की थी जिसमें स्ट्रक्चरल रिफॉर्म और दरों को युक्तिसंगत बनाने पर केंद्रित कए जाने की बात कही गई है। साथ ही आम आदमी के जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक प्रयास बताया गया है।
इस बीच अब रत्न और आभूषण सेक्टर के लिए एक्सपर्ट्स सोना, बार, सिक्कों, सोने के बिस्कुट और आभूषणों पर 0.5% से 1% तक जीएसटी दर में कटौती की भविष्यवाणी कर रहे हैं। अगर सरकार सोने पर जीएसटी दरों में कटौती करती है, तो इससे मांग बढ़ेगी और सोने की कीमतें कम होने की संभावना है, जो त्योहारी सीजन और खासकर दिवाली से पहले एक महत्वपूर्ण सकारात्मक पहल होगी।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की उपाध्यक्ष और एस्पेक्ट ग्लोबल वेंचर्स की कार्यकारी अध्यक्ष अक्ष कंबोज ने गुडरिटर्न्स से बातचीत में कहा, "चूंकि सोने के आभूषण आमतौर पर महत्वपूर्ण अवसरों पर या निवेश के तौर पर खरीदे जाते हैं, इसलिए GST में मामूली कटौती भी उपभोक्ताओं के खर्च के बोझ को कम करने में काफ़ी हद तक मदद करेगी।"
तो आइए सोने, आभूषणों और सोने से जुड़े अन्य ज्वैलरी पर GST दर की कटौती के असर को जानने और समझने की कोशिश करते हैं।
भारत में सोने की खरीद पर GST दर
सोने के मूल्य पर वर्तमान GST दर 3% है, जो 1.5% CGST और 1.5% SGST का संयोजन है। यह सभी प्रकार के सोने, जैसे आभूषण, सिक्के और बार पर लागू होता है।
जब सरकार ने जुलाई 2016 में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू किया तो सोने पर 3% GST दर ने 1% वैट (VAT, Value Added Tax) और 1% सेवा कर की जगह ले ली जो GST से पहले के दौर में अप्रत्यक्ष करों का हिस्सा थे।
सोने पर 3% जीएसटी दर की गणना करें
सोने की खरीद प्राइस: ₹1,00,000 और जीएसटी दर: 3%
सोने पर जीएसटी राशि: ₹3,000 (₹1,00,000 x 3/100)।
सोने के मैकिंग शुल्क पर जीएसटी दर
सोने के आभूषणों को बनाने के शुल्क पर 5% की दर से भी अधिक जीएसटी दर लागू है। इसके अतिरिक्त, कस्टम-मेड आभूषणों पर 3% की अलग से जीएसटी दर लागू है।
कैलकुलैशन: ग्राहक कस्टम-मेड आभूषणों के लिए ₹1,00,000 दाम का अपना सोना लेकर आए और मेकिंग शुल्क लगभग ₹15 है।
सोने पर जीएसटी: ₹3,000 (₹1,00,000 का 3%)।
मेकिंग शुल्क पर जीएसटी: ₹750 (₹15,000 का 5%)।
इसके अलावा, आभूषणों की मरम्मत पर भी 5% की अलग से जीएसटी दर लागू है।
कंबोज ने कहा, "सोने के आभूषणों पर मौजूदा जीएसटी दर 3% है, साथ ही मेकिंग चार्ज पर 5%, और 1 प्रतिशत की कमी उपभोक्ताओं के लिए लागत को काफी कम कर देगी।" हालांकि, विशेषज्ञ ने यह भी बताया कि दरों में कटौती से मांग बढ़ सकती है और खपत बढ़ सकती है, लेकिन नीति निर्माताओं को संभावित राजस्व घाटे के साथ संतुलन बनाना होगा, खासकर राजकोषीय युक्तिकरण और खपत-आधारित विकास के लिए बड़े जीएसटी सुधारों के संदर्भ में।
सोने पर 1% जीएसटी दर में कटौती से सोने की कीमतें कैसे सस्ती होंगी?
अगर जीएसटी परिषद दर में 1% की कटौती करती है, तो सोने पर नई जीएसटी दर 2% हो जाएगी। इसलिए, यदि आप 1,00,000 रुपये का सोना खरीदते हैं, तो जीएसटी राशि लगभग 2,000 रुपये होगी, जो 1,000 रुपये की कमी होगी और इससे अंततः कीमतें कम होंगी।
अगस्त 2025 में सोने की कीमतों का रुझान
अगस्त 2025 में सोने की कीमतों का प्रदर्शन: पिछले कुछ दिनों में गिरावट के बावजूद, 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतें अगस्त 2025 तक अब तक 2% बढ़ चुकी हैं।
24 कैरेट सोने की कीमत 8 अगस्त, 2025 को 1,03,310 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए सर्वकालिक उच्च स्तर को छू गई और तब से इसमें गिरावट आ रही है।

त्योहारी सीजन का दृष्टिकोण
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की भारत में शोध प्रमुख कविता चाको ने कहा, "कमजोर अमेरिकी डॉलर, फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, बढ़ती मुद्रास्फीति की उम्मीदें और टैरिफ संबंधी मौजूदा घटनाक्रम सहित कई कारकों ने हालिया कीमतों में उतार-चढ़ाव को प्रेरित किया है।"
हालांकि, चाको ने आगे कहा, "कुल मिलाकर कीमतों में उतार-चढ़ाव सीमित दायरे में ही रहा है। अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद, सोना 2025 में बेहतर प्रदर्शन जारी रखेगा और इस साल अब तक अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में 28% रिटर्न दे रहा है।"
ज्वैलरी सेक्टर त्योहारी सीजन का कर रहा इंतजार
आगामी त्योहारी और शादी-ब्याह के सीजन में कीमती धातुओं की मांग स्थिर रहने की उम्मीद है।
चाको ने कहा, "आगामी त्योहारी और शादी-ब्याह के सीजन (अगस्त की शुरुआत से साल के अंत तक) के लिए स्वर्ण आभूषण बाजार की तैयारी के साथ मांग में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। उद्योग के हितधारकों से प्राप्त रिपोर्टों से सकारात्मक दृष्टिकोण का संकेत मिलता है। यह आशावाद हाल ही में देश के सबसे बड़े आभूषण व्यापार मेले, इंडिया इंटरनेशनल ज्वैलरी शो (IIJS) में स्पष्ट दिखाई दिया।"
उन्होंने कहा, "इस आयोजन से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, कई निर्माताओं ने उम्मीद से ज़्यादा खरीदारी में रुचि दिखाई और बड़े चेन स्टोर्स और स्वतंत्र खुदरा विक्रेताओं, दोनों से ऑर्डर में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। हाल के महीनों में सुस्त मांग के कारण अपने स्टॉक को लेकर सतर्क रहे खुदरा विक्रेताओं ने त्योहारी बिक्री में सुधार की उम्मीद में सक्रिय रूप से स्टॉक फिर से भरने की सूचना दी। और सोने की कीमतों में स्थिरता ने भी खरीदारों की धारणा को बढ़ावा दिया," डब्ल्यूजीसी के विशेषज्ञ ने कहा।


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