7 मई 2026 को भारत भर में सोने की कीमतों ने कोहराम मचा दिया है। 10 ग्राम सोने का भाव 1.52 लाख रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट गोल्ड 3.07 फीसदी की भारी तेजी के साथ 4,695.88 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। भारतीय सर्राफा बाजार में तेजी का आलम यह है कि 24 कैरेट सोना 15,000 रुपये प्रति ग्राम के स्तर को लांघ चुका है, वहीं MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स 1.52 लाख रुपये की ओर बढ़ रहा है। इन आंकड़ों को देख रहे करोड़ों भारतीय परिवारों के मन में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस दौर में उनका पैसा कहां सबसे ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद रहेगा।
देश के बड़े शहरों में आज क्या है सोने का भाव: 7 मई पर एक नजर
दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 15,229 रुपये प्रति ग्राम पर बिक रहा है, जबकि मुंबई और कोलकाता में इसकी कीमत 15,214 रुपये प्रति ग्राम है। चेन्नई के खरीदारों को थोड़ी ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ रही है, वहां 24 कैरेट सोने का रेट 15,383 रुपये प्रति ग्राम है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ा दी है। यही वजह है कि दुनिया भर के साथ-साथ भारत में भी निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने की ओर भाग रहे हैं।

| शहर | 24K सोना (प्रति ग्राम) | 22K सोना (प्रति ग्राम) |
|---|---|---|
| दिल्ली | Rs 15,229 | Rs 13,961 |
| मुंबई | Rs 15,214 | Rs 13,946 |
| चेन्नई | Rs 15,383 | Rs 14,101 |
| कोलकाता | Rs 15,214 | Rs 13,946 |
SGB और गोल्ड ETF: सोने की तेजी का फायदा उठाने के दो स्मार्ट तरीके
आज के दौर में फिजिकल गोल्ड (गहने या सिक्के) खरीदने का मतलब है 3 फीसदी GST और भारी-भरकम मेकिंग चार्ज का बोझ उठाना। इसीलिए समझदार निवेशक अब डिजिटल रास्ता अपना रहे हैं। हालांकि सरकार ने 2026 में नए SGB (सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड) जारी करना फिलहाल रोक दिया है, लेकिन पुराने बॉन्ड अब भी सेकेंडरी मार्केट में उपलब्ध हैं। गोल्ड ETF में आपको सोने की कीमतों में बढ़त का फायदा मिलता है (एक्सपेंस रेशियो काटकर), लेकिन SGB इस मामले में इक्का साबित होते हैं क्योंकि यहां सोने की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ आपको सालाना 2.5 फीसदी का फिक्स्ड ब्याज भी मिलता है।
SGB में निवेश करने पर शुरुआती निवेश राशि पर सालाना 2.5 फीसदी ब्याज मिलता है। वहीं, गोल्ड ETF में लिक्विडिटी (पैसे निकालने की सुविधा) बेहतर होती है क्योंकि इन्हें स्टॉक एक्सचेंज पर कभी भी खरीदा या बेचा जा सकता है और इसमें कोई लॉक-इन पीरियड नहीं होता। इसके उलट, SGB की मैच्योरिटी अवधि 8 साल की होती है, हालांकि इन्हें सेकेंडरी मार्केट में ट्रेड किया जा सकता है। धैर्य रखने वाले निवेशकों के लिए SGB का रिटर्न बेमिसाल रहा है। 20 अप्रैल 2026 को समय से पहले भुनाए गए SGB की कीमत 15,254 रुपये प्रति यूनिट तय की गई थी, जिससे SGB 2020 सीरीज के निवेशकों को 202 फीसदी से ज्यादा का मुनाफा हुआ।
इक्विटी SIP बनाम गोल्ड: 16 साल की रेस में सोने ने मारी बाजी
अप्रैल 2010 से अप्रैल 2026 के बीच HDFC फ्लेक्सी कैप फंड और सोने में किए गए SIP का तुलनात्मक विश्लेषण एक बड़ा बदलाव दिखाता है। इस 16 साल की लंबी अवधि में ज्यादातर समय इक्विटी (शेयर बाजार) काफी आगे रहा, लेकिन पिछले दो सालों में सोने की कीमतों में आई तूफानी तेजी ने पूरा खेल ही पलट दिया है। अप्रैल 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, सोने में की गई 5,000 रुपये की मंथली SIP आज बढ़कर करीब 3.84 करोड़ रुपये हो गई है, जिसने HDFC फ्लेक्सी कैप फंड के 3.46 करोड़ रुपये के फंड को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, एक्सपर्ट्स अभी भी पूरी तरह से इक्विटी से दूर होने की सलाह नहीं दे रहे हैं।
लंबे समय में इक्विटी म्यूचुअल फंड SIP ने औसतन 12 से 15 फीसदी का रिटर्न दिया है और 15-20 साल के नजरिए से इनका पलड़ा अब भी भारी है। साल 2025 ने हमें सिखाया कि जब वैश्विक स्तर पर डर का माहौल होता है तो सोना चमकता है, लेकिन 2026 उन निवेशकों के लिए बेहतर हो सकता है जो केवल खबरों के पीछे न भागकर अपने पोर्टफोलियो में संतुलन बनाए रखें। एक स्मार्ट निवेशक वही है जो इक्विटी और गोल्ड दोनों का सही तालमेल बिठाकर चले।
मई 2026 में बैंक FD: सुरक्षित तो है, लेकिन क्या मुनाफा काफी है?
मई 2026 में बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर 7.75 फीसदी तक का ब्याज मिल रहा है। देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक SBI अपनी 2 साल की FD पर आम जनता को 6.45 फीसदी और सीनियर सिटीजन्स को 6.95 फीसदी ब्याज दे रहा है। रिटर्न के मामले में स्मॉल फाइनेंस बैंक अब भी सबसे आगे हैं। ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक सीनियर सिटीजन्स को 8.50 फीसदी तक ब्याज दे रहा है, जबकि सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.25 फीसदी तक का ऑफर दे रहा है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि FD से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स के दायरे में आता है। यह आपकी कुल आय में जुड़ता है और आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से इस पर टैक्स लगता है। इसका मतलब है कि अगर आप 30 फीसदी वाले टैक्स स्लैब में हैं, तो 6.5 फीसदी वाली FD का वास्तविक रिटर्न टैक्स कटने के बाद मुश्किल से 4.5 फीसदी ही रह जाता है। जानकारों का मानना है कि अगर साल के अंत में RBI ब्याज दरों में कटौती करता है, तो रिटायर हो चुके लोगों के लिए मौजूदा दरों पर FD लॉक करने का यह अच्छा मौका हो सकता है।
आपके लिए कौन सा विकल्प है बेस्ट? एक नजर में समझें
| विकल्प | संभावित रिटर्न | जोखिम | लिक्विडिटी (पैसे की निकासी) | टैक्स बचत |
|---|---|---|---|---|
| SGB (8 साल के लिए) | सोने की बढ़त + 2.5% सालाना ब्याज | कम | कम (5 साल का लॉक-इन) | बेहतरीन (मैच्योरिटी पर जीरो कैपिटल गेन टैक्स) |
| गोल्ड ETF | सोने की बढ़त (एक्सपेंस रेशियो काटकर) | कम से मध्यम | बेहतर (रोजाना ट्रेडिंग) | सामान्य (12.5% LTCG) |
| इक्विटी SIP | 12-15% (लंबी अवधि का औसत) | मध्यम से उच्च | बेहतर | सामान्य (1.25 लाख से ऊपर 10% LTCG) |
| बैंक FD | 6.45-8.50% | बहुत कम | मध्यम | कम (स्लैब के हिसाब से टैक्स) |
उन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए जिन्हें तुरंत पैसे की जरूरत नहीं है, SGB सबसे बेहतरीन विकल्प है क्योंकि इसमें 2.5 फीसदी अतिरिक्त ब्याज और मैच्योरिटी पर टैक्स छूट का दोहरा फायदा मिलता है। वहीं, जो निवेशक कभी भी पैसा निकालने की सुविधा चाहते हैं या NRI हैं, उनके लिए गोल्ड ETF ज्यादा व्यावहारिक है। असल में, ज्यादातर भारतीयों के लिए समझदारी इसी में है कि वे किसी एक विकल्प को चुनने के बजाय अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम सहने की क्षमता के आधार पर इन सभी का एक मिक्स पोर्टफोलियो तैयार करें।


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