Gold Price Outlook: सोने की कीमतें रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई हैं. पहली बार भाव 80,000 रुपए प्रति 10 ग्राम को पार कर गई हैं. यह उछाल डोनाल्ड ट्रम्प के प्रत्याशित राष्ट्रपति पद से जुड़ी संभावित बाजार अस्थिरता के बारे में चिंताओं के बीच सुरक्षित-हेवन एसेट के लिए निवेशकों की बढ़ती मांग को दिखाता है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक कमजोर डॉलर ने भी सोने की कीमतों को बढ़ाने में भूमिका निभाई है.
क्यों भाग रहा सोने का भाव?
डॉलर इंडेक्स, येन और यूरो जैसी अन्य अहम करेंसी के मुकाबले अमेरिकी डॉलर के वैल्यू को मापता है, ने कमजोरी के संकेत दिखाए हैं. व्यापार शुल्क अपेक्षाओं के कारण पिछले हफ्ते 110.17 के दो साल के हाइएस्ट लेवल पर पहुंचने के बाद इसमें गिरावट आई है. ग्लोबल इनवेस्टर्स को डॉलर निवेश से दूर होकर सोने की ओर जाने के लिए प्रेरित किया है, जिससे इसकी कीमतों में तेजी हुई है.
आर्थिक अनिश्चितता के बीच सोने की कीमत का ट्रेंड
ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक आईबीजेए के आंकड़ों से पता चलता है कि बुधवार को 24 कैरेट सोना 80,194 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. पिछला हाइएस्ट लेवल 30 अक्टूबर 2024 को 79,681 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था. इंडस्ट्री एनलिस्ट्स का कहना है कि कमजोर डॉलर और सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की स्थिति ने कीमतों को बढ़ाया है, लेकिन इन ऊंची कीमतों के कारण शादी के मौसम में रिटेल आभूषण बिक्री को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.

2025 में कहां तक जाएगा सोने का भाव?
केडिया एडवाइजरी के अजय केडिया ने कहा कि सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है. एमसीएक्स पर सोने का भाव इस साल के आखिर तक 85000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है. चांदी की कीमत भी उछलकर 130000 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकता है.
रिटेल ज्वैलरी सेल्स पर असर
रेनिशा चैनानी ने ईटी से बातचीत में बताया कि टैरिफ में ठहराव या कमी और वैश्विक व्यापार की बेहतर स्थिति 2025 के मध्य तक सोने की कीमतों को स्थिर कर सकती है.
आईबीजेए ने बताया कि मंगलवार को 24 कैरेट सोने का भाव 79,453 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. यह छोटी अवधि में हुई अहम ग्रोथ को दर्शाता है, क्योंकि निवेशक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के समय में बुलियन में निवेश करना पसंद करते हैं.


Click it and Unblock the Notifications