Gold Price on Record High: ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में तूफानी तेजी देखने को मिल रही. COMEX पर सोने की कीमतें पहली बार 2,850 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गई हैं. यह उछाल डॉलर इंडेक्स में 1% की बढ़त के बावजूद देखने को मिल रही है.
सोने की कीमतों में इस तेजी की मुख्य वजह डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से लगाए गए टैरिफ हैं, जिसके कारण मैक्सिको, कनाडा और चीन ने रिएक्शन दिए हैं. चांदी की कीमतों में भी इस ऊपर की ओर बढ़ने वाले ट्रेंड देखा है. ऐसे में सवाल यह है कि क्या यह रैली पूरे हफ्ते बनी रहेगी?
सोने की कीमतों में तूफानी तेजी
सोना और चांदी मंथली और सालाना दोनों अवधियों में अन्य के मुकाबले ज्यादा तेजी देखने को मिली है. COMEX सोने का भाव बुधवार की शुरुआती कारोबार में 2,857.56 डॉलर प्रति औंस के नए हाइएस्ट लेवल पर पहुंच गया. इस परफॉर्मेंस के परिणामस्वरूप सोने के लिए 8.4% से ज्यादा मंथली रिटर्न मिला. साथ ही सालाना आधार पर 40.3% की तेजी देखने को मिली है.
चांदी ने सोने को भी पीछे छोड़ा
चांदी भी 3 महीने के हाइएस्ट लेवल पर पहुंच गई है, जो 32.3 डॉलर प्रति औंस के ऊपर है. इसने मंथली बेसिस पर लगभग 8% का रिटर्न दिया है. चांदी में सालाना आधार पर 44% की बढ़त के साथ सोने को पीछे छोड़ दिया है. पिछले एक साल में सोना और चांदी सबसे अधिक खरीदे जाने वाली आइटम रही हैं. इसके उलट तांबे में लगभग 15.3% की तेजी रही, जबकि प्लैटिनम में करीब 11% की बढ़त हुई है.
अमेरिका ने लगाया टैरिफ, आया रिएक्शन
व्हाइट हाउस ने ऐलान किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रम्प कनाडा और मैक्सिको से इंपोर्ट पर 25% और चीन से इंपोर्ट पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगा रहे हैं. कनाडा से ऊर्जा संसाधनों पर 10% का कम टैरिफ है. जारी बयान के मुताबिक "राष्ट्रपति ट्रम्प मैक्सिको, कनाडा और चीन को अवैध आव्रजन को रोकने और हमारे देश में जहरीले फेंटानिल और अन्य ड्रग्स के प्रवाह को रोकने के अपने वादों के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए साहसिक कदम उठा रहे हैं. "
तीन देश 2024 में अमेरिकी इंपोर्ट का 40% से अधिक प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने इन टैरिफ के प्रति नाराजगी व्यक्त की है. हाल ही में ट्रम्प ने 30 दिनों के लिए टैरिफ योजना को स्थगित कर दिया, जिससे मैक्सिको ने सीमा पर 10,000 सैनिकों को तैनात किया.
सोने की कीमतों पर आउटलुक
एक्सिस सिक्योरिटीज की वीकली रिपोर्ट के मुताबिक सोने की गति अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में करीब 1% की तेजी के बावजूद मजबूत बनी हुई है, जिसकी कीमतें पहली बार 2,800 डॉलर से अधिक हो गई हैं. यह सोने में मजबूत ईटीएफ फ्लो द्वारा समर्थित मजबूत खरीद रुचि को इंडिकेट करता है.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कनाडा, मैक्सिको और चीन पर अमेरिकी टैरिफ के कारण ट्रेड टेंशन ने सोने की सेफ-हेवेन इनवेस्टमेंट मांग को बढ़ा दिया है. इसके मुताबिक "इस हफ्ते अमेरिका से प्रमुख आर्थिक डेटा जारी होने से सोने की कीमतों में और उतार-चढ़ाव आ सकता है.
ब्रोकरेज ने यह भी बताया कि हाल ही में सेफ इनवेस्टमेंट की मांग में इजाफा और ट्रेड अनिश्चितताओं ने चांदी के लिए समर्थन को मजबूत किया है.
चांदी की आपूर्ति घाटे की उम्मीद है
सिल्वर इंस्टीट्यूट का अनुमान है कि 2025 में लगातार पांचवां वर्ष महत्वपूर्ण आपूर्ति घाटा होगा, जो चल रहे औद्योगिक मांग और खुदरा निवेश के कारण है. सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों से आभूषण और चांदी के बर्तन की खपत में किसी भी गिरावट का मुकाबला करने की उम्मीद है.

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अमेरिका, चीन, मैक्सिको और कनाडा से वैश्विक व्यापार गति को बनाए रखने के लिए अपने विवादों को सुलझाने का आग्रह किया है.


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