Gold Jewellery Buying Tips: त्योहारी सीजन शुरू होते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है। दशहरा, धनतेरस और दिवाली जैसे अवसरों पर लोग सोने और चांदी की ज्वेलरी खरीदना शुभ मानते हैं। इसी समय ज्वेलर्स ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए 0% मेकिंग चार्ज, डिस्काउंट और फेस्टिव ऑफर जैसे विज्ञापन चलाते हैं।
लेकिन ज्यादातर लोगों को यह नहीं पता होता कि इन ऑफर्स के पीछे कई छिपे हुए चार्जेस भी होते हैं, जो ज्वेलरी को महंगा बना देते हैं।

सोने की कीमत का सही हिसाब रखें
ज्यादातर ग्राहक खरीदारी से पहले गूगल या टीवी पर दिखने वाला सोने का भाव देखकर दुकान पर पहुंचते हैं। लेकिन ज्वेलर्स वही रेट नहीं मानते। वे प्रति ग्राम सोने पर ₹150 से ₹200 तक ज्यादा चार्ज कर सकते हैं। ऐसे में अगर आप 40 से 50 ग्राम सोना खरीदते हैं, तो लगभग ₹8,000 से ₹10,000 का अतिरिक्त खर्च जुड़ जाता है। इसलिए खरीदारी से पहले यह जरूर पूछें कि सोने की कीमत कैसे तय की जा रही है और बिल में क्या-क्या जोड़ा गया है।
वेस्टेज चार्ज की सच्चाई जानें
ज्वेलर्स ज्वेलरी बनाते समय सोने की थोड़ी बर्बादी को "वेस्टेज" के नाम पर चार्ज करते हैं। असल में यह चार्ज 2-3% होना चाहिए, लेकिन कई ज्वेलर्स डिजाइन का बहाना बनाकर इसे 5% या उससे ज्यादा तक बढ़ा देते हैं। खास बात यह है कि ये चार्ज मौजूदा सोने की दर पर लगाया जाता है, जिससे बिल और बढ़ जाता है।
कीमती स्टोन के नाम पर धोखा
अक्सर 0% मेकिंग चार्ज वाले गहनों में कृत्रिम या सस्ते स्टोन लगाए जाते हैं। लेकिन जब बिल बनता है, तो इन स्टोन्स की कीमत असल से कई गुना ज्यादा दिखाई जाती है। ज्वेलर मेकिंग चार्ज की छूट का पैसा स्टोन की कीमत में जोड़ देता है, जिससे ग्राहक को कोई असली फायदा नहीं मिलता।
बायबैक में नुकसान की संभावना
कई ग्राहक सोचते हैं कि जरूरत पड़ने पर वे गहने बेचकर पैसे वापस पा लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं होता। कुछ ज्वेलर्स दावा करते हैं कि वे 90% वैल्यू लौटाते हैं, जबकि असल में बायबैक वैल्यू 70-80% तक ही मिलती है। 0% मेकिंग चार्ज वाले गहनों पर तो यह और भी कम हो जाती है।
थोक मार्जिन का फायदा ग्राहकों तक नहीं
ज्वेलर्स थोक में सोना कम दाम पर खरीदते हैं, लेकिन यह बचत वे ग्राहकों को नहीं देते। उल्टा, वही सोना मार्जिन जोड़कर बेचते हैं। यानी ग्राहकों को किसी भी तरह का वास्तविक डिस्काउंट नहीं मिलता।
खरीदारी से पहले करें यह जांच
सोना खरीदने से पहले हमेशा BIS हॉलमार्क और HUID कोड चेक करें। इसके लिए आप BIS Care App का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह कोड सोने की शुद्धता और असलीपन की पहचान देता है। खरीदारी का असली बिल जरूर लें और हर चार्ज को ध्यान से पढ़ें। कीमतों की तुलना दूसरे ज्वेलर्स से करें ताकि आपको सही डील मिले।
त्योहारी सीजन में 0% मेकिंग चार्ज जैसे ऑफर देखने में आकर्षक लग सकते हैं, लेकिन इनके पीछे कई छिपे हुए खर्चे होते हैं। थोड़ी समझदारी और जांच-पड़ताल से आप न सिर्फ पैसे बचा सकते हैं, बल्कि शुद्ध और असली सोने की गारंटी भी पा सकते हैं।


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