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Gold : सरकारी स्कीम से भी सस्ता सोना बिक रहा बाजार में

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नई दिल्ली। मोदी सरकार की सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में निवेश का आज अंतिम दिन है। लेकिन इस वक्त बाजार में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से भी सस्ता सोना बिक रहा है। ऐसे में लोगों को सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश से बचने की जरूरत है, नहीं तो पैसा लम्बे समय के लिए फंस सकता है। इसका कारण है कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में पैसा 8 साल के लिए निवेश किया जाता है। ऐसे में अगर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करके सोना खरीदा तो आठ साल तक पैसा पंसा रहेगा। वहीं अगर इस वक्त गोल्ड में अगर निवेश करना ही चाहते हैं, तो बाजार में अन्य विकल्प मौजूद हैं, जहां से 24 कैरेट गोल्ड खरीदा जा सकता है। बाजार से खरीदा सोना आप जब चाहें बेच भी सकते हैं।

जानिए गोल्ड के रेट में अंतर
 

जानिए गोल्ड के रेट में अंतर

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश का रेट आरबीआई ने 51,170 रुपये प्रति 10 ग्राम यानी 5117 रुपया प्रति ग्राम तय किया है। वहीं इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार गोल्ड का कल का बंद रेट 50844 रुपये प्रति दस ग्राम है यानी 5084 रुपये प्रति ग्राम है। इस प्रकार बाजार में इस वक्त 33 रुपये प्रति ग्राम यानी 330 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता सोना बिक रहा है।

ऑनलाइन पेमेंट पर सस्ता मिल सकता है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड

ऑनलाइन पेमेंट पर सस्ता मिल सकता है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड

सरकार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश के लिए ऑनलाइन भुगतान करने पर 50 रुपये प्रति ग्राम का डिस्काउंट देती है। इस प्रकार अगर कोई 10 ग्राम सोना खरीदेगा तो उसे 500 रुपये की छूट मिलेगी। अगर इस छूट को बाजार रेट से एडजेस्ट किया जाए तो 170 रुपये प्रति दस ग्राम का फायदा और प्रति ग्राम 17 रुपये का फायदा होगा। ऐसे में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने का इस वक्त ज्यादा फायदा नहीं रह जाता है। वैसे भी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश 8 साल बाद निकाला जा सकता है, वहीं बाजार में सरकारी स्कीम से सस्ता गोल्ड खरीदने के बाद कभी भी बेचा जा सकता है।

क्या है और कैसे खरीदें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स
 

क्या है और कैसे खरीदें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से होता है। अगर आप 50 रुपये प्रति ग्राम का डिस्काउंट चाहते हैं तो ऑनलाइन सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीदने के साथ ही उसका पेमेंट भी ऑनलाइन करना होगा। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की बिक्री बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएचसीआईएल), चुनिंदा डाकघरों और एनएसई व बीएसई जैसे स्टॉक एक्सचेंज के जरिए होती है। डीमैट जिस शेयर ब्रोकर के पास खुला है, वहां से संपर्क कर ऑनलाइन खरीद का फायदा उठा सकते हैं।

कितना खरीद सकते हैं सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के तहत सोना

कितना खरीद सकते हैं सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के तहत सोना

भारतीय नागरिक सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं। इस सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में 1 वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1 ग्राम और अधिकतम 4 किलोग्राम (4000 ग्राम) तक सोना खरीदा जा सकता है। इसके अलावा ट्रस्ट है तो वह 1 वित्तीय वर्ष में अधिकतम सीमा 20 किलो ग्राम तक सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीद सकती है। वहीं बाजार में इस वक्त सोना सस्ता भी मिल रहा है और ऐसा कोई प्रतिबंध भी नहीं है। यानी जितना चाहें गोल्ड खरीद सकते हैं।

विकल्प के रूप में खरीद सकते हैं गोल्ड ईटीएफ

विकल्प के रूप में खरीद सकते हैं गोल्ड ईटीएफ

ऐसे में अगर लोग चाहें तो गोल्ड ईटीएफ और गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। यहां पर आपको 24 कैरेट शुद्ध सोना ऐलाट होगा। यहां पर गोल्ड में किया गया निवेश कभी भी बेचा जा सकता है। ऐसे में यह जानना ठीक रहेगा कि गोल्ड म्यूचुअल फंड ने पिछले एक साल में कितना रिटर्न दिया है।

टॉप 5 गोल्ड म्यूचुअल फंड का रिटर्न

टॉप 5 गोल्ड म्यूचुअल फंड का रिटर्न

-एचडीएफसी गोल्ड फंड ने 1 साल में करीब 33.83 फीसदी का रिटर्न दिया है।

-कोटक गोल्ड फंड रेगुलर प्लान फंड ने 1 साल में करीब 32.97 फीसदी का रिटर्न दिया है।

-एसबीआई एक्सचेंज ट्रेडेड फंड गोल्ड ने 1 साल में करीब 31.04 फीसदी का रिटर्न दिया है।

जानिए 2 और गोल्ड म्यूचुअल फंड का रिटर्न

-निप्पॉन इंडिया ईटीएफ गोल्ड बीईएस ने 1 साल में करीब 30.77 फीसदी का रिटर्न दिया है।

-एचडीएफसी गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड ने 1 साल में करीब 30.37 फीसदी का रिटर्न दिया है।

नोट : रिटर्न के यह आंकड़े 1 सितंबर 2020 के हैं।

Gold : इन 5 बातों का रखें ध्यान, कभी नहीं होगा नुकसान

English summary

Gold is getting cheaper in the market than sovereign gold bond

Gold ETFs or Gold Mutual Funds are a better option for investing in gold than sovereign gold bonds.
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