नई दिल्ली। मोदी सरकार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम लेकर आई थी। इस स्कीम के तहत लोगों को ऑनलाइन 24 कैरेट गोल्ड एलाट किया जाता है। लेकिन यह पहली बार है कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में जिस रेट पर सोना बेचा जा रहा है, बाजार में उससे भी सस्ता सोना मिल रहा है। ऐसे में फिलहाल सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करना उचित नहीं है। निवेश के सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 31 अगस्त को खुली थी, जिसमें 4 सितंबर 2020 तक निवेश कियाा जा सकता है।
आइये जानते हैं कि ऐसा करने के क्या नुकसान हो सकते हैं।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश 8 साल का होता है
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 8 साल की मैर्च्योरिटी वाले होते हैं। ऐसे में अगर अभी निवेश किया जाता है तो यह निवेश 8 साल के लिए होगा। वैसे भी आजकल सोने का रेट तेजी से ऊपर नीचे जा रहा है। फिलहाल आज की तारीख में आरबीआई से मिलने वाले गोल्ड से सस्ता सोना बाजार में मिल रहा है। आरबीआई ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश का रेट 5117 रुपये प्रति ग्राम तय किया है। वहीं इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन की बेवसाइट पर दोपहर 12 बजे 24 कैरेट गोल्ड का रेट 5102 रुपये प्रति ग्राम है। यानी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से 15 रुपये प्रति ग्राम सस्ता सोना बाजार में मिल रहा है।
ऐसे में क्या करें गोल्ड में निवेश करने वाले
अगर गोल्ड में ही निवेश करना चाहत हैं तो इस वक्त गोल्ड ईटीएफ और गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिए। यहां पर भी आपको 24 कैरेट शुद्ध सोना ऐलाट किया जाता है। यहां पर खासबात यह है कि अगर आप चाहें तो आज निवेश करने के बाद अगले दिन ही बेच भी सकते हैं।
टॉप 5 गोल्ड म्यूचुअल फंड
एचडीएफसी गोल्ड फंड ने 1 साल में करीब 33.83 फीसदी का रिटर्न दिया है।
कोटक गोल्ड फंड रेगुलर प्लान फंड ने 1 साल में करीब 32.97 फीसदी का रिटर्न दिया है।
एसबीआई एक्सचेंज ट्रेडेड फंड गोल्ड ने 1 साल में करीब 31.04 फीसदी का रिटर्न दिया है।
जानिए 2 और गोल्ड म्यूचुअल फंड
निप्पॉन इंडिया ईटीएफ गोल्ड बीईएस ने 1 साल में करीब 30.77 फीसदी का रिटर्न दिया है।
एचडीएफसी गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड ने 1 साल में करीब 30.37 फीसदी का रिटर्न दिया है।


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