21 मई की सुबह देश के तमाम शहरों में सोने की कीमतों ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड बना दिया है। ग्लोबल डिमांड में तेजी और भू-राजनीतिक (geopolitical) बदलावों की वजह से रेट्स रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। कीमतों में आए इस अचानक उछाल ने कई निवेशकों को अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग पर दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया है। अब आपको यह तय करना है कि क्या बैंक एफडी (FD) से पैसा निकालकर सोने में लगाना इस वक्त समझदारी होगी या नहीं।
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स अक्सर कुल निवेश का 10 प्रतिशत हिस्सा सोने जैसी कीमती धातुओं में रखने की सलाह देते हैं। अगर आपकी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) अच्छा परफॉर्म कर रही है, तो उसे बिल्कुल बंद न करें। इसके बजाय, अपने पोर्टफोलियो को बैलेंस करने के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) या गोल्ड ईटीएफ (ETF) पर विचार करें। फिजिकल गोल्ड या भारी-भरकम ज्वेलरी के मुकाबले इन विकल्पों में निवेश को कैश में बदलना (liquidity) कहीं ज्यादा आसान होता है।

FD vs SIP vs SGB vs ETF: कहां मिलेगा बेहतर रिटर्न?
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और गोल्ड में से किसी एक को चुनना आपके रिस्क प्रोफाइल पर निर्भर करता है। हालांकि FD में गारंटीड रिटर्न मिलता है, लेकिन बढ़ती महंगाई के सामने यह अक्सर फीकी पड़ जाती है। दूसरी ओर, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) मैच्योरिटी पर एक्स्ट्रा ब्याज और टैक्स बेनिफिट्स भी देता है। लंबी अवधि में सुरक्षा और वेल्थ क्रिएशन के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।
| एसेट का प्रकार | अनुमानित रिटर्न | टैक्स बेनिफिट | लिक्विडिटी |
|---|---|---|---|
| फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) | 6.5-7.5% | कुछ नहीं | ज्यादा |
| इक्विटी SIP | 12-15% | टैक्स लागू | ज्यादा |
| SGB | कीमत में बढ़त + 2.5% | ज्यादा | कम |
| गोल्ड ETF | मार्केट के अनुसार | कम | ज्यादा |
सोने की कीमतों में उछाल के बीच क्या हो आपकी स्ट्रैटेजी?
आज जब कीमतें आसमान छू रही हैं, तो एक साथ बड़ी रकम (lump sum) निवेश करने से बचना चाहिए। इसके बजाय, जब भी मार्केट में थोड़ी गिरावट (correction) आए, तब धीरे-धीरे सोने में एंट्री करें। रिसर्च बताती है कि बहुत ज्यादा तेजी के पीछे भागने से भविष्य में रिटर्न कम मिलने की संभावना रहती है। महंगे सोने में पैसा लगाने से पहले अपने मौजूदा डेट फंड्स की स्थिति का आकलन जरूर कर लें।
जिन निवेशकों को कम समय के लिए पैसा लगाना है, उनके लिए गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) बेहतर है क्योंकि इससे बाहर निकलना आसान है। सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले लोग अपनी FD या रिकरिंग डिपॉजिट (RD) की रकम थोड़ी बढ़ा सकते हैं। वहीं, बैलेंस्ड पोर्टफोलियो वाले लोगों को रिस्क कम करने के लिए इक्विटी और गोल्ड का सही मिश्रण बनाए रखना चाहिए। फिजिकल गोल्ड खरीदने से पहले अपने शहर के स्थानीय भाव जरूर चेक करें।
सही समय पर निवेश के लिए सेंट्रल बैंकों की नीतियों पर नजर रखें। सोना निवेश के लिए एक अच्छा 'हेज' (सुरक्षा कवच) तो है, लेकिन यह आपके मुख्य इक्विटी निवेश की जगह नहीं ले सकता। पोर्टफोलियो में विविधता (Diversification) रखें ताकि आप तेजी का फायदा भी उठा सकें और आपकी पूंजी भी सुरक्षित रहे। मार्केट की समझदारी इसी में है कि रिकॉर्ड हाई पर खरीदारी करने के बजाय गिरावट के दौरान निवेश किया जाए।
More From GoodReturns

SEBI का नया नॉमिनेशन नियम: 1 सितंबर से पहले ये काम नहीं किया तो अटक सकता है आपका निवेश

सोने के दाम में आज फिर तेजी: 26 अगस्त को क्या महंगा हुआ सोना? जानें 22 और 24 कैरेट के ताजा रेट

IPO Alert: आज से 3 कंपनियों के IPO में दांव लगाने का मौका, चेक करें प्राइस बैंड और GMP की पूरी डिटेल

29 अगस्त को सोना हुआ सस्ता: क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा रेट

Gold-Silver Price Today: 25 अगस्त को सोने-चांदी के भाव स्थिर, खरीदारी से पहले देखें लेटेस्ट रेट्स

ओणम शॉपिंग: आज रात खत्म हो रहे हैं ये बैंक ऑफर्स, जल्दी उठाएं फायदा

28 अगस्त को सोने के दाम में हल्की नरमी, जानें आपके शहर में क्या है 22K और 24K का ताजा भाव?

UPI के 10 साल: टैप एंड पे, क्रेडिट लाइन और नई लिमिट्स, जानें कैसे उठाएं इन फीचर्स का फायदा

शुगर स्टॉक लिमिट: 4000 क्विंटल से ज्यादा चीनी रखी तो होगी कार्रवाई, जानें क्या है नया नियम

F&O ट्रेडिंग में बड़ा बदलाव: गुरुवार नहीं, अब सोमवार को होगी एक्सपायरी, इन 5 बातों का रखें ध्यान

Gold Rate Today: सोमवार को सोने के भाव में स्थिरता या बदलाव? जानें 22 और 24 कैरेट के ताजा रेट



Click it and Unblock the Notifications