दिवाली पर सोना खरीदने की जल्दबाजी न करें: SGB, ETF और सिक्कों में से क्या है आपके लिए बेस्ट?

दिवाली के मौके पर सोने की खरीदारी अपने चरम पर होती है, लेकिन जल्दबाजी में लिया गया फैसला आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। आज भारत में फेस्टिव सीजन के दौरान गोल्ड में निवेश करने के तीन मुख्य रास्ते हैं— सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB), गोल्ड ईटीएफ (ETF) और सोने के सिक्के। इन तीनों में ही लागत, तरलता (लिक्विडिटी) और टैक्स के नियम काफी अलग हैं। आपकी इसी उलझन को दूर करने के लिए हम लाए हैं यह आसान गाइड, ताकि आप किसी भी छुपे हुए खर्च या नुकसान से बच सकें।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की अवधि 8 साल की होती है, जिस पर सालाना 2.5 फीसदी का फिक्स्ड ब्याज मिलता है। इसमें 5वें साल के बाद कूपन भुगतान की तारीख पर ही पैसे निकालने का विकल्प मिलता है। वहीं, गोल्ड ईटीएफ को डिमैट अकाउंट के जरिए शेयर बाजार की तरह दिन में कभी भी खरीदा-बेचा जा सकता है, हालांकि इस पर ब्रोकरेज और एक्सपेंस रेशियो देना होता है। अगर आप सोने के सिक्के खरीदते हैं तो इसकी कुल वैल्यू पर 3 फीसदी जीएसटी लगता है, जबकि गहनों पर मेकिंग चार्ज समेत पूरे बिल पर जीएसटी देना पड़ता है।

Gold Investment Guide 2026: SGB vs ETF vs Gold Coins - Which is the Best Option for You?

SGB बनाम सिक्के बनाम ETF: किसमें कितनी लागत, टैक्स और लिक्विडिटी?

सोने की मौजूदा कीमत से कहीं ज्यादा मायने यह रखता है कि उसमें निवेश की लागत कितनी आ रही है, उसे बेचना कितना आसान है और एग्जिट पर कितना टैक्स लगेगा। SGB से मिलने वाले ब्याज पर आपके इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है, लेकिन मैच्योरिटी पर RBI से मिलने वाला रिडेम्पशन पूरी तरह से कैपिटल गेंस टैक्स फ्री होता है। 1 अप्रैल 2023 या उसके बाद खरीदे गए गोल्ड ईटीएफ पर भी टैक्स स्लैब के हिसाब से ही टैक्स लगता है। सोने के सिक्कों पर सामान्य कैपिटल गेंस के नियम लागू होते हैं। ध्यान रखें, गहनों की खरीदारी पर HUID नंबर, बड़े बिलों पर PAN कार्ड और ईटीएफ के लिए डिमैट अकाउंट जरूरी है।

विकल्पशुरुआती लागतलिक्विडिटी / लॉक-इनएग्जिट पर टैक्ससुरक्षा और KYC
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB)इश्यू प्राइस; कोई जीएसटी नहीं; लिस्टेड यूनिट खरीदने पर ही ब्रोकरेज8 साल की अवधि; 5वें साल से कूपन डेट पर निकलने का विकल्प; एक्सचेंज पर लिक्विडिटी कमब्याज पर टैक्स लगेगा; इंडिविजुअल के लिए RBI रिडेम्पशन टैक्स-फ्री; एक्सचेंज पर बिक्री पर टैक्स लागूबैंक/पोस्ट ऑफिस KYC; डिमैट या सर्टिफिकेट फॉर्म में रख सकते हैं
गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF)ब्रोकरेज, बिड-आस्क स्प्रेड; सालाना एक्सपेंस रेशियो; कोई जीएसटी नहींइंट्राडे ट्रेडिंग संभव; लिक्विडिटी वॉल्यूम और स्प्रेड पर निर्भर1 अप्रैल 2023 या उसके बाद खरीदी गई यूनिट्स पर टैक्स स्लैब अनुसार टैक्स; इंडेक्सेशन का फायदा नहींडिमैट और ब्रोकर अकाउंट; स्टैंडर्ड KYC
सोने के सिक्के (Gold Coin)वैल्यू पर 3% जीएसटी; मेकिंग/मिंटिंग चार्ज; सर्राफा बाजार में बायबैक पर कटौतीज्वैलर को तुरंत बेच सकते हैं; हर दुकान की शर्तें अलग-अलगहोल्डिंग अवधि के आधार पर कैपिटल गेंस टैक्स; कोई विशेष छूट नहींBIS रजिस्टर्ड ज्वैलर से ही खरीदें; पक्का बिल और शुद्धता का प्रमाण लें; गहनों पर HUID लागू

SGB का ब्याज बनाम बैंक FD: 5, 10 और 15 साल के रिटर्न की तुलना

बैंक एफडी (FD) की तुलना में SGB पर मिलने वाला 2.5 फीसदी का ब्याज कम लग सकता है। RBI के मुताबिक जून 2026 में नए टर्म डिपॉजिट पर वेटेड एवरेज रेट 5.99 फीसदी दर्ज किया गया था। नीचे दी गई टेबल में 1 लाख रुपये के निवेश पर मिलने वाले तय ब्याज की तुलना की गई है (इसमें सोने की कीमतों में होने वाले बदलाव और री-इन्वेस्टमेंट को शामिल नहीं किया गया है)। इससे आपको अलग-अलग समय में होने वाली निश्चित आय का अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी।

विकल्पतय ब्याज का आधार5 साल10 साल15 साल
केवल SGB ब्याज (₹1,00,000)मूलधन पर 2.5% साधारण ब्याज₹12,500₹25,000₹37,500
बैंक FD (WADTDR 5.99%)5.99% सालाना कम्पाउंडिंग₹33,759₹78,916₹1,39,317

सोने को अपने पोर्टफोलियो में स्थिरता लाने का जरिया मानें, न कि सिर्फ कमाई का जरिया। ज्यादातर फाइनेंशियल प्लानर्स पोर्टफोलियो का 5 से 10 फीसदी हिस्सा ही गोल्ड में रखने की सलाह देते हैं। आप सिप (SIP) के जरिए धीरे-धीरे निवेश कर सकते हैं या फेस्टिव सीजन में एकमुश्त रकम सोच-समझकर लगा सकते हैं। खरीदारी करते वक्त पक्का बिल, सोने की शुद्धता और HUID कोड जरूर चेक करें। अपनी जरूरत, टैक्स स्लैब और लिक्विडिटी के हिसाब से ही सही विकल्प चुनें।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+