नई दिल्ली। दुनिया में कोरोना महामारी का कहर हो या विश्व युद्ध जैसे हालात। लेकिन गोल्ड ने कभी भी निवेशकों को निराश नहीं किया है। ऐसा ही इस बार भी हुआ है। जब कोरोना महामारी अपनी चरम पर दिख रही और लॉकडाउन के चलते शेयर बाजार बैठा हुआ है, गोल्ड ने इस दौर में भी निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। जहां तक सिर्फ अप्रैल 2020 की बात की जाए तो इसने करीब 5.93 फीसदी का रिटर्न दिया है। इतना रिटर्न एसबीआई की एक साल की एफडी पर भी नहीं मिल रहा है। ऐसे में आइये जानते है कि गोल्ड में निवेश करने वालों को कितना फायदा मिला है। गोल्ड की मांग आगे कैसी, जिस पर गोल्ड का रेट टिका होता है, इस पर वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने एक रिपोर्ट जारी की है। आगे उसे भी जानते हैं।
जानिए अप्रैल में सोने के रेट
देश में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर गोल्ड का ऑनलाइन कारोबार होता है। यहां पर कारोबार भी ट्रेड करते हैं और अपनी जरूरत का सोना यहां से खरीदते हैं। इसी एमसीएक्स पर गोल्ड का रेट 30 अप्रैल को 45733 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। हालांकि अप्रैल की अंतिम लगातार 3 दिनों तक सोने का रेट गिरा था। फिर भी गोल्ड ने सिर्फ अप्रैल में करीब 6 फीसदी का रिटर्न दर्ज किया। अप्रैल की शुरुआत में गोल्ड का रेट 42804 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था।
अप्रैल में ऑल टाइम हाई भी बनाया था गोल्ड ने
गोल्ड ने एमसीएक्स में अपना ऑल टाइम हाई भी अप्रैल में ही बनाया था। गोल्ड ने एमसीएक्स में अप्रैल माह के दौरान 46385 रुपये प्रति 10 ग्राम का बनाया था। अगर गोल्ड के रेट में यह गिरावट न आती हो रिटर्न का पिछला रिकॉड भी टूटता।
इससे पहले कब बढ़ा था एक महीने ऐसा रेट
गोल्ड का रेट इससे पहले अगस्त 2019 में तेजी से बढ़ा था। यह वह वक्त था जब अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर चल रहा था। इसी दौरान अगस्त 2019 में गोल्ड ने करीब 6.1 फीसदी का रिटर्न दिया था। अगर गोल्ड ने अप्रैल 2020 में अपना ऑल टाइम हाई बनाए का स्तर बनाए रखा होता तो यह रिकॉर्ड भी टूट गया होता।
जानिए वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की राय
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की नवीनतम मांग को लेकर जारी रिपोर्ट के अनुसार कुल वैश्विक सोने की निवेश मांग में साल-दर-साल 80 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसमें मार्च 2020 में समाप्त तिमाही में गोल्ड बार, सिक्के और गोल्ड ईटीएफ निवेश शामिल हैं। इस दौरान गोल्ड की मांग 539.6 मीट्रिक टन रही, जो 4 साल के उच्च स्तर पर है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार मांग में बढ़ोतरी का कारण सोने को सुरक्षित निवेश का विकल्प समझा जाना है।


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