नई दिल्ली। जब से कोरोना महामारी फैली है, गोल्ड का रेट लगातार तेजी दिखा रहा है। जानकारों का मानना है कि दुनियाभर में कारोबारी गतिविधियां थम सी गई हैं, ऐसे में निवेशक अपना पैसा सुरक्षित जगह पर लगाना चाह रहे हैं। यही कारण है कि सोने के रेट में लगातार तेजी बनी हुई है। इसके अलावा अमेरिका-चीन के बीच तकरार से भी सोने को सपोर्ट मिल रहा है। बीते 2 सप्ताह के दौरान अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार में सोना ने 186 डॉलर प्रति औंस तक की उछला है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि गोल्ड इस हफ्ते कॉमेक्स पर 2000 डॉलर प्रति औंस का स्तर देख सकता है। गोल्ड अपने इस स्तर से महज 25 डॉलर दूर है।
ये रहा है भारत में गोल्ड का रेट
दूसरी तरफ, भारत में सोना 54000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को तोड़ फिर एक नया रिकॉर्ड बना सकता है। घरेलू वायदा बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर बीते सप्ताह सोने का भाव रिकॉर्ड 53,920 रुपये प्रति 10 ग्राम तक उछला था। एमसीएक्स पर चांदी का भाव बीते सप्ताह 28 जुलाई को 67,560 रुपये प्रति किलो तक उछला था। कमोडिटी बाजार के जानकार बताते हैं कि सोने में मजबूती रहने की पूरी संभावना है। ऐसे में इसी हफ्ते गोल्ड 2000 डॉलर प्रति औंस का स्तर तोड़कर नया रिकॉड बना सकता है। हालांकि ऐसा होने पर मुनाफावसूली बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
कॉमेक्स पर ये रहा था गोल्ड का स्तर
कॉमेक्स पर सोने का भाव बीते शुक्रवार को वायदे में 1981.10 डॉलर प्रति औंस तक उछला था, जबकि जोकि एक सप्ताह पहले की क्लोजिंग के मुकाबले 80 डॉलर ज्यादा था। इससे पूर्व सप्ताह में सोने का भाव कॉमेक्स पर 90 डॉलर प्रति औंस तक उछला था और बीते दो सप्ताह के निचले और उपरी स्तर को देखें तो सोने ने 186 डॉलर प्रति औंस की छलांग लगाई है। एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट अनुज गुप्ता कहते हैं कि अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तकरार और कोरोनावायरस के गहराते प्रकोप से सोने और चांदी में तेजी आगे भी बनी रह सकती है। उन्होंने कहा कि इस बात की पूरी संभावना दिख रही है कि कॉमेक्स पर सोना 2000 डॉलर प्रति औंस के स्तर को तोड़ेगा, जबकि भारत में 54000 रुपये प्रति 10 ग्राम का मनोवैज्ञानिक स्तर टूटेगा।
ऊंचे रेट पर मुनाफावसूली संभव
हालांकि इतने उंचे भाव पर मुनाफावसूली हावी हो सकती है। सर्राफा बाजार विशेषज्ञ और जेम एंड ज्वेलरी ट्रेड काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रेसीडेंट शांतिभाई पटेल ने बताया कि महंगी धातु की निवेश मांग लगातार बनी हुई है जिससे कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। केंद्रीय बैंकों द्वारा कोरोना काल में ब्याज दरों में कटौती करने और अमेरिकी डॉलर में लगातार बनी कमजोरी का फायदा पीली धातु को मिल रही है। वहीं, चांदी के औद्योगिक मांग को देखते हुए इसकी कीमतों में तेजी बनी हुई है। कोरोनावायरस संक्रमण के कारण खनन में आई बाधा से चांदी की सप्लाई को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
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