नयी दिल्ली। गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) इस समय आकर्षक कीमतों पर हैं। इनमें से कुछ अपने सबसे ऊंचे स्तरों से लगभग 20 प्रतिशत गिर गए हैं। ये गोल्ड ईटीएफ सोने की कीमतों को ट्रैक करते हैं और स्टॉक एक्सचेंजों पर खरीदे और बेचे जा सकते हैं। ये सोने को बार, सिक्कों और गहनों जैसी फिजिकल फॉर्म में खरीदने से बहुत बेहतर हैं। फिजिकल फॉर्म में सोने रखने पर चोरी से लेकर लॉकर चार्ज और खरीदने-बेचने पर मार्जिन जैसी कई अड़चनें आती हैं। इसलिए फिजिकल फॉर्म में गोल्ड खरीदना सही नहीं है। इस समय सोने की कीमतें भी अपने सबसे ऊंचे स्तर से करीब 20 फीसदी सस्ती हो गयी हैं। ऐसे में ईटीएफ में पैसा लगा कर गोल्ड से कमाई की जा सकती है।
कैसे करें गोल्ड ईटीएफ में निवेश
जिस तरह शेयरों में निवेश किया जाता है, उसी तरह गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में भी पैसा लगाया जा सकता है। आप किसी ब्रोकर या ऑनलाइन (यदि आप ऑनलाइन ट्रेडिंग कर रहे हैं) के जरिए गोल्ड ईटीएफ में निवेश कर सकते हैं। गोल्ड ईटीएफ आसानी से उपलब्ध होते हैं और बहुत अधिक लिक्विड भी होते हैं। लिक्विड का मतलब है कि इन्हें खरीदने की तरह बेचना भी काफी आसान होता है।
कैसा रहा है गोल्ड ईटीएफ का प्रदर्शन
यदि ब्रोकिंग फर्म के पास आपका डीमैट और ट्रेडिंग खाता है, तो आप इन ईटीएफ को खरीद सकते हैं। अधिकांश गोल्ड ईटीएफ का प्रदर्शन एक जैसा रहा है। इनमें थोड़ा-बहुत कम या ज्यादा एक ही जैसा रिटर्न रहा है। इसलिए आप किसी भी गोल्ड ईटीएफ को चुन सकते हैं। बाकी यहां कुछ गोल्ड ईटीएफ हैं जिन्हें आप खरीद सकते हैं।
ये हैं बेस्ट 4 ऑप्शन :
- कोटक गोल्ड फंड रेगुलर प्लान
- आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल रेगुलर गोल्ड सेविंग्स फंड
- एचडीएफसी गोल्ड फंड
- निप्पॉन इंडिया ईटीएफ गोल्ड बीज
सोने में गिरावट से कमाई का मौका
सोने की कीमतों में गिरावट ने इनमें से कुछ गोल्ड ईटीएफ को बहुत आकर्षक बना दिया है। हालांकि सोने की कीमतों में लगातार गिरावट के कारण इन ईटीएफ के रिटर्न भी कम हुए हैं। मगर आगे इनमें पैसा कमाने की बहुत अच्छी संभावना है। वैसे लंबी अवधि में इक्विटी मार्केट ने गोल्ड ईटीएफ की तुलना में बेहतर रिटर्न जनरेट किया है। मगर सोना आपके निवेश पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन लाता है। इसलिए केवल इक्विटी में पैसा लगाना अच्छा आइडिया नहीं है। यह याद रखना जरूरी है कि गोल्ड ईटीएफ में निवेश करते समय सोने की कीमतें अहम होती हैं।
क्यों गिरे सोने के दाम
जैसा कि पहले बताया गया है भारत में सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तरों से लगभग 20% कम हो गई हैं। केंद्रीय बजट में सोने पर शुल्क घटा दिया जिससे कीमतों में कमी आई। इसके अलावा सोने की अंतर्राष्ट्रीय कीमतें भी गिर गई हैं, जिससे सोने की कीमतें काफी उचित स्तर पर आ गई हैं। असल में एक चिंता यह है कि दुनिया भर में मुद्रास्फीति बढ़ेगी, जिससे बांड यील्ड में वृद्धि हुई है। इसके कारण पिछले एक महीने में सोने की कीमत में भारी गिरावट आई है। सोने ने लंबी अवधि में निवेशकों को बढ़िया रिटर्न दिया है। इसलिए यदि आप 5 से 10 साल की अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं, तो सोना बढ़िया ऑप्शन है। छोटी अवधि के निवेशकों के लिए, इक्विटी एक बेहतर विकल्प हो सकता है।


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