Ganesh Chaturthi 2024 Special: गणेश चतुर्थी के साथ ही देशभर में त्यौहारी सीजन की शुरुआत हो गई है. आज गणेश चतुर्थी का यह शुभ दिन सही फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए सबसे अच्छा है. भगवान गणेश के आशीर्वाद से जुड़े सूचित निर्णय लेने के लिए एकदम सही है. इस मौसम में बाजार की गतिविधि में आम तौर पर तेजी देखी जाती है. इसमें ग्रोथ के मौके मिलते हैं. हाल ही के आंकड़े इस त्यौहारी फाइनेंशियल रेखांकित करते हैं.
डिज्नी+ हॉटस्टार के फेस्टिव शॉपिंग सेंटीमेंट सर्वे के मुताबिक कंज्युमर खर्च में पिछले साल की तुलना में 47% की बढ़ने का अनुमान है. इसे मिलेनियल्स लीड कर रहे हैं, जिसमें महिला खरीदारों का अपने बजट में 70% की वृद्धि करने की उम्मीद है, जो कपड़े, मोबाइल फोन, फूड और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स कैटेगरी पर फोकस करते हैं. ऐसे में गणेश चतुर्थी पर अपनी फाइनेंशियल स्ट्रैटेजिक कदम उठाने का सही समय है...
स्पष्ट वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करें
गणेश जी की तरह बुद्धिमानी दिखाते हुए भविष्य के लिए फाइनेंशियल लक्ष्य तय करें. उदाहरण के लिए औसत भारतीय रिटायरमेंट फंड की जरूरत लगभग 1.5 से 2 करोड़ रुपए है, जोकि लाइफस्टाइल ऑप्शन पर निर्भर करता है. इसके लिए अपने गोल्स को पहचानें. इसके तहत चाहे वह रिटायरमेंट के लिए सेविंग करना हो, अपने बच्चों के एजुकेशन के लिए पैसा जुटाना हो या फिर घर खरीदना हो. इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए रणनीतिक योजना बनाने में आपकी मदद कर सकता है.
एक्सपर्ट्स की सलाह लें और वित्तीय अनुशासन का अभ्यास करें
चूंकि भक्तगण गणेश जी का मार्गदर्शन चाहते हैं, इसलिए जटिल आर्थिक लैंडस्केप को समझने के लिए एनलिस्ट्स वित्तीय सलाह लेना अहम है. SEBI के एक सर्वेक्षण के मुताबिक केवल 27% भारतीय ही वित्तीय रूप से साक्षर हैं, जो जरूरी फाइनेंशियल जरूरतों को दर्शा रहा है. ऐसे में जरूरी है तरह-तरह के कॉलम या ऐप के जरिए फाइनेंशियल प्लानिंग की समझ को बढ़ाया जाए.
एक्सपर्ट्स सलाह के अलावा गणेश जी की बुद्धि हमें वित्तीय अनुशासन का महत्व भी सिखाती है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की रिपोर्ट के अनुसार भारत में घरेलू बचत दर सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 30% है, जो अनुशासित बचत आदतों के महत्व को दर्शा रहा है.

कर्ज को कुशलतापूर्वक मैनेज करें
गणेश चतुर्थी बाधाओं को दूर करने और लोन को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने के बारे में है, जो वित्तीय कल्याण की कुंजी है. भारत का घरेलू डेट-टू-GDP अनुपात 2023 में 37.7% था. अपने कर्जों का आकलन करने के लिए इस समय का उपयोग करें, चाहे वह क्रेडिट कार्ड, लोन या गिरवी हो. उन्हें कुशलतापूर्वक चुकाने की स्ट्रैटेजी को डेवलप करें.
बुद्धिमानी से निवेश करें
अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाकर अपनी निवेश रणनीति में गणेश जी का आशीर्वाद प्राप्त करें. 2024 तक भारतीय इक्विटी बाजार ने पिछले दशक में औसतन 12-15% का सालाना रिटर्न दिया है. अपने लॉन्ग टर्म लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाने के लिए इक्विटी, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड-इनकम इंस्ट्रूमेंट्स के संतुलित मिक्स पर विचार करें.
निरंतर सीखने को प्राथमिकता दें
जिस तरह गणेश को बुद्धि के देवता के रूप में पूजा जाता है, उसी तरह वित्तीय सफलता के लिए निरंतर सीखना महत्वपूर्ण है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की रिपोर्ट के अनुसार केवल 2% भारतीय ही इक्विटी बाजारों में भाग लेते हैं. हाल के फाइनेंशियल ट्रेंड और इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी के बारे में जानकारी रखना अपनी आदत बना लें.
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