घर में जब बेटी का जन्म होता है तो सबलोग उसे घर की लक्ष्मी बताते है जोकि उसका घर में आना किसी लक्ष्मी से कम भी नहीं है। वहीं, कई लोगों के मन में उनके जन्म के बाद फाइनेंशियल दबाव देखने को मिलता है जिसे देखते हुए, केंद्र और राज्य सरकारें कई योजनाएं चला रही हैं।

इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य यह है कि बेटी के जन्म के बाद माता-पिता पर आर्थिक दबाव न पड़े और बच्ची की परवरिश, शिक्षा और विवाह के लिए उन्हें समय-समय पर वित्तीय मदद मिल सके।
केंद्र सरकार की योजनाएं
केंद्र सरकार की बालिका समृद्धि योजना गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत है। इस योजना के तहत बीपीएल परिवारों में जन्मी बच्चियों को 500 रुपए की तुरंत सहायता दी जाती है। इसके अलावा, जब बच्ची बड़ी होती है तो उसकी पढ़ाई और आगे की जरूरतों के लिए भी सरकार आर्थिक मदद करती है। इसी तरह, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को 5000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है ताकि मां और बच्चे दोनों का पोषण और स्वास्थ्य तय हो सके।
मध्य प्रदेश की लाडली लक्ष्मी योजना
मध्य प्रदेश सरकार की यह योजना बेटियों के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है। इसमें बच्ची के जन्म के बाद रजिस्ट्रेशन कराने पर अलग-अलग चरणों में कुल 1,43,000 रुपए की सहायता दी जाती है। यह राशि बच्ची की शिक्षा, हाई एजुकेशन और शादी के समय काम आती है।
उत्तराखंड और महाराष्ट्र की योजनाएं
उत्तराखंड की हमारी कन्या हमारा अभिमान योजना के तहत बेटी के जन्म पर 15,000 रुपए की सहायता दी जाती है। लेकिन इस फायदे के लिए बच्ची के जन्म के एक साल के भीतर पंजीकरण कराना जरूरी है। वहीं, महाराष्ट्र की माझी कन्या भाग्यश्री योजना में योग्य परिवारों को बेटी के जन्म पर 50,000 रुपए तक का फायदा मिलता है। इसका उद्देश्य परिवार को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना और बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करना है।
हरियाणा, बिहार और राजस्थान की योजनाएं
हरियाणा सरकार की आपकी बेटी हमारी बेटी योजना में बच्ची के जन्म के समय 21,000 रुपए की सहायता दी जाती है। बिहार की मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना के तहत 2000 रुपए की राशि बच्ची के नाम बैंक खाते में जमा की जाती है, जो 18 साल की उम्र में दी जाती है। वहीं, राजस्थान की मुख्यमंत्री राजश्री योजना में जन्म के समय 2500 रुपए और एक साल बाद फिर से 2500 रुपए दिए जाते हैं ताकि बच्ची की शुरुआती जरूरतें पूरी हो सकें।
उत्तर प्रदेश की भाग्य लक्ष्मी योजना
उत्तर प्रदेश की भाग्य लक्ष्मी योजना में बच्ची के जन्म पर माता-पिता को 50,000 रुपए का बॉन्ड दिया जाता है। यह बॉन्ड तब मैच्योर होता है जब बेटी 21 साल की हो जाती है, जिससे उसे भविष्य में आर्थिक मजबूती मिलती है।


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