नयी दिल्ली। मौजूदा कोरोनावायरस संकट के बीच लोग नौकरी खोने और सैलेरी में कटौती की वजह से फाइनेंशियल दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों में कई सेक्टरों की ढेरों कंपनियों में वेतन कटौती और नौकरियां जाने की खबरे सामने आई हैं। मगर कैपजेमिनी और एशियन पेंट्स जैसी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की सैलेरी बढ़ाई भी है, मगर ज्यादातर कंपनियों ने वेतन में कटौती और कर्मचारियों की छंटनी ही की है। माना जा रहा है कि अगले कुछ महीनों में ज्यादातर कोरोना संकट की गंभीरता के आधार पर कंपनियां वेतन कटौती और छंटनी कर सकती हैं। हालांकि आपको ऐसी मुसीबत की घड़ी में कुछ बातों पर ध्यान देना चाहिए ताकि आपकी वित्तीय हालत खराब न हो।
काबू में रखें खर्चे
महीने में सभी खर्चों की सूची बनाएं जिनमें किराया, लोन ईएमआई, राशन आदि शामिल हैं। फिर इस डेटा में से सबसे जरूरी चीजों को ऊपर रखें। जैसे कि लायबिलिटी, स्कूल फीस, बीमा प्रीमियम, किराया और खाने का राशि आदि। इसके बाद बाकी तमाम खर्चों को होल्ड पर रखें और अपने एक्स्ट्रा पैसे को बचा कर रखें।
इमरजेंसी फंड
यदि आपने अभी तक इमरजेंसी फंड नहीं बनाया है तो आपके लिए ऐसा करने का समय आ गया है। इस फंड को आप अपने घर की अलमारी न रखें। बल्कि पूरी तरह से सुरक्षित और लिक्विड इंस्ट्रूमेंट्स जैसे बैंक एफडी या लिक्विड म्यूचुअल फंड्स में निवेश करें। ताकि समय के साथ साथ आपकी पूंजी में बढ़ोतरी भी होती रहे।
अलग से मेडिकल इमरजेंसी फंड
मेडिकल इमरजेंसी जैसी स्थिति आपकी बचत को समाप्त कर देती है और यही कारण है कि मेडिकल खर्चों के लिए एक अलग मेडिकल इमरजेंसी फंड तैयार करना महत्वपूर्ण है। कोरोना संकट एक गंभीर स्थिति है और इसलिए इस प्रकार की बचत बहुत जरूरी है, खासकर यदि आपके घर में कोई वृद्ध या बीमार है तो। आप यह मान सकते हैं कि आपका मेडिकल बीमा इसकी देखभाल करेगा, लेकिन यह पर्याप्त नहीं हो सकता है। बेहतर है कि 5 लाख रुपये की राशि तक का एक अलग मेडिकल इमरजेंसी फंड हो।
लायबिलिटीज (लोन आदि)
किसी भी तरह की देनदारी अच्छी नहीं होती। मौजूदा समय के दौरान ये आपके कैशफ्लो पर भारी बोझ डाल सकती है। इसलिए बेहतर है कि अपनी देनिदारियों की लिस्ट बनाएं, जिनमें सबसे ऊपर सबसे अधिक ब्याज वाली देनदारी को रखें। आप अपने हिसाब से देनदारियों की कैटेगरी बना सकते हैं। इनकी लिस्ट बना कर सभी देनदारियों को चुकाने के तरीके खोजें।
बीमा पॉलिसियां
सुनिश्चित करें कि आपकी बीमा पॉलिसी पर्याप्त कवर प्रदान करती है और वे अप-टू-डेट हों। दो प्रकार के बीमा हमेशा महत्वपूर्ण होते हैं, जिनमें जीवन बीमा (शुद्ध-कवर टर्म बीमा) और स्वास्थ्य बीमा। सुनिश्चित करें कि आपके पास अपनी देनदारियों के साथ-साथ महत्वपूर्ण पारिवारिक वित्तीय लक्ष्यों को कवर करने के लिए पर्याप्त बीमा है। इसके अलावा जरूरी पर्सनल मेडिकल बीमा होना आवश्यक है। 20 लाख रुपये का कवर न्यूनतम होना चाहिए।
अपने फाइनेंस की समीक्षा करें
आपके लिए अपने फाइनेंस की समीक्षा करने का समय आ गया है। अच्छे समय में अपने पोर्टफोलियो में मौजूद गड़बड़ियों को अधिक मेहनत करके कवर किया जा सकता है। संकट के समय में आपको पैसे की आवश्यकता होती है। इसलिए बेकार, असफल संपत्ति और अन्य असफल निवेश से छुटकारा पाने के लिए अपने पोर्टफोलियो को क्लीन करें। अपने वित्तीय लक्ष्यों का पुनर्मूल्यांकन करें, अच्छे गोल सेट करें और अपने निवेशों को फिर से प्रबंधित करें।
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