फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरें 8.1 प्रतिशत तक पहुंचने के साथ ही भारतीय निवेशकों के सामने एक बड़ी उलझन खड़ी हो गई है। शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच RBI के रुख ने इन दरों को काफी आकर्षक बना दिया है। अब कई निवेशक सोच रहे हैं कि क्या सुरक्षित रिटर्न के लिए उन्हें अपनी SIP रोक देनी चाहिए। दरअसल, बैंकों के बीच नया डिपॉजिट जुटाने की होड़ मची है, जिसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिल रहा है।
बाजार की इस उठापटक के बीच बैंकों की मौजूदा दरें सुरक्षा का बेहतरीन भरोसा दे रही हैं। स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे ज्यादा ब्याज देकर बचत करने वालों की पहली पसंद बने हुए हैं। अधिकतम रिटर्न पाने के लिए 444 दिनों से लेकर 500 दिनों वाली स्पेशल स्कीम्स सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। वहीं, बड़े प्राइवेट बैंक भी इस हफ्ते आकर्षक दरों की पेशकश कर रहे हैं।

Fixed Deposit की दरें बनाम Equity SIP का रिटर्न
लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन के लिए आमतौर पर इक्विटी SIP को फिक्स्ड डिपॉजिट से बेहतर माना जाता है। हालांकि, बाजार में जारी मौजूदा गिरावट के दौर में फिलहाल FD का हाई रिटर्न ज्यादा सुरक्षित लग रहा है। कई समझदार निवेशक इस जोखिम को बेहतर तरीके से मैनेज करने के लिए 'ट्रांसफर प्लान' का सहारा ले रहे हैं। इससे वे बाजार में बड़ी गिरावट का इंतजार करते हुए अपना पैसा सुरक्षित जगह पार्क कर पाते हैं।
| बैंक की कैटेगरी | टॉप FD दरें | रिस्क प्रोफाइल |
|---|---|---|
| स्मॉल फाइनेंस बैंक | 8.0% - 9.0% | मध्यम |
| नए प्राइवेट बैंक | 7.5% - 8.1% | कम से मध्यम |
| सरकारी बैंक | 6.8% - 7.3% | बहुत कम |
बजट 2026 के नए टैक्स नियम भी निवेश के इन फैसलों को प्रभावित कर रहे हैं। FD से होने वाली कमाई पर आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है, जिससे आपका नेट प्रॉफिट कम हो जाता है। टैक्स कटने के बाद हाथ में आने वाली रकम अक्सर उम्मीद से कम रह जाती है। यही वजह है कि निवेशक 'लैडरिंग' (Laddering) तकनीक अपना रहे हैं ताकि कमाई के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर नकदी भी उपलब्ध रहे।
डिपॉजिट लैडरिंग और SIP के लिए खास स्ट्रैटेजी
लैडरिंग का मतलब है अपने पैसे को एक साथ निवेश करने के बजाय अलग-अलग समय अवधि (tenures) की FD में बांट देना। अगर RBI साल के अंत में ब्याज दरें बढ़ाता है, तो यह तरीका आपको सुरक्षा देता है। साथ ही, इससे हर कुछ महीनों में आपके पास अपनी जरूरतों के लिए पैसा भी आता रहता है। पोर्टफोलियो में स्थिरता बनाए रखने के लिए मंथली RD प्लान भी काफी मददगार साबित होते हैं।
SIP और FD में से किसे चुनें, यह पूरी तरह आपके लाइफ गोल्स पर निर्भर करता है। 8.1 प्रतिशत का रिटर्न भले ही अच्छा लगे, लेकिन महंगाई को मात देने के लिए शेयर बाजार का साथ जरूरी है। बाजार की इस अस्थिरता में अपने निवेश को अलग-अलग जगहों पर बांटना (Diversification) ही सबसे सही रणनीति है। अगली अपडेट आने से पहले ऊंची दरों का फायदा उठाएं और निवेश के सफर को जारी रखें।


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