नई दिल्ली, अगस्त 1। निवेश में आसानी और स्पष्टता, गारंटीड रिटर्न, मनाचाही निवेश अवधि और हाई लिक्विडिटी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) को देश में मौजूद सबसे लोकप्रिय निवेश ऑप्शनों में से एक बनाते हैं। खास कर वरिष्ठ नागरिकों के लिए, जो जोखिम से बचने वाले निवेशकों की कैटेगरी में आते हैं और एफडी रिटर्न पर भरोसा करते हैं। एफडी में निवेश के लिहाज से कोई जोखिम भी नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) पिछले एक साल से अधिक समय से रेपो दर को 4% के निचले स्तर पर बरकरार रखे हुए है। इसलिए कई बैंकों ने अपनी एफडी ब्याज दरों को कम कर दिया है। दूसरी बात एफडी पर मिलने वाले रिटर्न पर टैक्स लगता है, जिससे आपका रिटर्न और कम हो सकता है। इसलिए उन बैकों की तलाश करें, जहां एफडी पर अधिक ब्याज मिलेगा।
कहां मिल सकता है ज्यादा ब्याज
अभी भी कुछ निजी और स्मॉल फाइनेंस बैंक हैं, जो इस समय एवरेज एफडी दरों से अधिक ब्याज की पेशकश कर रहे हैं। निवेशक पूरी तरह से जोखिम पर विचार करने के बाद इन बैंकों की एफडी में पैसा लगा सकते हैं। जोखिम पर विचार इसलिए क्योंकि बैंक जितना छोटा होगा, उसकी अस्थिरता की संभावना अधिक होगी। स्मॉल फाइनेंस या छोटे प्राइवेट बैंक में एफडी थोड़ा जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए ही सही ऑप्शन है।
अपनाएं ये खास तकनीक
निवेश अपने बेनेफिट को अधिकतम बनाने के लिए निवेशक 'एफडी लैडरिंग' तकनीक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इस तकनीक के तहत आप अलग-अलग अवधि की कई एफडी (अलग-अलग बैंकों में) में अपना पैसा निवेश कर सकते हैं। बजाय इसके कि आप अपने पूरे फंड को एक ही बैंक की एक ही एफडी में निवेश करें। इस तकनीक के अपने फायदे हैं।
एक उदाहरण से समझिए
उदाहरण के लिए अगर आप 5 लाख रुपये का निवेश करना चाहते हैं, तो इसे 5 साल के लिए एक ही एफडी में निवेश करने के बजाय 1-1 लाख रुपये की पांच एफडी में निवेश करें। पहली एफडी की अवधि 1 वर्ष, दूसरी की 2 वर्ष, तीसरी की 3 वर्ष, चौथी की 4 वर्ष और पाँचवीं की 5 वर्ष की हो सकती है। निवेश लूप बनाने के लिए यदि संभव हो तो मैच्योरिटी पर आपको अपनी एफडी का पुनर्निवेश भी करना चाहिए। यह तरीका आपको सालाना ब्याज इनकम दिलाता रहेगा।
1 करोड़ रु से कम की एफडी
यदि आप एफडी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो आगे हम 10 प्राइवेट बैंकों की लिस्ट शेयर करने जा रहे हैं, जिनमें यस बैंक, एक्सिस बैंक, आरबीएल बैंक और डीसीबी बैंक शामिल हैं। ये बैंक इस समय 1 करोड़ रु से कम की 5 वर्षों तक की एफडी पर सबसे अधिक ब्याज दे रहे हैं। ध्यान रहे कि वरिष्ठ नागरिकों को आम तौर पर सामान्य निवेशकों के मुकाबले आधा फीसदी तक अधिक ब्याज मिलता है।
चेक करें ब्याज दरें
डीसीबी बैंक में 5.70-6.50 फीसदी, इंडसइंड बैंक में 5.50-6.50 फीसदी, आरबीएल बैंक में 5.40-6.50 फीसदी, यस बैंक में 5.25-6.50 फीसदी, टीएनएससी बैंक में 5.75-6.00 फीसदी, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 5.25-6.00 फीसदी, करुर वैश्य बैंक में 4.25-6.00 फीसदी, एक्सिस बैंक में 4.40-5.75 फीसदी, साउथ इंडियन बैंक में 4.50-5.65 फीसदी और फेडरल बैंक में 4.40-5.60 फीसदी ब्याज मिल रहा है।


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